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कोविड टीकाकरण करने गई टीम को शिक्षिका ने स्कूल में किया कैद
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बरलहा प्राथमिक विद्यालय में स्वास्थ्य कर्मियों को अंदर करके गेट में शिक्षकों ने किया ताला बंद
- फोटो : KAUSHAMBI
किशोरों का टीकाकरण करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम को बरलहा प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका की हरकतों से परेशान होना पड़ा। आरोप है कि टीकाकरण टीम को विद्यालय के अंदर कैद कर शिक्षिका गेट का ताला बंद कर चली गई। टीम ने इसकी शिकायत पुलिस के साथ ही विभागीय अधिकारियों से की तो हड़कंप मच गया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शिक्षामित्र से गेट खुलवाकर टीम को बाहर निकाला। आरोप है कि इससे पहले भी शिक्षिका वैक्सीनेशन टीम से बदसुलूकी कर चुकी है।
सदर ब्लॉक के बरलहा गांव स्थित प्राइमरी स्कूल में किशोरों के टीकाकरण के लिए बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाया था। शिविर नौ से चार बजे तक चलना था। टीम में शामिल एएनएम मीना यादव, ब्लड बैंक के कर्मचारी वीरेंद्र सिंह और आशा ने बताया कि स्कूल परिसर के अंदर एक कमरे में टीकाकरण शुरू किया गया।
प्राथमिक विद्यालय तीन बजे बंद होता है। आरोप है कि सहायक शिक्षिका सुनीता मौर्या वैक्सीनेशन टीम से बातचीत किए बिना ही स्कूल का मेन गेट तीन बजे बंद कर चलीं गईं। चार बजे वैक्सीनेशन का समय खत्म होने के बाद टीम कमरे से बाहर आई तो पता चला कि मुख्य गेट बंद है। टीम बाहर नहीं निकल पा रही थी। जानकारी पीएचसी मंझनपुर के प्रभारी डॉ. अरुण पटेल को दी गई।
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उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों से बातचीत की। संबंधित अधिकारियों से बातचीत के दौरान कुछ सामंजस्य गड़बड़ाया तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नाराज हो गए। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी डीजी हेल्थ और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को दे दी। एएसपी समर बहादुर के निर्देश पर करारी थाना की पुलिस सक्रिय हुई। स्कूल पहुंची पुलिस ने शिक्षामित्र को बुलाकर ताला खुलवाया।
इसके बाद स्वास्थ्य टीम बाहर आई। सहायक अध्यापिका की इस हरकत से स्वास्थ्यकर्मी खफा हैं। मामले में कार्रवाई की मांग की गई है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि सहायक अध्यापिका इसके पहले वैक्सीनेशन टीम से दो बार बदसुलूकी कर चुकी है। स्वास्थ्य कर्मचारियों का आरोप है कि शिक्षिका ने यहां तक कहा है कि इस विद्यालय में कैंप न लगाए, कोई दूसरा स्कूल तलाश लें।
जानकारी मिली है। सूचना के आधार पर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई कराई जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग से इसकी विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।
सुजीत कुमार-डीएम
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सदर ब्लॉक के बरलहा गांव स्थित प्राइमरी स्कूल में किशोरों के टीकाकरण के लिए बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाया था। शिविर नौ से चार बजे तक चलना था। टीम में शामिल एएनएम मीना यादव, ब्लड बैंक के कर्मचारी वीरेंद्र सिंह और आशा ने बताया कि स्कूल परिसर के अंदर एक कमरे में टीकाकरण शुरू किया गया।
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प्राथमिक विद्यालय तीन बजे बंद होता है। आरोप है कि सहायक शिक्षिका सुनीता मौर्या वैक्सीनेशन टीम से बातचीत किए बिना ही स्कूल का मेन गेट तीन बजे बंद कर चलीं गईं। चार बजे वैक्सीनेशन का समय खत्म होने के बाद टीम कमरे से बाहर आई तो पता चला कि मुख्य गेट बंद है। टीम बाहर नहीं निकल पा रही थी। जानकारी पीएचसी मंझनपुर के प्रभारी डॉ. अरुण पटेल को दी गई।
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उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों से बातचीत की। संबंधित अधिकारियों से बातचीत के दौरान कुछ सामंजस्य गड़बड़ाया तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नाराज हो गए। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी डीजी हेल्थ और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को दे दी। एएसपी समर बहादुर के निर्देश पर करारी थाना की पुलिस सक्रिय हुई। स्कूल पहुंची पुलिस ने शिक्षामित्र को बुलाकर ताला खुलवाया।
इसके बाद स्वास्थ्य टीम बाहर आई। सहायक अध्यापिका की इस हरकत से स्वास्थ्यकर्मी खफा हैं। मामले में कार्रवाई की मांग की गई है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि सहायक अध्यापिका इसके पहले वैक्सीनेशन टीम से दो बार बदसुलूकी कर चुकी है। स्वास्थ्य कर्मचारियों का आरोप है कि शिक्षिका ने यहां तक कहा है कि इस विद्यालय में कैंप न लगाए, कोई दूसरा स्कूल तलाश लें।
जानकारी मिली है। सूचना के आधार पर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई कराई जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग से इसकी विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।
सुजीत कुमार-डीएम