फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   The results will come today , to test heart rates increased

आज आएंगे नतीजे, परीक्षार्थियों की बढ़ी धड़कनें

Sun, 17 May 2015 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी Updated Sun, 17 May 2015 12:12 AM IST
विज्ञापन
मंझनपुर। यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम रविवार को आएगा। छात्र-छात्राओं की मेहनत के साथ ही यह रिजल्ट कौशाम्बी के अफसरों की सख्ती की सच्चाई भी दिखाएगा। परिणाम से यह पता चलेगा कि नकल मंडी में अधिकारी सफल हुए हैं अथवा शिक्षा माफिया। फिलहाल इन सबके बीच परीक्षार्थियों के दिल की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। उधर, डीआईओएस का दावा है कि इस बार नकलची जिले के टॉपर नहीं होंगे।
विज्ञापन


हाईस्कूल, इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा इस बार निर्धारित समय से महीने भर पहले यानी 18 फरवरी से ही शुरू हो गई थीं। अबकी दोनों परीक्षाओं का रिजल्ट भी रविवार 17 मई को एक साथ ही घोषित किया जा रहा है। बता दें कि बोर्ड परीक्षा में कौशाम्बी से इस साल 56 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इन सभी परीक्षार्थियों की किस्मत का फैसला रविवार को सामने आएगा। इसे लेकर छात्र-छात्राओं के दिल की धड़कनें तेज हो गई हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि पहली बार जिला प्रशासन ने कौशाम्बी में बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। ऐसे में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस साल का रिजल्ट कम आने की उम्मीद लोगों को है।
विज्ञापन


 बता दें कि बोर्ड परीक्षा के लिए कौशाम्बी जिला नकल मंडी के नाम से कुख्यात है। यहां अब तक खुलेआम परीक्षा केंद्रों पर नकल करवाई जाती थी। इसका नतीजा होता था कि ककहरा तक नहीं जानने वाले विद्यार्थी भी अच्छे अंकों के साथ हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण हो जाते थे। पर, नकल रोकने में इस साल सख्ती हुई है। इसका असर था कि ज्यादातर परीक्षा केंद्रों में सामूहिक नकल नहीं हो सकी है। वहीं अधिकारियों का दावा है कि इस सख्ती का असर वर्ष 2015 की बोर्ड परीक्षा के परिणाम में खुद ही दिखेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


 अफसरों की ओर से किए जा रहे नकल विहीन परीक्षा के दावों को सही माना जाए तो फिर इस बार का परीक्षा परिणाम चौंकाने वाला होगा। अफसरों का मानना है कि अच्छे नम्बर पाने वालों का अकाल भले ही नहीं हो लेकिन इस साल जिले में टॉपरों की लाइन तो नहीं ही लगेगी। परीक्षा परिणाम से ही सामने आएगा कि परीक्षा के दौरान बरती गई अफसरों की सख्ती रंग लाई है अथवा नहीं। दूसरी ओर परीक्षा परिणाम को लेकर नामी स्कूलों के जिम्मेदारों के होश उड़े हुए हैं। सबसे ज्यादा उन स्कूलों के जिम्मेदार चिंतित हैं  जिनके स्कूलों के बच्चे पिछले कई वर्षों से लगातार जिले की मेरिट लिस्ट पर कब्जा जमाए थे। उन्हें इस बात का डर है कि कहीं इस बार टॉपरों की खेप नहीं निकली तो उनकी पोल खुल जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed