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Kaushambi News: निजी अस्पताल में महिला की मौत, लापरवाही का आरोप
Fri, 23 Oct 2026 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 23 Oct 2026 12:53 AM IST
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अस्पताल का निरीक्षण करती स्वास्थ्य टीम। संवाद,
पिपरी कोतवाली के तिल्हापुर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार देर शाम बुखार से पीड़ित महिला की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। महिला के पति की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विभाग ने अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण देने और जांच के लिए अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
चरवा क्षेत्र के कूड़ापुर गांव निवासी विजेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, उनकी पत्नी सुमीला देवी (40) को बुखार आने पर मंगलवार शाम निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि भर्ती के बाद उनका समुचित इलाज नहीं किया गया। लापरवाही की वजह से बुधवार देर शाम महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजन रोने-बिलखने लगे। घर में भी चीख-पुकार मच गई।
सुमीला के पति ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ थाने में लापरवाही से इलाज करने की वजह से मौत होने संबंधी तहरीर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर चंद्र भूषण मौर्य ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को भी सूचना दी गई है।
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स्वास्थ्य टीम ने जांचे अभिलेख
महिला की मौत के मामले में सीएमओ डॉ. संजय कुमार सिंह ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर रिपोर्ट तलब की है। बृहस्पतिवार सुबह जांच टीम के उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह, नोडल अधिकारी पंजीकरण डॉ. अशोक मौर्य और डॉ. ललित सिंह अस्पताल पहुंचे। टीम ने अस्पताल का निरीक्षण कर उपलब्ध अभिलेखों और व्यवस्थाओं की जांच की। इसके बाद संचालक को नोटिस जारी किया गया। उन्हें तीन दिन के भीतर सीएमओ कार्यालय में अभिलेखों सहित उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। विभाग के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल का एक कमरा करीब दो साल से है सील
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौके पर अस्पताल का एक कमरा सील मिला। पूछताछ में पता चला कि करीब दो वर्ष पहले किसी मामले में सील बंदी की कार्रवाई की गई थी। मामला क्या था, इस बारे में लोग बोलने से बचते रहे। सीएमओ डॉ. संजय कुमार के मुताबिक जांच में दोषी पाए जाने पर अस्पताल भी सील किया जा सकता है। कमरे में सील क्यों लगी, इस बारे में जानकारी नहीं है।
चायल। पिपरी कोतवाली के तिल्हापुर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार देर शाम बुखार से पीड़ित महिला की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। महिला के पति की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विभाग ने अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण देने और जांच के लिए अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
चरवा क्षेत्र के कूड़ापुर गांव निवासी विजेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, उनकी पत्नी सुमीला देवी (40) को बुखार आने पर मंगलवार शाम निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि भर्ती के बाद उनका समुचित इलाज नहीं किया गया। लापरवाही की वजह से बुधवार देर शाम महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजन रोने-बिलखने लगे। घर में भी चीख-पुकार मच गई।
सुमीला के पति ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ थाने में लापरवाही से इलाज करने की वजह से मौत होने संबंधी तहरीर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर चंद्र भूषण मौर्य ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को भी सूचना दी गई है।
स्वास्थ्य टीम ने जांचे अभिलेख
महिला की मौत के मामले में सीएमओ डॉ. संजय कुमार सिंह ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर रिपोर्ट तलब की है। बृहस्पतिवार सुबह जांच टीम के उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह, नोडल अधिकारी पंजीकरण डॉ. अशोक मौर्य और डॉ. ललित सिंह अस्पताल पहुंचे। टीम ने अस्पताल का निरीक्षण कर उपलब्ध अभिलेखों और व्यवस्थाओं की जांच की। इसके बाद संचालक को नोटिस जारी किया गया। उन्हें तीन दिन के भीतर सीएमओ कार्यालय में अभिलेखों सहित उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। विभाग के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल का एक कमरा करीब दो साल से है सील
