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बूंद-बूंद पानी को भटक रहे मोंगरी गांव के लोग
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Wed, 26 Apr 2017 01:31 AM IST
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जिले में जल निगम की मनमानी गांव वालों को भुगतनी पड़ रही है। खराब पड़े हैंडपंपों को दुरुस्त नहीं कराने से लोगों को पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिराथू तहसील माेंगरी गांव में महीने पर लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद भी प्रधान और खंड विकास अधिकारी खामोशी अख्तियार किए हुए हैं। ऐसे में लोगों को पानी लेने के लिए दूसरे गांवों में जाना पड़ रहा है। जिसे लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा है।
कौशाम्बी में ग्रामीणों को पेयजल मुहैया कराने के लिए जल निगम की ओर से लगाए गए हैंडपंप लगने के बाद से की पानी उगलना बंद कर दिए है। सात हजार से ज्यादा हैंडपंप खराब पड़े हैं। सिराथू तहसील के मोंगरी गांव में पेयजल के लिए एक दर्जन से अधिक हैंडपंप लगाए गए है। इनमें से करीब 10 हैंडपंप साल भर से ध्वस्त पड़े हैं। गांव के रहने वाले राजेन्द्र कुमार, महादेव, सुरेन्द्र कुमार, संत लाल, पप्पू, मातदीन, रामकुमार आदि लोगों का कहना है कि हैंडपंपों के रीबोर के लिए कई बार ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी से कहा गया। इसके बाद भी खराब पडे़ हैंडपंपों को ठीक नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में लोग आसपास के निजी नलकूपाें से पानी लाकर प्यास बुझाने को मजबूर है। जिसे लेकर लोगों में जबरदस्त गुस्सा है।
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कौशाम्बी में ग्रामीणों को पेयजल मुहैया कराने के लिए जल निगम की ओर से लगाए गए हैंडपंप लगने के बाद से की पानी उगलना बंद कर दिए है। सात हजार से ज्यादा हैंडपंप खराब पड़े हैं। सिराथू तहसील के मोंगरी गांव में पेयजल के लिए एक दर्जन से अधिक हैंडपंप लगाए गए है। इनमें से करीब 10 हैंडपंप साल भर से ध्वस्त पड़े हैं। गांव के रहने वाले राजेन्द्र कुमार, महादेव, सुरेन्द्र कुमार, संत लाल, पप्पू, मातदीन, रामकुमार आदि लोगों का कहना है कि हैंडपंपों के रीबोर के लिए कई बार ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी से कहा गया। इसके बाद भी खराब पडे़ हैंडपंपों को ठीक नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में लोग आसपास के निजी नलकूपाें से पानी लाकर प्यास बुझाने को मजबूर है। जिसे लेकर लोगों में जबरदस्त गुस्सा है।
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