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जनगणना सूची में नाम नहीं, भड़के ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Tue, 17 Feb 2015 12:23 AM IST
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मंझनपुर (ब्यूरो)। जनगणना 2011 की सूची से नाम गायब होने को लेकर गौरातफारीक गांव के लोगों में गुस्सा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में आकर प्रदर्शन किया। डीएम को प्रार्थनापत्र देकर सूची में छूटे हुए ग्रामीणों का नाम शामिल कराने की मांग की है।
सरसवां ब्लाक क्षेत्र के गौरा तफारीक गांव के रहने वाले प्रेमचंद्र, मुन्नीलाल, गिरिजा प्रसाद, विनोद कुमार, सुमित्रा देवी, शिवकुमारी, रामसखी, गुड़िया देवी, राजकुमारी, अनारकली, अनीता देवी, संगीता देवी, ऊषा देवी, मंजू देवी, तिजिया, रीता देवी, राजरानी, पूजा देवी, सुखरानी, प्रभा देवी, आशा देवी, सरिता देवी, पूनम, पार्वती, सावित्री, रामसंवारी, सोनिया, बच्ची देवी, कुंती आदि करीब 200 से भी अधिक ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रट आकर प्रदर्शन किया। इन गांववालों का आरोप है कि वर्ष 2011 में जनगणना के लिए किए गए सर्वे में लगे कर्मचारियों ने मनमानी की है।
लोगों की मानें तो गांव की सर्वे सूची में उन लोगों का नाम ही नहीं है। सूची में ज्यादातर उन लोगों का नाम अंकित हैं, जो उनके गांव के रहने वाले ही नहीं हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देते हुए सर्वे सूची में छूटे हुए ग्रामीणों का नाम शामिल करवाने की मांग की है। डीएम ने सूची की जांच कराकर इसमें संशोधन करवाने का भरोसा ग्रामीणों को दिलाया है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि सूची में नाम शामिल नहीं कराया गया, तो वे कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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सरसवां ब्लाक क्षेत्र के गौरा तफारीक गांव के रहने वाले प्रेमचंद्र, मुन्नीलाल, गिरिजा प्रसाद, विनोद कुमार, सुमित्रा देवी, शिवकुमारी, रामसखी, गुड़िया देवी, राजकुमारी, अनारकली, अनीता देवी, संगीता देवी, ऊषा देवी, मंजू देवी, तिजिया, रीता देवी, राजरानी, पूजा देवी, सुखरानी, प्रभा देवी, आशा देवी, सरिता देवी, पूनम, पार्वती, सावित्री, रामसंवारी, सोनिया, बच्ची देवी, कुंती आदि करीब 200 से भी अधिक ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रट आकर प्रदर्शन किया। इन गांववालों का आरोप है कि वर्ष 2011 में जनगणना के लिए किए गए सर्वे में लगे कर्मचारियों ने मनमानी की है।
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लोगों की मानें तो गांव की सर्वे सूची में उन लोगों का नाम ही नहीं है। सूची में ज्यादातर उन लोगों का नाम अंकित हैं, जो उनके गांव के रहने वाले ही नहीं हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देते हुए सर्वे सूची में छूटे हुए ग्रामीणों का नाम शामिल करवाने की मांग की है। डीएम ने सूची की जांच कराकर इसमें संशोधन करवाने का भरोसा ग्रामीणों को दिलाया है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि सूची में नाम शामिल नहीं कराया गया, तो वे कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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