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Kaushambi News: देहदानी के पार्थिव शरीर को मेडिकल काॅलेज को किया दान
Sun, 31 Aug 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 31 Aug 2025 01:15 AM IST
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गुवारा के देहदानी राजेंद्र प्रसाद केसरवानी की अंतिम यात्रा के दौरान उमड़ी भीड़। संवाद
सदर तहसील के गुवारा तैयबपुर निवासी वरिष्ठ समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद केसरवानी (84) का शनिवार को निधन हो गया। दोपहर बाद गांव में उनकी शवयात्रा निकाली गई। देहदानी के पार्थिव शरीर को मेडिकल काॅलेज को दान किया गया।
परिजनों के अनुसार राजेंद्र प्रसाद केसरवानी गायत्री परिवार से जुड़े थे और वर्षों से समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय रहे। हाल ही में तीन अप्रैल को कादीपुर मेडिकल कॉलेज में आयोजित देहदान जागरूकता सेमिनार में उन्होंने स्वयं देहदान के लिए पंजीकरण कराया था। इस पर उनके बेटे डॉ. मयंक केसरवानी ने कॉलेज प्रशासन को सूचना दी। शनिवार को शाम चार बजे मेडिकल कॉलेज एटोनॉमी विभाग के डॉ. राकेश शुक्ला टीम के साथ गांव पहुंचे और शवयात्रा के बाद पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज ले गए।
इस मौके पर डॉ. सुभाष विश्वकर्मा, डॉ. उमेश केसरवानी, डॉ. विजय केसरवानी, अधिवक्ता संजय केसरवानी, अंकुर केसरवानी, इंदल प्रसाद सरोज और गंगा सागर पांडेय सहित तमाम लोग मौजूद रहें। बतादें कि जिले से पहले भी चार लोग देहदान कर चुके हैं। जिसमें भरवारी के रमाशंकर केसरवानी ने वर्ष 2012 में, राजेंद्र प्रसाद साहू 2014, बद्री प्रसाद केसरवानी और हरिश्चंद्र ने 2020 में देहदान किए थे। कॉलेज प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने बताया कि राजेंद्र प्रसाद केसरवानी ने अपने पार्थिव शरीर को शोध कार्य हेतु समर्पित कर आने वाली पीढ़ियों को चिकित्सा शिक्षा में योगदान दिया है।
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परिजनों के अनुसार राजेंद्र प्रसाद केसरवानी गायत्री परिवार से जुड़े थे और वर्षों से समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय रहे। हाल ही में तीन अप्रैल को कादीपुर मेडिकल कॉलेज में आयोजित देहदान जागरूकता सेमिनार में उन्होंने स्वयं देहदान के लिए पंजीकरण कराया था। इस पर उनके बेटे डॉ. मयंक केसरवानी ने कॉलेज प्रशासन को सूचना दी। शनिवार को शाम चार बजे मेडिकल कॉलेज एटोनॉमी विभाग के डॉ. राकेश शुक्ला टीम के साथ गांव पहुंचे और शवयात्रा के बाद पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज ले गए।
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इस मौके पर डॉ. सुभाष विश्वकर्मा, डॉ. उमेश केसरवानी, डॉ. विजय केसरवानी, अधिवक्ता संजय केसरवानी, अंकुर केसरवानी, इंदल प्रसाद सरोज और गंगा सागर पांडेय सहित तमाम लोग मौजूद रहें। बतादें कि जिले से पहले भी चार लोग देहदान कर चुके हैं। जिसमें भरवारी के रमाशंकर केसरवानी ने वर्ष 2012 में, राजेंद्र प्रसाद साहू 2014, बद्री प्रसाद केसरवानी और हरिश्चंद्र ने 2020 में देहदान किए थे। कॉलेज प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने बताया कि राजेंद्र प्रसाद केसरवानी ने अपने पार्थिव शरीर को शोध कार्य हेतु समर्पित कर आने वाली पीढ़ियों को चिकित्सा शिक्षा में योगदान दिया है।

गुवारा के देहदानी राजेंद्र प्रसाद केसरवानी की अंतिम यात्रा के दौरान उमड़ी भीड़। संवाद
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