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Kaushambi News: खेत में नहीं चला फावड़ा, कागज में हो गया समतल
Wed, 22 May 2024 06:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 22 May 2024 06:13 AM IST
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मनरेगा योजना से खेत को समतल करने के नाम पर 2.67 लाख का भुगतान हो गया। जबकि खेत में एक भी दिन फावड़ा नहीं चला। जानकारी के बाद खेत मालिकों ने आईजीआरएस पोर्टल के जरिये मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर जांच की मांग की है। वहीं, डीसी मनरेगा ने शिकायती पत्र मिलने पर जांच कराने की बात कही है।
सरसवां ब्लॉक के उमरावां गांव के किसानों ने रविवार को मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। बताया कि उनके खेत में मनरेगा योजना से समतलीकरण होना दस्तावेजों में दिखाया गया है। जबकि, उनके खेत में कभी फावड़ा ही नहीं चला। खेत आज भी उसी तरह है।
आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने गांव के एक व्यक्ति के साथ मिल गजाधर के खेत समतल करने के नाम पर 86 हजार, ज्ञान सिंह के खेत के नाम पर 96 हजार व नकुल कुमार के खेत को समतल करने के नाम पर 85 हजार का भुगतान निकाला गया है।
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किसानों ने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की जांच कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस बाबत डीसी मनरेगा मनोज वर्मा का कहना है कि शिकायती पत्र मिलने पर टीम बनाकर मामले की जांच कराई जाएगी। यदि किसी प्रकार का फर्जीवाड़ा प्रकाश में आया तो कार्रवाई होगी।
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सरसवां ब्लॉक के उमरावां गांव के किसानों ने रविवार को मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। बताया कि उनके खेत में मनरेगा योजना से समतलीकरण होना दस्तावेजों में दिखाया गया है। जबकि, उनके खेत में कभी फावड़ा ही नहीं चला। खेत आज भी उसी तरह है।
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आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने गांव के एक व्यक्ति के साथ मिल गजाधर के खेत समतल करने के नाम पर 86 हजार, ज्ञान सिंह के खेत के नाम पर 96 हजार व नकुल कुमार के खेत को समतल करने के नाम पर 85 हजार का भुगतान निकाला गया है।
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किसानों ने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की जांच कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस बाबत डीसी मनरेगा मनोज वर्मा का कहना है कि शिकायती पत्र मिलने पर टीम बनाकर मामले की जांच कराई जाएगी। यदि किसी प्रकार का फर्जीवाड़ा प्रकाश में आया तो कार्रवाई होगी।