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Kaushambi News: कमजोरी का फायदा उठाया, लिखा ली जमीन
Fri, 22 Sep 2023 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 22 Sep 2023 01:50 AM IST
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पट्टे पर कब्जा न पाने वालों की जमीन पत्नी के नाम कराई
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। तिहरे हत्याकांड का साजिशकर्ता सिपाही सुरेश पट्टे पर जो लोग काबिज नहीं हो सके, उनकी जमीन को अपनी पत्नी सुमन व करीबी सुग्रीव की पत्नी सोना के नाम पर रजिस्ट्री करा ली थी। उसे लगता था कि चकबंदी में उसे जमीन पर काबिज करा दिया जाएगा। लेकिन 10 विस्वा जमीन पर मृतक शिवसरन के कब्जा करने पर उसने बस्ती के लोगों को भड़काकर हत्याकांड को अंजाम दे डाला।
पंडा चौराहे पर स्थित 52 बीघे सरकारी जमीन पर ज्यादातर चौहान व यादव बिरादरी का कब्जा है। यहीं पर आरोपी सुरेश का भी घर है। जो लोग आवासित है, उन्होंने अपने कागजात में दर्ज जमीन से ज्यादा पर कब्जा कर रखा है। लेकिन ऐसे तमाम पट्टा धारक भी हैं, जिन्हें कागज पर तो करीब 14 साल पहले पट्टा मिला, लेकिन कब्जा आज तक नहीं पा सके। उन्हीं में से करीब 15 लोगों को सुरेश ने अपने पक्ष में करते हुए जमीन भूमिधरी हो जाने के बाद अपनी पत्नी व करीबी की पत्नी के नाम पर औने-पौने दाम में रजिस्ट्री करा ली।
ऐसे ही एक पट्टाधारक लालचंद्र निर्मल से मृतक शिवसरन ने भी 10 विस्वा जमीन का एग्रीमेंट कराया था। जमीन सुरेश के घर के ठीक सामने थी, जो उसे अखर रहा था। कई बार विवाद भी दोनों पक्ष के बीच हुआ। माहौल बनाने के लिए शिवसरन भी अपने यहां अक्सर रिश्तेदारों का जमावड़ा लगवाने लगा।
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सुरेश ने बस्ती के लोगों को उकसाया कि उनके बीच पासी समाज का व्यक्ति रहेगा तो ठीक नहीं होगा। बस्ती के लोग ज्यादातर लोग कम पढ़े-लिखे होने के कारण उसके कहे में आ गए और घटना को अंजाम दे डाला।
शिवसरन की जमीन की कर रहा था प्लॉटिंग
मंझनपुर। शिवसरन ने अपनी पत्नी बृजकली के नाम जो जमीन खरीदी वह एग्रीमेंट पर थी। सुरेश जानता था कि एग्रीमेंट को महत्व नहीं दिया जाएगा। पहले रजिस्ट्री वालों को काबिज कराया जाएगा। यही कारण रहा कि वह शिवसरन के कब्जे वाली जमीन को अपनी बताकर प्लॉट बेच रहा था। इसकी जानकारी होने पर शिवसरन ने सिविल कोर्ट से स्थगन आदेश ले रखा था। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। तिहरे हत्याकांड का साजिशकर्ता सिपाही सुरेश पट्टे पर जो लोग काबिज नहीं हो सके, उनकी जमीन को अपनी पत्नी सुमन व करीबी सुग्रीव की पत्नी सोना के नाम पर रजिस्ट्री करा ली थी। उसे लगता था कि चकबंदी में उसे जमीन पर काबिज करा दिया जाएगा। लेकिन 10 विस्वा जमीन पर मृतक शिवसरन के कब्जा करने पर उसने बस्ती के लोगों को भड़काकर हत्याकांड को अंजाम दे डाला।
पंडा चौराहे पर स्थित 52 बीघे सरकारी जमीन पर ज्यादातर चौहान व यादव बिरादरी का कब्जा है। यहीं पर आरोपी सुरेश का भी घर है। जो लोग आवासित है, उन्होंने अपने कागजात में दर्ज जमीन से ज्यादा पर कब्जा कर रखा है। लेकिन ऐसे तमाम पट्टा धारक भी हैं, जिन्हें कागज पर तो करीब 14 साल पहले पट्टा मिला, लेकिन कब्जा आज तक नहीं पा सके। उन्हीं में से करीब 15 लोगों को सुरेश ने अपने पक्ष में करते हुए जमीन भूमिधरी हो जाने के बाद अपनी पत्नी व करीबी की पत्नी के नाम पर औने-पौने दाम में रजिस्ट्री करा ली।
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ऐसे ही एक पट्टाधारक लालचंद्र निर्मल से मृतक शिवसरन ने भी 10 विस्वा जमीन का एग्रीमेंट कराया था। जमीन सुरेश के घर के ठीक सामने थी, जो उसे अखर रहा था। कई बार विवाद भी दोनों पक्ष के बीच हुआ। माहौल बनाने के लिए शिवसरन भी अपने यहां अक्सर रिश्तेदारों का जमावड़ा लगवाने लगा।
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सुरेश ने बस्ती के लोगों को उकसाया कि उनके बीच पासी समाज का व्यक्ति रहेगा तो ठीक नहीं होगा। बस्ती के लोग ज्यादातर लोग कम पढ़े-लिखे होने के कारण उसके कहे में आ गए और घटना को अंजाम दे डाला।
शिवसरन की जमीन की कर रहा था प्लॉटिंग
मंझनपुर। शिवसरन ने अपनी पत्नी बृजकली के नाम जो जमीन खरीदी वह एग्रीमेंट पर थी। सुरेश जानता था कि एग्रीमेंट को महत्व नहीं दिया जाएगा। पहले रजिस्ट्री वालों को काबिज कराया जाएगा। यही कारण रहा कि वह शिवसरन के कब्जे वाली जमीन को अपनी बताकर प्लॉट बेच रहा था। इसकी जानकारी होने पर शिवसरन ने सिविल कोर्ट से स्थगन आदेश ले रखा था। संवाद