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अगवा छात्र की हत्या का तीन साल बाद खुलासा, चार गिरफ्तार
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Three years after the murder of kidnapped student, four arrested
घर से कोचिंग के लिए निकले छात्र को अगवा कर हत्या के मामले का सरायअकिल पुलिस ने तीन साल बाद खुलासा कर दिया। मंगलवार को पुलिस ने वारदात में शामिल चार आरोपियों को साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। चारों के खिलाफ लिखापढ़ी कर जेल भेज दिया गया।
एसपी राधेश्याम विश्वकर्मा ने पुलिस ऑफिस में मीडिया को बताया कि सरायअकिल के अमिरसा गांव निवासी मोहनलाल का 14 वर्षीय बेटा शिवसागर (14) नवंबर 2018 में घर से साइकिल लेकर कोचिंग पढ़ने निकला था।
कई दिन बाद उसका क्षत-विक्षत शव पूरामुफ्ती इलाके में बरामद हुआ था। क्षत-विक्षत होने के कारण पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद लाश की पहचान नहीं हो सकी थी।
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इधर, पीड़ित पिता ने भी बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। आशंका पर पुलिस ने लापता शिवसागर के माता-पिता से उसका डीएनए मैच कराया। तब जाकर उसकी शिनाख्त हो सकी। थानाध्यक्ष भुवनेश कुमार चौबे ने बताया कि तीन साल तक चली विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपहरण व हत्या में अमिरसा गांव के चार आरोपियों संजय पांडेय, महेंद्र सिंह, मूलचंद्र व अंकित यादव का नाम प्रकाश में आया।
इस पर बुधवार को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर मृतक छात्र की साइकिल व हत्या में प्रयुक्त चापड़ बरामद कर लिया। बुधवार को मामले की लिखापढ़ी कर पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है। घटना का खुलासा करने में लगी टीम को एसपी ने दस हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
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एसपी राधेश्याम विश्वकर्मा ने पुलिस ऑफिस में मीडिया को बताया कि सरायअकिल के अमिरसा गांव निवासी मोहनलाल का 14 वर्षीय बेटा शिवसागर (14) नवंबर 2018 में घर से साइकिल लेकर कोचिंग पढ़ने निकला था।
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कई दिन बाद उसका क्षत-विक्षत शव पूरामुफ्ती इलाके में बरामद हुआ था। क्षत-विक्षत होने के कारण पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद लाश की पहचान नहीं हो सकी थी।
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इधर, पीड़ित पिता ने भी बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। आशंका पर पुलिस ने लापता शिवसागर के माता-पिता से उसका डीएनए मैच कराया। तब जाकर उसकी शिनाख्त हो सकी। थानाध्यक्ष भुवनेश कुमार चौबे ने बताया कि तीन साल तक चली विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपहरण व हत्या में अमिरसा गांव के चार आरोपियों संजय पांडेय, महेंद्र सिंह, मूलचंद्र व अंकित यादव का नाम प्रकाश में आया।
इस पर बुधवार को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर मृतक छात्र की साइकिल व हत्या में प्रयुक्त चापड़ बरामद कर लिया। बुधवार को मामले की लिखापढ़ी कर पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है। घटना का खुलासा करने में लगी टीम को एसपी ने दस हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।