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौके पर अस्पताल का एक कमरा सील मिला। पूछताछ में पता चला कि करीब दो वर्ष पहले किसी मामले में सील बंदी की कार्रवाई की गई थी। मामला क्या था, इस बारे में लोग बोलने से बचते रहे। सीएमओ डॉ. संजय कुमार के मुताबिक जांच में दोषी पाए जाने पर अस्पताल भी सील किया जा सकता है। कमरे में सील क्यों लगी, इस बारे में जानकारी नहीं है
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चरवा क्षेत्र के कूड़ापुर गांव निवासी विजेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, उनकी पत्नी सुमीला देवी (40) को बुखार आने पर मंगलवार शाम निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि भर्ती के बाद उनका समुचित इलाज नहीं किया गया। लापरवाही की वजह से बुधवार देर शाम महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजन रोने-बिलखने लगे। घर में भी चीख-पुकार मच गई।
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सुमीला के पति ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ थाने में लापरवाही से इलाज करने की वजह से मौत होने संबंधी तहरीर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर चंद्र भूषण मौर्य ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को भी सूचना दी गई है।
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स्वास्थ्य टीम ने जांचे अभिलेख
महिला की मौत के मामले में सीएमओ डॉ. संजय कुमार सिंह ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर रिपोर्ट तलब की है। बृहस्पतिवार सुबह जांच टीम के उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह, नोडल अधिकारी पंजीकरण डॉ. अशोक मौर्य और डॉ. ललित सिंह अस्पताल पहुंचे। टीम ने अस्पताल का निरीक्षण कर उपलब्ध अभिलेखों और व्यवस्थाओं की जांच की। इसके बाद संचालक को नोटिस जारी किया गया। उन्हें तीन दिन के भीतर सीएमओ कार्यालय में अभिलेखों सहित उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। विभाग के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल का एक कमरा करीब दो साल से है सील
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौके पर अस्पताल का एक कमरा सील मिला। पूछताछ में पता चला कि करीब दो वर्ष पहले किसी मामले में सील बंदी की कार्रवाई की गई थी। मामला क्या था, इस बारे में लोग बोलने से बचते रहे। सीएमओ डॉ. संजय कुमार के मुताबिक जांच में दोषी पाए जाने पर अस्पताल भी सील किया जा सकता है। कमरे में सील क्यों लगी, इस बारे में जानकारी नहीं है।
चायल। पिपरी कोतवाली के तिल्हापुर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार देर शाम बुखार से पीड़ित महिला की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। महिला के पति की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विभाग ने अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण देने और जांच के लिए अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
चरवा क्षेत्र के कूड़ापुर गांव निवासी विजेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, उनकी पत्नी सुमीला देवी (40) को बुखार आने पर मंगलवार शाम निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि भर्ती के बाद उनका समुचित इलाज नहीं किया गया। लापरवाही की वजह से बुधवार देर शाम महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजन रोने-बिलखने लगे। घर में भी चीख-पुकार मच गई।
सुमीला के पति ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ थाने में लापरवाही से इलाज करने की वजह से मौत होने संबंधी तहरीर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर चंद्र भूषण मौर्य ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को भी सूचना दी गई है।
स्वास्थ्य टीम ने जांचे अभिलेख
महिला की मौत के मामले में सीएमओ डॉ. संजय कुमार सिंह ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर रिपोर्ट तलब की है। बृहस्पतिवार सुबह जांच टीम के उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह, नोडल अधिकारी पंजीकरण डॉ. अशोक मौर्य और डॉ. ललित सिंह अस्पताल पहुंचे। टीम ने अस्पताल का निरीक्षण कर उपलब्ध अभिलेखों और व्यवस्थाओं की जांच की। इसके बाद संचालक को नोटिस जारी किया गया। उन्हें तीन दिन के भीतर सीएमओ कार्यालय में अभिलेखों सहित उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। विभाग के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल का एक कमरा करीब दो साल से है सील
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौके पर अस्पताल का एक कमरा सील मिला। पूछताछ में पता चला कि करीब दो वर्ष पहले किसी मामले में सील बंदी की कार्रवाई की गई थी। मामला क्या था, इस बारे में लोग बोलने से बचते रहे। सीएमओ डॉ. संजय कुमार के मुताबिक जांच में दोषी पाए जाने पर अस्पताल भी सील किया जा सकता है। कमरे में सील क्यों लगी, इस बारे में जानकारी नहीं है