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घरेलू हिंसा के खिलाफ जागें महिलाएं
ब्यूरो/ अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Thu, 11 Dec 2014 12:45 AM IST
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मंझनपुर। घरेलू हिंसा के खिलाफ बुधवार को महिला समाख्या की ओर से जागरूकता कार्यक्रम किया गया। इस दौरान जहां गोष्ठी करके महिला शिक्षा पर जोर दिया गया। वहीं उनसे अपने खिलाफ होने वाले किसी भी जुल्म के खिलाफ चुप्पी तोड़ने की सीख दी गई। रैली निकालकर भी संस्था की ओर से महिलाओं को जागरूक किया गया।
महिला समाख्या चित्रकूट की ओर से महिला संरक्षण अभियान के तहत बुधवार ओसा (मंझनपुर) में घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संस्था की अध्यक्ष चंद्रकांता ने महिलाओं को शिक्षित बनने पर जोर दिया।
कहाकि पढ़ी-लिखी होने पर महिलाएं जहां अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं। वहीं उन्हें अपने अधिकारों की भी जानकारी होगी। उन्होंने औरतों से दहेज उत्पीड़न समेत किसी भी तरह की घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। कहा कि चुप रहने पर महिलाओं को ज्यादा जुल्म सहना पड़ता है।
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उन्होंने बताया कि महिलाओं को सम्मान से जीने का पूरा हक है। उन्हें यह अधिकार संविधान की ओर से हासिल है। ऐसे किसी भी तरह की ज्यादती सहना अपने अधिकार का हनन है। जागरूकता के लिए जहां संस्था से जुड़ी कार्यकत्रियों ने नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया। वहीं रैली भी निकाली गई।
इसमें शामिल संस्था की महिलाओं ने गांवों में घूमकर महिलाओं को शिक्षा और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनने की सीख दी। इस मौके पर सुशीला देवी, सुमन देवी, सुनीता देवी, मंजू देवी, मिथिलेश कुमारी आदि मौजूद रही।
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महिला समाख्या चित्रकूट की ओर से महिला संरक्षण अभियान के तहत बुधवार ओसा (मंझनपुर) में घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संस्था की अध्यक्ष चंद्रकांता ने महिलाओं को शिक्षित बनने पर जोर दिया।
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कहाकि पढ़ी-लिखी होने पर महिलाएं जहां अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं। वहीं उन्हें अपने अधिकारों की भी जानकारी होगी। उन्होंने औरतों से दहेज उत्पीड़न समेत किसी भी तरह की घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। कहा कि चुप रहने पर महिलाओं को ज्यादा जुल्म सहना पड़ता है।
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उन्होंने बताया कि महिलाओं को सम्मान से जीने का पूरा हक है। उन्हें यह अधिकार संविधान की ओर से हासिल है। ऐसे किसी भी तरह की ज्यादती सहना अपने अधिकार का हनन है। जागरूकता के लिए जहां संस्था से जुड़ी कार्यकत्रियों ने नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया। वहीं रैली भी निकाली गई।
इसमें शामिल संस्था की महिलाओं ने गांवों में घूमकर महिलाओं को शिक्षा और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनने की सीख दी। इस मौके पर सुशीला देवी, सुमन देवी, सुनीता देवी, मंजू देवी, मिथिलेश कुमारी आदि मौजूद रही।