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Kaushambi News: नहर किनारे की पटरियां गायब, हादसों को खुला न्योता
Tue, 31 Mar 2026 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 31 Mar 2026 01:13 AM IST
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ओसा से बाजापुर मार्ग पर नहर कि पटरी बदहाल। संवाद
जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में नहर किनारे की पटरियों के गायब होने और टूटे मार्ग हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं। कई स्थानों पर नहरों के किनारे बनी सड़कों की हालत बेहद खराब है, वहीं कहीं-कहीं तो पटरी पूरी तरह कट चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा के लिए संकेतक या चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं।
ओसा से बाजापुर, टेवां उमरा होते हुए जजौली, बहादुरपुर से महांवां गांव को जाने वाली नहर के किनारे सड़क जर्जर हालत में है। कई जगह पटरी धंस गई है, जिससे वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है। इसी तरह मोगला गांव के पास नहर पुलिया के पास भी सड़क किनारे की पटरी कटी हुई है।
करारी माइनर से जुड़ी पइंसा जाने वाली नहर के पास पइंसा पुलिया के समीप भी पटरी क्षतिग्रस्त है। यहां रात के समय स्थिति और खतरनाक हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में टूटे हिस्से दिखाई नहीं देते। वहीं, अमिरता पुर गांव के सामने कनवार की ओर जाने वाली नहर की सड़क भी बदहाल है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
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ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नहर किनारे की पटरियों की मरम्मत कराई जाए और सुरक्षा के लिए संकेतक लगाए जाएं, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके।
नहर किनारे की सड़क से गुजरना अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। जरा सी चूक से बड़ा हादसा हो सकता है। - राजेश कुमार।
:: रात के समय सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। अंधेरे में टूटी पटरी दिखाई नहीं देती, जिससे वाहन फिसलने का डर बना रहता है।- गणेश प्रसाद।
गांव के लोगों का आना-जाना इसी रास्ते से होता है। सड़क की हालत खराब होने से परेशानी बढ़ गई है। - आशीष कुमार मिश्रा।
बरसात के समय स्थिति और खतरनाक हो जाती है। पानी भरने से गड्ढे नजर नहीं आते और हर समय हादसे होने की आशंका बनी रहती है।- प्रदीप सिंह।
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ओसा से बाजापुर, टेवां उमरा होते हुए जजौली, बहादुरपुर से महांवां गांव को जाने वाली नहर के किनारे सड़क जर्जर हालत में है। कई जगह पटरी धंस गई है, जिससे वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है। इसी तरह मोगला गांव के पास नहर पुलिया के पास भी सड़क किनारे की पटरी कटी हुई है।
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करारी माइनर से जुड़ी पइंसा जाने वाली नहर के पास पइंसा पुलिया के समीप भी पटरी क्षतिग्रस्त है। यहां रात के समय स्थिति और खतरनाक हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में टूटे हिस्से दिखाई नहीं देते। वहीं, अमिरता पुर गांव के सामने कनवार की ओर जाने वाली नहर की सड़क भी बदहाल है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
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ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नहर किनारे की पटरियों की मरम्मत कराई जाए और सुरक्षा के लिए संकेतक लगाए जाएं, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके।
नहर किनारे की सड़क से गुजरना अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। जरा सी चूक से बड़ा हादसा हो सकता है। - राजेश कुमार।
:: रात के समय सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। अंधेरे में टूटी पटरी दिखाई नहीं देती, जिससे वाहन फिसलने का डर बना रहता है।- गणेश प्रसाद।
गांव के लोगों का आना-जाना इसी रास्ते से होता है। सड़क की हालत खराब होने से परेशानी बढ़ गई है। - आशीष कुमार मिश्रा।
बरसात के समय स्थिति और खतरनाक हो जाती है। पानी भरने से गड्ढे नजर नहीं आते और हर समय हादसे होने की आशंका बनी रहती है।- प्रदीप सिंह।

ओसा से बाजापुर मार्ग पर नहर कि पटरी बदहाल। संवाद

ओसा से बाजापुर मार्ग पर नहर कि पटरी बदहाल। संवाद

ओसा से बाजापुर मार्ग पर नहर कि पटरी बदहाल। संवाद

ओसा से बाजापुर मार्ग पर नहर कि पटरी बदहाल। संवाद

ओसा से बाजापुर मार्ग पर नहर कि पटरी बदहाल। संवाद

ओसा से बाजापुर मार्ग पर नहर कि पटरी बदहाल। संवाद

ओसा से बाजापुर मार्ग पर नहर कि पटरी बदहाल। संवाद