{"_id":"5e5826238ebc3ef3d538e8dd","slug":"villegers-not-using-gas-kaushambi-news-ald2696975159","type":"story","status":"publish","title_hn":"उज्जवला भी नहीं मिटा सकी चूल्हे का कलंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उज्जवला भी नहीं मिटा सकी चूल्हे का कलंक
विज्ञापन
मंझनपुर। गरीब परिवार की महिलाओं को उज्जवला योजना भी चूल्हा फूंकने व धुएं निजात नहीं दिला सकी। जिले में योजना के तहत एक लाख 39 हजार 486 परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया था। लेकिन, पिछले छह माह के दौरान गैस के दाम में हुई बेहिसाब बढ़ोत्तरी से लाभार्थी सिलिंडर की रिफिल नहीं करा रहे हैं। 50 फीसद के करीब ऐसे परिवार है, जिन्होंने एक या फिर दो बार ही रिफिल कराया है।
गरीब परिवार की महिलाओं को चूल्हा फूंकने से निजात दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने उज्जवला योजना का शुभारंभ करीब तीन साल पहले किया था। योजना के तहत जिले के एक लाख 39 हजार 486 परिवारों को चिन्हित कर गैस कनेक्शन दिया गया। 12 फरवरी को सरकार ने गैस के दाम में 144 रुपये की बढोत्तरी किया है। अब घरेलू गैस सिलिंडर एजेंसी में 907 रुपये का पड़ रहा है। गैस का दाम बढने के कारण गरीब परिवार फिर से चूल्हा में खाना बनाने लगे हैं।
मंझनपुर स्थित कमला गैस एजेंसी के संचालक देव कुमार सोनकर का कहना है गैस का दाम बढ़ने से पहले ही उज्जवला से कनेक्शन लिए ज्यादातर लोग रिफिल नहीं करा रहे थे। 50 फीसद के करीब उनकी एजेंसी में ऐसे उपभोक्ता है जिन्होंने कनेक्शन पाने के बाद एक या दो बार ही रिफिल कराया।
विज्ञापन
चाय-नाश्ता की चढ़ती है पतीली
मंझनपुर। उज्जवला योजना से सिलिंडर गैस कनेक्शन लेने वाले ज्यादातर परिवार जो रिफिल करा रहे है उनकी गैस समाप्त होने में छह से सात माह का वक्त लग जाता है। एजेंसी संचालक देवकुमार सोनकर के मुताबिक जब उपभोक्ता से बात करने पर पता चल रहा है कि ये उपभोक्ता सिर्फ नाश्ते के वक्त रसोई गैस का इस्तेमाल करते हैं। बाकी का खाना चूल्हे पर ही पकता है।
विज्ञापन
गरीब परिवार की महिलाओं को चूल्हा फूंकने से निजात दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने उज्जवला योजना का शुभारंभ करीब तीन साल पहले किया था। योजना के तहत जिले के एक लाख 39 हजार 486 परिवारों को चिन्हित कर गैस कनेक्शन दिया गया। 12 फरवरी को सरकार ने गैस के दाम में 144 रुपये की बढोत्तरी किया है। अब घरेलू गैस सिलिंडर एजेंसी में 907 रुपये का पड़ रहा है। गैस का दाम बढने के कारण गरीब परिवार फिर से चूल्हा में खाना बनाने लगे हैं।
विज्ञापन
मंझनपुर स्थित कमला गैस एजेंसी के संचालक देव कुमार सोनकर का कहना है गैस का दाम बढ़ने से पहले ही उज्जवला से कनेक्शन लिए ज्यादातर लोग रिफिल नहीं करा रहे थे। 50 फीसद के करीब उनकी एजेंसी में ऐसे उपभोक्ता है जिन्होंने कनेक्शन पाने के बाद एक या दो बार ही रिफिल कराया।
विज्ञापन
चाय-नाश्ता की चढ़ती है पतीली
मंझनपुर। उज्जवला योजना से सिलिंडर गैस कनेक्शन लेने वाले ज्यादातर परिवार जो रिफिल करा रहे है उनकी गैस समाप्त होने में छह से सात माह का वक्त लग जाता है। एजेंसी संचालक देवकुमार सोनकर के मुताबिक जब उपभोक्ता से बात करने पर पता चल रहा है कि ये उपभोक्ता सिर्फ नाश्ते के वक्त रसोई गैस का इस्तेमाल करते हैं। बाकी का खाना चूल्हे पर ही पकता है।