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Kaushambi News: पुलिस अधिकारी बनकर ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

Thu, 22 Jan 2026 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Thu, 22 Jan 2026 01:21 AM IST
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Three accused arrested for posing as police officers and cheating
गिरफ्तार ठगी के आरोपी। स्रोत- पुलिस मीडिया सेल - फोटो : 1
सैनी क्षेत्र में पुलिस अधिकारी बनकर ऑनलाइन ठगी करने वाले शातिर गिरोह का साइबर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को झांसी के कटेरा से गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई की है। सातिरों ने खुद को एसओ बताकर गुमशुदा लड़की को बरामद कराने के नाम पर पीड़ित परिवार से 50 हजार रुपये की ठगी की थी।
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पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और सिम कार्ड बरामद किए हैं। एसपी ऑफिस के दुर्गा भाभी सभागार में एसपी राजेश कुमार व सीओ मंझनपुर शिवांक सिंह ने प्रेस वार्ता कर प्रकरण की जानकारी दी। बताया कि 24 दिसंबर को थाना सैनी में तहरीर देकर सुनील कुमार निवासी बनपुरवा मजरा केन ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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आरोप था कि फोन पर खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने लड़की बरामद कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ऑनलाइन 50 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने साइबर थाना टीम को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया।
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साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए झांसी के कटेरा थाना क्षेत्र में दबिश देकर दीपेंद्र यादव पुत्र संतोष कुमार निवासी बस स्टैंड कटेरा झांसी, प्रदीप कुमार पुत्र रतिराम निवासी खोरियाना का खिरक कटेरा झांसी व अजय कुमार पुत्र रामचरन निवासी मोरियाना का खिरक कटेरा झांसी को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि इनके खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर पूर्व में भी ऑनलाइन फ्रॉड के कई मामले दर्ज हैं।

ऐसे करते थे ठगी
-एसपी ने बताया कि आरोपी पहले यूपीकॉप एप से गुमशुदगी से जुड़ी एफआईआर डाउनलोड करते थे। फिर सरकारी पंचायत विभाग की वेबसाइट से ग्राम प्रधान या संबंधित सचिव का नंबर निकालकर संपर्क करते थे। इसके बाद पुलिस अधिकारी बनकर फोन कर पीड़ित परिवार से संपर्क करते। पीड़ित परिवार को गुमराह कर खर्च के नाम पर बैंक खातों में ऑनलाइन रुपये मंगवाते थे। इसके लिए वह दूसरों के खाते का प्रयोग करते थे। बदले में उनको 10 फीसदी की धनराशि देते थे।
चुनिंदा लोगों को बनाते थे निशाना
- एसपी ने बताया कि गिरोह से जुड़े लोग गुमशुदा मामलों व परेशान परिवारों, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और तकनीकी जानकारी कम रखने वालों को निशाना बनाते थे। इसके अलावा फर्जी पुलिस व सीबीआई अधिकारी बनकर जेल भेजने की धमकी देकर लोगों से ठगी करते थे। पुलिस ने इनके पास से पांच एंड्रॉयड मोबाइल, एक आईफोन, तीन एटीएम कार्ड, 11 आधार कार्ड व आठ सिम बरामद की है।

फोन करने पर पुलिस सायरन की लगाते थे बैकग्राउंड म्यूजिक
- एसपी ने बताया कि आरोपी जब किसी परिवार को झांसे में लेने के लिए फोन करते थे तो बात करते समय पुलिस सायरन व अन्य जरूरी आवाज से विभागीय माहौल बनाते थे। इससे लोगों को पुलिस विभाग में होने का आभास हो और इनके झांसे में आ सके। एसपी ने बताया कि इन लोगों ने अपनी डीपी में जो तस्वीर लगाई थी वह भी पुलिस की वर्दी वाली होती थी।
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