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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Two hours of electricity at night , how complete sleep

रात में सिर्फ दो घंटे बिजली, कैसे पूरी हो नींद

Mon, 20 Apr 2015 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी Updated Mon, 20 Apr 2015 12:39 AM IST
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मंझनपुर। गर्मी आते ही कौशाम्बी में बिजली की अघोषित अंधाधुंध कटौती शुरू हो गई है। कटौती का आलम यह है कि रात में तो महज दो घंटे भी बिजली मिलनी मुश्किल है। रात 8 से 12 की कटौती के बाद भी घंटे, दो-दो घंटे तक बत्ती गुल रहने से लोग सो नहीं पा रहे हैं। नींद पूरी नहीं होने से लोगों की तबीयत भी बिगड़ने लगी है। साथ ही लोगों में गुस्सा है कि शिकायत के बाद भी रात की कटौती बंद नहीं की जा रही है।
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बेमौसम की बारिश के बाद कौशाम्बी में प्रचंड गर्मी का कहर शुरू हो गया है। तीखी धूप के कारण दिन का पारा 40 पहुंच चुका है। दिन की भीषण गर्मी के कारण कमरे भी भट्ठी की तरह धधकने लगे हैं। इसके कारण रात में भी बगैर पंखा एक मिनट भी कमरों के भीतर रहना मुश्किल है। बिजली जाते ही लोग पसीने से तर-ब-तर होने लगते हैं। भीषण गर्मी का कहर शुरू होते ही कौशाम्बी में बिजली की समस्या भी गहराने लगी है। रात में तो ऐसी अघोषित अंधाधुंध कटौती हो रही है। जिससे लोगों का जीना दुश्वार है।
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देखें तो मंझनपुर मुख्यालय में ही रात में दो घंटे ही बिजली मिल रही है। शनिवार को रात 8 से 12 तक बिजली कटौती रही। इसके बाद दो बजे से 4.30 बजे तक दुबारा बत्ती गुल रही। इस कारण मंझनपुर और आसपास के करीब 50 से अधिक गांव के लोग पूरी रात जागकर बिताने को मजबूर रहे। मंझनपुर जैसी ही बिजली कटौती की समस्या से भरवारी, करारी, सिराथू, चायल, सरायअकिल, अजुहा समेत अन्य कस्बाई और गांवों के लोग भी जूझ रहे हैं। जिले में 10 दिनों से तो बिजली आपूर्ति का रोस्टर पूरी तरह से धड़ाम हो चुका है। रात-दिन बिजली की अंधाधुंध कटौती की जा रही है।
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मंझनपुर कस्बे के रहने वाले अमन चौरसिया, दुर्गा प्रसाद, विजय कुमार, भरवारी के प्रदीप कुमार, सुशील कुमार, श्रीकांत, राजन आदि व्यापारियों का कहना है कि जो आपूर्ति मिलती भी है। वह ट्रिपिंग की भेंट चढ़ जाती है। इससे जहां व्यापारियों का कारोबार चौपट हो रहा है। वहीं  लोग रतजगा करने को मजबूर है। लोगों ने बताया  कि 16 घंटे की बिजली सप्लाई का रोस्टर है। पर, 24 घंटे में 7-8 घंटे भी बिजली मिलनी मुश्किल है। मामले में अधिशासी अभियंता राम नयन सिंह का कहना है कि रात की कटौती पनकी स्थित कंट्रोल से की जाती है। उपकेंद्रों को जो बिजली उपलब्ध होती है। उसे उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। बताया कि कुछ फीडरों में ओवरलोड के कारण ट्रिपिंग की समस्या है। जिसे ठीक कराने की कोशिश की जा रही है।
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