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Kaushambi News: 10 महीने में आठ हजार से अधिक डायलिसिस, किडनी मरीजों को राहत
Fri, 23 Oct 2026 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 23 Oct 2026 12:54 AM IST
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स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की डायलिसिस यूनिट में प्रतिदिन औसतन 30 से 35 डायलिसिस हो रही हैं। बीते 10 महीने में आठ हजार से अधिक डायलिसिस की जा चुकी हैं। निशुल्क उपचार की सुविधा से अपने जिले के साथ चित्रकूट, फतेहपुर और बांदा के किडनी मरीजों को भी राहत मिल रही है।
डायलिसिस यूनिट की व्यवस्थाओं में सुधार का लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है। इस वजह से वर्तमान में मरीजों को डायलिसिस के लिए प्रतीक्षा सूची में इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। नियमित उपचार की जरूरत वाले मरीजों को समय पर सुविधा मिल रही है। साथ ही निजी केंद्रों पर इलाज कराने में होने वाले खर्च से भी राहत मिल रही है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पंकज तिवारी के मुताबिक टीम का प्रयास होता है कि मरीज इलाज से संतुष्ट हो। यूनिट के संचालन में डॉ. सुरभि प्रकाश, डॉ. अंजन दास, मैनेजर अर्णब बनर्जी और स्टाफ ललिता के साथ टीम में शामिल अन्य तकनीकी कर्मी सहयोग कर रहे हैं।
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आयुष्मान लाभार्थियों को अतिरिक्त सुविधा
यूनिट में आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों को निशुल्क डायलाइजर के साथ चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार एरिथ्रोपोइटिन इंजेक्शन भी दिया जा रहा है। इससे किडनी रोग से संबंधित एनीमिया के उपचार में मदद मिलती है।
-- वर्जन-- --
-- चिकित्सकीय सुविधा को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। महाविद्यालय की डायलिसिस यूनिट में गैर जिलों से भी लोग आ रहे हैं। शेड्यूल का पालन कर पीड़ित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। -डॉ. हरिओम कुमार सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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डायलिसिस यूनिट की व्यवस्थाओं में सुधार का लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है। इस वजह से वर्तमान में मरीजों को डायलिसिस के लिए प्रतीक्षा सूची में इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। नियमित उपचार की जरूरत वाले मरीजों को समय पर सुविधा मिल रही है। साथ ही निजी केंद्रों पर इलाज कराने में होने वाले खर्च से भी राहत मिल रही है।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पंकज तिवारी के मुताबिक टीम का प्रयास होता है कि मरीज इलाज से संतुष्ट हो। यूनिट के संचालन में डॉ. सुरभि प्रकाश, डॉ. अंजन दास, मैनेजर अर्णब बनर्जी और स्टाफ ललिता के साथ टीम में शामिल अन्य तकनीकी कर्मी सहयोग कर रहे हैं।
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आयुष्मान लाभार्थियों को अतिरिक्त सुविधा
यूनिट में आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों को निशुल्क डायलाइजर के साथ चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार एरिथ्रोपोइटिन इंजेक्शन भी दिया जा रहा है। इससे किडनी रोग से संबंधित एनीमिया के उपचार में मदद मिलती है।