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Kaushambi News: रोटी कमाने निकले थे...पीछे छोड़ गए आंसुओं का सैलाब
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सैनी थाना क्षेत्र में हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं। मूरतगंज कसिया निवासी अनवर हुसैन और रसूलपुर निवासी एहसान अपने-अपने परिवार के मुख्य सहारा थे। उनकी मौत के बाद घरों में मातम पसरा है।
अनवर चारपाई बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। भाई सलमान ने बताया कि पांच वर्ष पहले उनके भाई की पहली पत्नी रूबी का निधन हो गया था। इसके बाद तीन वर्ष पहले उन्होंने रेशमा बानो से दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी से उनकी दो बेटियां एरम (13), सिदरा (12) और 10 वर्षीय बेटा आहिल रजा हैं।
तीनों निजी विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। बुधवार तक बच्चों को यह भी नहीं पता था कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। अनवर तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़े थे। परिवार की जिम्मेदारियां उन्हीं के कंधों पर थीं। उनके निधन से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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आधे घंटे में बदल गई जिंदगी
हादसे में जान गंवाने वाले एहसान भी चारपाई के कारोबार से अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी अफसाना बानो, तीन बेटे और एक बेटी हैं। चचेरे भाई जयंता ने बताया कि मंगलवार रात एहसान रसूलपुर स्थित कारखाने से माल लेकर उन्नाव के लिए निकले थे। घर से निकले करीब आधे घंटे बाद ही हादसे की सूचना मिल गई। खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
एक ही हादसे में दोनों परिवारों के कमाने वाले चले जाने से परिजनों के सामने बच्चों की पढ़ाई, पालन-पोषण और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। पूरे इलाके में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक का माहौल है।
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अनवर चारपाई बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। भाई सलमान ने बताया कि पांच वर्ष पहले उनके भाई की पहली पत्नी रूबी का निधन हो गया था। इसके बाद तीन वर्ष पहले उन्होंने रेशमा बानो से दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी से उनकी दो बेटियां एरम (13), सिदरा (12) और 10 वर्षीय बेटा आहिल रजा हैं।
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तीनों निजी विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। बुधवार तक बच्चों को यह भी नहीं पता था कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। अनवर तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़े थे। परिवार की जिम्मेदारियां उन्हीं के कंधों पर थीं। उनके निधन से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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आधे घंटे में बदल गई जिंदगी
हादसे में जान गंवाने वाले एहसान भी चारपाई के कारोबार से अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी अफसाना बानो, तीन बेटे और एक बेटी हैं। चचेरे भाई जयंता ने बताया कि मंगलवार रात एहसान रसूलपुर स्थित कारखाने से माल लेकर उन्नाव के लिए निकले थे। घर से निकले करीब आधे घंटे बाद ही हादसे की सूचना मिल गई। खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
एक ही हादसे में दोनों परिवारों के कमाने वाले चले जाने से परिजनों के सामने बच्चों की पढ़ाई, पालन-पोषण और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। पूरे इलाके में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक का माहौल है।