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Kaushambi News: मानसून सिर पर... नालों की सफाई अधूरी, जलभराव का खतरा
Thu, 04 Jun 2026 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 04 Jun 2026 01:05 AM IST
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गांधीनगर गंदगी से पटी नाली और सड़क पर भरा पानी। संवाद
- फोटो : योगेश कुशवाहा
नगर पंचायत में मानसून की दस्तक से पहले नालों और नालियों की सफाई का कार्य अधूरा होने से जलभराव का खतरा बढ़ गया है। अधिकांश नाले अब भी गंदगी और कूड़े से पटे हैं। ऐसे में तेज बारिश होने पर करीब 15 हजार की आबादी को जलनिकासी की समस्या और जलभराव का सामना करना पड़ सकता है।
चायल नगर पंचायत के 10 वार्डों में जल निकासी के लिए छोटे-बड़े कुल 23 नाले हैं। नगर पंचायत की ओर से नौ नालों की सफाई पूरी किए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कई स्थानों पर नालों में अब भी गंदगी जमा है। अजमतगंज और सीएचसी चायल से दरियापुर जाने वाला नाला पूरी तरह से गंदगी से पटा हुआ है।
गांधीनगर वार्ड के लोग सबसे अधिक जलभराव की समस्या झेलते हैं। तालाब के ओवरफ्लो होने पर इलाके में पानी भर जाता है और लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के लिए करीब चार किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
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मुख्य बाजार मार्ग और अंत्येष्ठी स्थल क्षेत्र के नालों में भी कूड़ा जमा होने से पानी निकासी प्रभावित है। गांधीनगर वार्ड की नालियां भी बजबजा रही हैं। लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष नईम मियां का पूरा क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था बाधित होने से तालाब का पानी सड़क पर भर गया था।
गांधीनगर निवासी रामकरन, मोहन, तूफान और मानबोध ने बताया कि जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण हर वर्ष जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। शिकायतों के बावजूद केवल आश्वासन मिलता है, लेकिन समाधान नहीं होता है।
कस्बे में 13 बड़े नाले और 10 छोटे नाले हैं। नौ बड़े नालों की सफाई की जा चुकी है। करीब 30 कर्मी सफाई के काम में जुटे हैं। इस सप्ताह सफाई का काम पूरा हो जाएगा। - अमर सिंह, चेयरमैन नगर पंचायत चायल।
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चायल नगर पंचायत के 10 वार्डों में जल निकासी के लिए छोटे-बड़े कुल 23 नाले हैं। नगर पंचायत की ओर से नौ नालों की सफाई पूरी किए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कई स्थानों पर नालों में अब भी गंदगी जमा है। अजमतगंज और सीएचसी चायल से दरियापुर जाने वाला नाला पूरी तरह से गंदगी से पटा हुआ है।
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गांधीनगर वार्ड के लोग सबसे अधिक जलभराव की समस्या झेलते हैं। तालाब के ओवरफ्लो होने पर इलाके में पानी भर जाता है और लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के लिए करीब चार किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
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मुख्य बाजार मार्ग और अंत्येष्ठी स्थल क्षेत्र के नालों में भी कूड़ा जमा होने से पानी निकासी प्रभावित है। गांधीनगर वार्ड की नालियां भी बजबजा रही हैं। लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष नईम मियां का पूरा क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था बाधित होने से तालाब का पानी सड़क पर भर गया था।
गांधीनगर निवासी रामकरन, मोहन, तूफान और मानबोध ने बताया कि जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण हर वर्ष जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। शिकायतों के बावजूद केवल आश्वासन मिलता है, लेकिन समाधान नहीं होता है।
कस्बे में 13 बड़े नाले और 10 छोटे नाले हैं। नौ बड़े नालों की सफाई की जा चुकी है। करीब 30 कर्मी सफाई के काम में जुटे हैं। इस सप्ताह सफाई का काम पूरा हो जाएगा। - अमर सिंह, चेयरमैन नगर पंचायत चायल।

गांधीनगर गंदगी से पटी नाली और सड़क पर भरा पानी। संवाद- फोटो : योगेश कुशवाहा