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उज्जवला के लाभार्थी ले सकेंगे पांच किलो का सिलिंडर
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मंझनपुर। उज्ज्वला योजना के लाभार्थी अब अपनी सुविधा के अनुसार पांच किलो वजन का सिलिंडर ले सकेंगे। उपभोक्ताओं की सहूलियत को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। दरअसल, आर्थिक दिक्कतों के कारण उज्जवला योजना के लाभार्थियों को 14.5 किलो के सिलेंडर रिफिल कराने में परेशानी हो रही थी। नतीजतन कनेक् शन के बावजूद लाभार्थी रसोईं गैस का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। कम लागत में छोटा सिलेंडर मिलने के बाद माना जा रहा है कि योजना के लाभार्थियों का गैस रिफिल कराने में आसानी होगी।
गरीब परिवार की महिलाओं को चूल्हे के दूषित धुएं से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरूआत की। इसके तहत गरीब परिवारों को निशुल्क गैस सिलिंडर व चूल्हा वितरण किया गया। जिले में शिविर लगाकर करीब 1.56 लाख कनेक्शन बांटे गए। लेकिन पहली बार जब सिलिंडर खत्म हुआ तो 50 फीसदी से ज्यादा लाभार्थी सिलिंडर ही नहीं भरवाए। आर्थिक तंगी के कारण ज्यादातर लाभार्थी फिर से चूल्हे पर ही खाना बनाना शुरू कर दिए। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी। ऐसे में सरकार ने फीड बैक लिया कि अगर छोटे सिलिंडर भी उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को उपलब्ध कराया जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। लिहाजा समस्या का हल निकालते हुए अब पांच किलो का सिलिंडर देने की योजना शुरू की गई है। इससे उपभोक्ता कम रुपये में भी जरूरत के अनुसार सिलिंडर भरा सकेंगे। सरकार का मानना है कि छोटा सिलिंडर मिलने से उपभोक्ताओं को गैस लेने में आसानी होगी। डीएसओ सीमा सिंह ने बताया कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए छोटे पांच किलो के सिलिंडर देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सभी गैस एजेंसी के मालिकों को निर्देश भी दिया गया है। उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार वह सिलिंडर की संख्या बढ़ाएंगे।
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गरीब परिवार की महिलाओं को चूल्हे के दूषित धुएं से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरूआत की। इसके तहत गरीब परिवारों को निशुल्क गैस सिलिंडर व चूल्हा वितरण किया गया। जिले में शिविर लगाकर करीब 1.56 लाख कनेक्शन बांटे गए। लेकिन पहली बार जब सिलिंडर खत्म हुआ तो 50 फीसदी से ज्यादा लाभार्थी सिलिंडर ही नहीं भरवाए। आर्थिक तंगी के कारण ज्यादातर लाभार्थी फिर से चूल्हे पर ही खाना बनाना शुरू कर दिए। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी। ऐसे में सरकार ने फीड बैक लिया कि अगर छोटे सिलिंडर भी उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को उपलब्ध कराया जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। लिहाजा समस्या का हल निकालते हुए अब पांच किलो का सिलिंडर देने की योजना शुरू की गई है। इससे उपभोक्ता कम रुपये में भी जरूरत के अनुसार सिलिंडर भरा सकेंगे। सरकार का मानना है कि छोटा सिलिंडर मिलने से उपभोक्ताओं को गैस लेने में आसानी होगी। डीएसओ सीमा सिंह ने बताया कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए छोटे पांच किलो के सिलिंडर देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सभी गैस एजेंसी के मालिकों को निर्देश भी दिया गया है। उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार वह सिलिंडर की संख्या बढ़ाएंगे।
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