{"_id":"5d8524ab8ebc3e93b31a625a","slug":"up-government-count-100-years-old-tree-kaushambi-news-ald2554632186","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब आपको ऐसे पता चलेगा कितने साल पुराना पेड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब आपको ऐसे पता चलेगा कितने साल पुराना पेड़
विज्ञापन
up government count 100 years old tree
- फोटो : KAUSHAMBI
मंझनपुर। जिले में 100 साल पुराने पेड़ों को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में सहेजा जाएगा। शासन ने वन विभाग से ऐसे पेड़ों की रिपोर्ट मांगी है। वन विभाग ने भी ऐसे पेड़ों को तलाशना शुरू कर दिया है। सरकार का मकसद है कि पुराने पेड़ों को संरक्षण से पर्यावरण संतुलन दुरुस्त किया जा सके।
हरियाली बढ़ाकर ही ग्लोबल वार्मिंग जैसे खतरे से निपटा जा सकता है। इसके लिए वन विभाग पौधरोपण पर काफी जोर दे रहा है। इस साल सूबे में वन विभाग द्वारा रिकॉर्ड 22 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले 100 साल से अधिक पुराने पेड़ों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की बात कही थी। सीएम की घोषणा के बाद हर जिले में खड़े पुराने वृक्षों को चिह्नित करने के आदेश दिए गए हैं। वन विभाग बाकी पेड़ों को भी चिह्नित करने में जुट गया है। पेड़ों के तनों की मोटाई, ऊंचाई आदि के साथ ही आसपास के लोगों से बात करके पेड़ों की आयु का पता लगाया जाएगा। इसके बाद इन पेड़ों को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में चिह्नित किया जाएगा।
दीवर कोतारी का बरगद हो सकता है चिह्नित
मंझनपुर। सदर तहसील के दीवर कोतारी स्थित महाबली बाबा के स्थान पर खड़ा बरगद का पेड़ काफी बड़े क्षेत्र में फैला है। इस पेड़ की शाखाएं जमीन पर जाकर जड़ के रूप में विकसित हो चुकी हैं।
विज्ञापन
डीएफओ पीके सिंहा का कहना है कि शासन का निर्देश मिला है। सौ साल पुराने वृक्षों की तलाश की जा रही है। पेड़ चिह्नित करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। शासन स्तर से राष्ट्रीय धरोहर घोषित होने पर इन्हें संरक्षित किया जाएगा। साथ ही आसपास के लोगों को भी इन पेड़ों का महत्व बताया जाएगा।
विज्ञापन
हरियाली बढ़ाकर ही ग्लोबल वार्मिंग जैसे खतरे से निपटा जा सकता है। इसके लिए वन विभाग पौधरोपण पर काफी जोर दे रहा है। इस साल सूबे में वन विभाग द्वारा रिकॉर्ड 22 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले 100 साल से अधिक पुराने पेड़ों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की बात कही थी। सीएम की घोषणा के बाद हर जिले में खड़े पुराने वृक्षों को चिह्नित करने के आदेश दिए गए हैं। वन विभाग बाकी पेड़ों को भी चिह्नित करने में जुट गया है। पेड़ों के तनों की मोटाई, ऊंचाई आदि के साथ ही आसपास के लोगों से बात करके पेड़ों की आयु का पता लगाया जाएगा। इसके बाद इन पेड़ों को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में चिह्नित किया जाएगा।
विज्ञापन
दीवर कोतारी का बरगद हो सकता है चिह्नित
मंझनपुर। सदर तहसील के दीवर कोतारी स्थित महाबली बाबा के स्थान पर खड़ा बरगद का पेड़ काफी बड़े क्षेत्र में फैला है। इस पेड़ की शाखाएं जमीन पर जाकर जड़ के रूप में विकसित हो चुकी हैं।
विज्ञापन
डीएफओ पीके सिंहा का कहना है कि शासन का निर्देश मिला है। सौ साल पुराने वृक्षों की तलाश की जा रही है। पेड़ चिह्नित करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। शासन स्तर से राष्ट्रीय धरोहर घोषित होने पर इन्हें संरक्षित किया जाएगा। साथ ही आसपास के लोगों को भी इन पेड़ों का महत्व बताया जाएगा।