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Kaushambi News: अस्पताल के बाहर टूटा सीवर का ढक्कन, मरीजों की बढ़ी परेशानी
Thu, 20 Nov 2025 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 20 Nov 2025 01:38 AM IST
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अस्पताल के गेट पर टूटे सीवर के टैंक का ढक्कन। संवाद
- फोटो : credit
मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग के मुख्य गेट पर सीवर टैंक का ढक्कन टूटने से परिसर में गंदगी फैली है। तेज बदबू के कारण मरीज, परिजन और अस्पताल में आने वाले लोग परेशान हैं। परिसर में फैली यह स्थिति न केवल असुविधा पैदा कर रही है, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ा रही है।
मेडिकल कॉलेज के मुख्य अस्पताल और एमसीएचसी के मरीज व तीमारदारों ने बताया कि सीवर का ढक्कन कई दिनों से टूटा हुआ है लेकिन उसे बदलने या मरम्मत कराने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया।
नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि सुबह निरीक्षण के दौरान कई तीमारदारों ने प्राचार्य व सीएमएस से शिकायत की कि गेट के पास से गुजरते ही बदबू फैल रही है। उन्होंने बताया कि अस्पताल इलाज कराने आते हैं लेकिन इस बदबू से स्वयं बीमार पड़ने जैसा महसूस होने लगता है।
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महिलाओं और नवजात बच्चों के साथ आए परिजनों ने कहा कि एमसीएच विंग जहां प्रसूति और बच्चों का इलाज होता है, वहां ऐसी गंदगी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। खुले सीवर टैंक के कारण मच्छर भी पनप रहे हैं जिससे डेंगू व संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। अस्पताल परिसर में तैनात कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार सूचना दी गई लेकिन सफाई एवं मेंटेनेंस विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर ध्यान नहीं दे रहे। वहीं, तीमारदारों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मांग की कि सीवर टैंक का ढक्कन तत्काल बदला जाए।
- परिसर में रोजाना साफ-सफाई कराई जाती है। यदि कहीं गंदगी या टूटा ढक्कन पाया गया है तो उसे तत्काल साफ करवाकर सुधार किया जाएगा। मरीजों को बेहतर एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। - डॉ. एसके शुक्ला, सीएमएस
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मेडिकल कॉलेज के मुख्य अस्पताल और एमसीएचसी के मरीज व तीमारदारों ने बताया कि सीवर का ढक्कन कई दिनों से टूटा हुआ है लेकिन उसे बदलने या मरम्मत कराने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया।
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नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि सुबह निरीक्षण के दौरान कई तीमारदारों ने प्राचार्य व सीएमएस से शिकायत की कि गेट के पास से गुजरते ही बदबू फैल रही है। उन्होंने बताया कि अस्पताल इलाज कराने आते हैं लेकिन इस बदबू से स्वयं बीमार पड़ने जैसा महसूस होने लगता है।
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महिलाओं और नवजात बच्चों के साथ आए परिजनों ने कहा कि एमसीएच विंग जहां प्रसूति और बच्चों का इलाज होता है, वहां ऐसी गंदगी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। खुले सीवर टैंक के कारण मच्छर भी पनप रहे हैं जिससे डेंगू व संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। अस्पताल परिसर में तैनात कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार सूचना दी गई लेकिन सफाई एवं मेंटेनेंस विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर ध्यान नहीं दे रहे। वहीं, तीमारदारों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मांग की कि सीवर टैंक का ढक्कन तत्काल बदला जाए।
- परिसर में रोजाना साफ-सफाई कराई जाती है। यदि कहीं गंदगी या टूटा ढक्कन पाया गया है तो उसे तत्काल साफ करवाकर सुधार किया जाएगा। मरीजों को बेहतर एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। - डॉ. एसके शुक्ला, सीएमएस

अस्पताल के गेट पर टूटे सीवर के टैंक का ढक्कन। संवाद- फोटो : credit