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Kaushambi News: अस्पताल की ठंड से बेहतर घर की सर्दी
Tue, 30 Dec 2025 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 30 Dec 2025 02:05 AM IST
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मेडिकल कॉलेज मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर अब मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और वार्डों में साफ नजर आने लगा है। ठंड बढ़ने के कारण लोग घरों से कम निकल रहे हैं, जिससे अस्पतालों में मरीजों की संख्या में गिरावट आ रही है। ओपीडी में पहले रोजाना करीब 1500 से अधिक मरीज पहुंचते थे। अब यह संख्या घटकर लगभग 900 के आसपास रह गई है।
मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध जिला अस्पताल के मेडिसिन, पीकू, जनरल समेत आधा दर्जन वार्डों में पहले बेड फुल रहते थे, लेकिन इन दिनों कई वार्डों में बेड खाली हैं। यही स्थिति, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) की भी है। सीएचसी और पीएचसी के आंकड़ों के अनुसार वहां ओपीडी में 20 से 30 फीसदी तक की कमी आई है।
मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन विभाग में इलाज कराने आए रामरूप ने बताया कि अधिक ठंड पड़ने के कारण लोग तभी अस्पताल आ रहे हैं, जब परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है। वहीं, मरीज सीमा देवी ने बताया कि ठंड में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, इसलिए हल्की समस्या होने पर घर के आसपास से ही दवा ले रहे हैं।
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वरिष्ठ फिजिशिन डॉ. एके सिंह ने बताया कि ठंड बढ़ने से सामान्य बीमारियों के मरीज कम आ रहे हैं, लेकिन जो मरीज पहुंच रहे हैं उनमें ठंड से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखने को मिल रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, एलर्जी, सूखी त्वचा, सूखी खांसी, टॉन्सिल की समस्या, बच्चों में निमोनिया और बुजुर्गों में हड्डियों के दर्द की शिकायत अधिक मिल रही है।
ऐसे में डॉक्टर इलाज के लिए आए मरीजों को सलाह देते हैं कि ठंड में लापरवाही न बरतें, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और किसी भी गंभीर स्थित पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।
उन्होंने कहा कि ठंड में बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। सोमवार को पर्चा काउंटर के एक कर्मचारी ने बताया कि दोपहर 12:35 बजे तक 613 मरीजों ने पर्चा लिया।
पिछले सप्ताह आए मरीजों की संख्या
दिन संख्या
सोमवार 1203
मंगलवार 915
बुधवार 908
बृहस्पतिवार 438
शुक्रवार 1103
शनिवार 549
कड़ाके की ठंड से सरसवां स्वास्थ्य केंद्र में घटे मरीज
सरसवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एमओआईसी डॉ. प्रसून जायसवाल ने बताया कि कड़ाके की ठंड के चलते इन दिनों मरीजों की संख्या में गिरावट आई है। उन्होंने, बताया कि करीब 15 दिन पहले सीएचसी में रोजाना 70 से 80 मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे, जबकि अब यह संख्या घटकर लगभग 50 के आसपास रह गई है।
इसी तरह पीएचसी की ओपीडी में पहले रोजाना 150 से 200 मरीज आ रहे थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर करीब 100 रह गई है। उन्होंने बताया कि ठंड बढ़ने से लोग घरों से कम निकल रहे हैं।
अस्पताल की ओपीडी में दिखा ठंड का असर
मंझनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एमओआईसी डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि कड़ाके की ठंड के कारण इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या घट गई है। दो-तीन दिन से करीब 40 से 50 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि कुछ दिनों पहले यह संख्या 80 से 100 के बीच रहती थी।
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मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध जिला अस्पताल के मेडिसिन, पीकू, जनरल समेत आधा दर्जन वार्डों में पहले बेड फुल रहते थे, लेकिन इन दिनों कई वार्डों में बेड खाली हैं। यही स्थिति, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) की भी है। सीएचसी और पीएचसी के आंकड़ों के अनुसार वहां ओपीडी में 20 से 30 फीसदी तक की कमी आई है।
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मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन विभाग में इलाज कराने आए रामरूप ने बताया कि अधिक ठंड पड़ने के कारण लोग तभी अस्पताल आ रहे हैं, जब परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है। वहीं, मरीज सीमा देवी ने बताया कि ठंड में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, इसलिए हल्की समस्या होने पर घर के आसपास से ही दवा ले रहे हैं।
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वरिष्ठ फिजिशिन डॉ. एके सिंह ने बताया कि ठंड बढ़ने से सामान्य बीमारियों के मरीज कम आ रहे हैं, लेकिन जो मरीज पहुंच रहे हैं उनमें ठंड से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखने को मिल रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, एलर्जी, सूखी त्वचा, सूखी खांसी, टॉन्सिल की समस्या, बच्चों में निमोनिया और बुजुर्गों में हड्डियों के दर्द की शिकायत अधिक मिल रही है।
ऐसे में डॉक्टर इलाज के लिए आए मरीजों को सलाह देते हैं कि ठंड में लापरवाही न बरतें, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और किसी भी गंभीर स्थित पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।
उन्होंने कहा कि ठंड में बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। सोमवार को पर्चा काउंटर के एक कर्मचारी ने बताया कि दोपहर 12:35 बजे तक 613 मरीजों ने पर्चा लिया।
पिछले सप्ताह आए मरीजों की संख्या
दिन संख्या
सोमवार 1203
मंगलवार 915
बुधवार 908
बृहस्पतिवार 438
शुक्रवार 1103
शनिवार 549
कड़ाके की ठंड से सरसवां स्वास्थ्य केंद्र में घटे मरीज
सरसवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एमओआईसी डॉ. प्रसून जायसवाल ने बताया कि कड़ाके की ठंड के चलते इन दिनों मरीजों की संख्या में गिरावट आई है। उन्होंने, बताया कि करीब 15 दिन पहले सीएचसी में रोजाना 70 से 80 मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे, जबकि अब यह संख्या घटकर लगभग 50 के आसपास रह गई है।
इसी तरह पीएचसी की ओपीडी में पहले रोजाना 150 से 200 मरीज आ रहे थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर करीब 100 रह गई है। उन्होंने बताया कि ठंड बढ़ने से लोग घरों से कम निकल रहे हैं।
अस्पताल की ओपीडी में दिखा ठंड का असर
मंझनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एमओआईसी डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि कड़ाके की ठंड के कारण इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या घट गई है। दो-तीन दिन से करीब 40 से 50 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि कुछ दिनों पहले यह संख्या 80 से 100 के बीच रहती थी।

मेडिकल कॉलेज मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद

मेडिकल कॉलेज मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद