{"_id":"5e274e838ebc3e4b4f228d34","slug":"the-mother-of-the-rape-victim-in-front-of-dm-sp-caught-the-collar-of-kotwal-kaushambi-news-ald2663825187","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम-एसपी के सामने रेप पीड़िता की मां ने कोतवाल का पकड़ा कॉलर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम-एसपी के सामने रेप पीड़िता की मां ने कोतवाल का पकड़ा कॉलर
विज्ञापन
The mother of the rape victim in front of DM-SP caught the collar of Kotwal
- फोटो : KAUSHAMBI
- मामले में पुलिस पर समझौता कराने का आरोप लगा संपूर्ण समाधान दिवस में किया हंगामा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर । सदर तहसील में मंगलवार को आयोजित समाधान दिवस के दौरान जमकर हंगामा हुआ। दुष्कर्म के मामले में पुलिस के रवैये से आक्रोशित पीड़िता की मां ने डीएम मनीष कुमार वर्मा व एसपी अभिनंदन के सामने पश्चिमशरीरा इंस्पेक्टर का कॉलर पकड़ लिया। महिला का आरोप था कि तत्कालीन इंस्पेक्टर मंझनपुर ने उसकी बेटी की आबरू की कीमत 28 हजार लगाकर मामले में सुलह कराने का दबाव बनाया।
सदर कोतवाली इलाके के एक गांव की महिला का कहना था कि उसका मायका पानीपत में है। मार्च 2019 को वह अपने दो बच्चों के साथ मायके गई थी। तीन मार्च की रात दादी व उसका पति शौच के लिए गए थे। इसी दौरान उसकी बेटी को अकेली पाकर पड़ोसी युवक ने दुष्कर्म किया। बेटी ने मामले की जानकारी फोन पर मां को दी तो वह पानीपत से ससुराल आई। पांच मार्च को मामले की जानकारी यूपी-112 को दिया गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने मामले में आरोपी से लेनदेन कर उसे कोतवाली से ही छोड़ दिया। पीड़िता बेटी का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंची तो आरोपी व उसके घरवालों ने वहां मारपीट की। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद बेटी के पिता व दादी के फर्जी हलफनामे के आधार पर मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई, जबकि पीड़िता बराबर पुलिस से बेटी के बयान कराने को लेकर गुहार लगाती रही। इसे लेकर पीड़िता की मां मंगलवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम मनीष कुमार वर्मा के पास शिकायत लेकर पहुंची थी। डीएम के सामने उसने अपनी बात रखी। इसी दौरान जब डीएम ने तत्कालीन कोतवाल उदयवीर से हकीकत जाननी चाही तो महिला बिफर गई। उसने डीएम-एसपी के सामने ही कोतवाल का कॉलर पकड़ लिया। इसे लेकर तहसील दिवस में हंगामा मच गया। बाद में लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया।
----
पीड़िता नहीं होती तो भेज देता जेल
मंझनपुर। संपूर्ण समाधान दिवस में महिला का दुस्साहस देख डीएम मनीष कुमार बिफर पड़े। कहा कि अगर पीड़िता की मां नहीं होती तो जेल भेज दिया जाता। अफसर के इस बयान से तहसील में मौजूद लोग दंग रह गए। बाद में किसी तरह महिला को भेजा गया। इस दौरान चर्चा रही कि महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, लेकिन इसी पुष्टि नहीं हो सकी।
विज्ञापन
---
इनका कहना है
रेप पीड़िता की मां अपनी शिकायत लेकर पहुंची थी। सामने विवेचक को देखकर वह उत्तेजित हो गई। महिला ने कॉलर नहीं बल्कि वर्दी के नीचे का हिस्सा पकड़ा था। उसकी शिकायत पर जांच कराई जाएगी। महिला को हिरासत में नहीं लिया गया है।
एसएन पाठक, सीओ सदर
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर । सदर तहसील में मंगलवार को आयोजित समाधान दिवस के दौरान जमकर हंगामा हुआ। दुष्कर्म के मामले में पुलिस के रवैये से आक्रोशित पीड़िता की मां ने डीएम मनीष कुमार वर्मा व एसपी अभिनंदन के सामने पश्चिमशरीरा इंस्पेक्टर का कॉलर पकड़ लिया। महिला का आरोप था कि तत्कालीन इंस्पेक्टर मंझनपुर ने उसकी बेटी की आबरू की कीमत 28 हजार लगाकर मामले में सुलह कराने का दबाव बनाया।
सदर कोतवाली इलाके के एक गांव की महिला का कहना था कि उसका मायका पानीपत में है। मार्च 2019 को वह अपने दो बच्चों के साथ मायके गई थी। तीन मार्च की रात दादी व उसका पति शौच के लिए गए थे। इसी दौरान उसकी बेटी को अकेली पाकर पड़ोसी युवक ने दुष्कर्म किया। बेटी ने मामले की जानकारी फोन पर मां को दी तो वह पानीपत से ससुराल आई। पांच मार्च को मामले की जानकारी यूपी-112 को दिया गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने मामले में आरोपी से लेनदेन कर उसे कोतवाली से ही छोड़ दिया। पीड़िता बेटी का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंची तो आरोपी व उसके घरवालों ने वहां मारपीट की। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद बेटी के पिता व दादी के फर्जी हलफनामे के आधार पर मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई, जबकि पीड़िता बराबर पुलिस से बेटी के बयान कराने को लेकर गुहार लगाती रही। इसे लेकर पीड़िता की मां मंगलवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम मनीष कुमार वर्मा के पास शिकायत लेकर पहुंची थी। डीएम के सामने उसने अपनी बात रखी। इसी दौरान जब डीएम ने तत्कालीन कोतवाल उदयवीर से हकीकत जाननी चाही तो महिला बिफर गई। उसने डीएम-एसपी के सामने ही कोतवाल का कॉलर पकड़ लिया। इसे लेकर तहसील दिवस में हंगामा मच गया। बाद में लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया।
विज्ञापन
----
पीड़िता नहीं होती तो भेज देता जेल
मंझनपुर। संपूर्ण समाधान दिवस में महिला का दुस्साहस देख डीएम मनीष कुमार बिफर पड़े। कहा कि अगर पीड़िता की मां नहीं होती तो जेल भेज दिया जाता। अफसर के इस बयान से तहसील में मौजूद लोग दंग रह गए। बाद में किसी तरह महिला को भेजा गया। इस दौरान चर्चा रही कि महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, लेकिन इसी पुष्टि नहीं हो सकी।
विज्ञापन
---
इनका कहना है
रेप पीड़िता की मां अपनी शिकायत लेकर पहुंची थी। सामने विवेचक को देखकर वह उत्तेजित हो गई। महिला ने कॉलर नहीं बल्कि वर्दी के नीचे का हिस्सा पकड़ा था। उसकी शिकायत पर जांच कराई जाएगी। महिला को हिरासत में नहीं लिया गया है।
एसएन पाठक, सीओ सदर