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ब्लॉक प्रमुख की दो सीट जीतने वाली भाजपा ने पांच सीटों पर कब्जे का किया दावा
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव से लेकर ब्लॉक प्रमुख बनाने तक तमाम पापड़ बेलने वाली भाजपा के सुर बदल गए हैं। एड़ी-चोटी का जोर लगाने के बावजूद ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में पार्टी ने महज दो सीट पर ही जीत हासिल की। पार्टी का कहना है कि स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच सहमति नहीं बनने के कारण तीन ब्लॉकों में अधिकृत उम्मीदवार नहीं घोषित किए गए थे।
लेकिन निर्दल प्रत्याशी निर्वाचित होने के बाद तीनों ब्लॉक प्रमुख पार्टी में शामिल हो चुके हैं। पार्टी ने ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल किया है। सिर्फ दो सीटें ही सपा के खाते में गई हैं। रविवार को मंझनपुर स्थित भाजपा कार्यालय में मीडिया से मुखातिब भाजपा जिलाध्यक्ष अनीता त्रिपाठी ने यह दावा किया।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि जिले के आठ विकास खंड में भाजपा ने इस बार ब्लॉक प्रमुख पद के लिए सिर्फ सिराथू से सीतू मौर्या, कड़ा से कौशल्या तिवारी, मूरतगंज से शिवमूरत, मंझनपुर से सरला देवी, कौशाम्बी से मालती देवी को प्रत्याशी घोषित किया था।
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सरसवां, नेवादा व चायल में भाजपा ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा। जिन पांच सीटों पर भाजपा प्रत्याशी लड़े उनमें सिर्फ मंझनपुर से सरला देवी व सिराथू से सीतू मौर्या ही निर्वाचित हुईं। बाकी की तीन सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी हार गए। सरसवां से निर्दल प्रत्याशी अमर सिंह, नेवादा से केलपति, कौशाम्बी से संध्या द्विवेदी निर्वाचित हुईं। चायल विकास खंड से दिलीप प्रजापति भी निर्दल प्रत्याशी के रूप में निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख चुने गए। जबकि सपा को सिर्फ कड़ा और मूरतगंज विकास खंड में सफलता मिली।
ऐसे में महज दो सीट जीतने वाली भाजपा ने जिले की पांच ब्लॉक प्रमुख की सीटों पर काबिज होने का दावा किया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि तीन निर्दल निर्वाचित प्रत्याशी भी भाजपा के हैं। संगठन में किसी तरह का मतभेद व कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष ना हो, इस कारण उन सीटों पर किसी को प्रत्याशी नहीं बनाया गया था। जो, निर्दल के रूप में चुनाव लड़े वह भाजपा के ही कार्यकर्ता हैं। इस कारण भाजपा ने दो नहीं बल्कि पांच सीटों पर जीत हासिल की है। इस दौरान भाजपा के जिला महामंत्री संजय जायसवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता धर्मराज मौर्य, चंद्रदत्त शुक्ल, रमेश पाल आदि लोग मौजूद रहे।
अब भाजपा संगठन डैमेंट कंट्रोल पर देगा ध्यान
मंझनपुर। भाजपा जिलाध्यक्ष अनीता त्रिपाठी ने स्वीकार किया कि चुनाव के पहले पार्टी के कार्यकर्ता ही एक-दूसरे के खिलाफ बगावत करके चुनाव लड़ने जा रहे थे। नेवादा में केलपति और प्रदीप कुमार के मामले में भी ऐसा ही हुआ। दोनों ही प्रत्याशी भाजपा समर्थक हैं। इस वजह से पार्टी ने किसी के नाम पर अधिकृत मुहर नहीं लगाई। मतदान निष्पक्ष तरीके से हुआ और केलपति विजई हुईं। केलपति भी भाजपा की हैं और प्रदीप कुमार भी।
पद से हटाए गए लोगों को मिल सकती है भाजपा में जगह
मंझनपुर। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि चुनाव के पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण कुछ लोगों को पद से हटाया गया था। लेकिन उन्हें सिर्फ पद से हटाया गया था, दल से नहीं। जल्द ही उनकी सम्मानजनक वापसी पर विचार किया जाएगा।
कुछ लोगों को हुआ मलाल, पर सब ठीक हो जाएगा
मंझनपुर। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं की गुटबाजी सामने आई। पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार तो जिस प्रत्याशी का नाम घोषित किया गया उसके विपक्ष में उतरे पार्टी के लोगों के साथ कुछ दिक्कतें आई हैं। उन्हें मनाने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान चर्चा रही कि जिलाध्यक्ष का इशारा भाजपा से बगावत कर अपनी पत्नी सुधा सिंह को चुनाव मैदान में उतारने वाले दिलीप सिंह पटेल की ओर था।
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लेकिन निर्दल प्रत्याशी निर्वाचित होने के बाद तीनों ब्लॉक प्रमुख पार्टी में शामिल हो चुके हैं। पार्टी ने ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल किया है। सिर्फ दो सीटें ही सपा के खाते में गई हैं। रविवार को मंझनपुर स्थित भाजपा कार्यालय में मीडिया से मुखातिब भाजपा जिलाध्यक्ष अनीता त्रिपाठी ने यह दावा किया।
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जिलाध्यक्ष ने बताया कि जिले के आठ विकास खंड में भाजपा ने इस बार ब्लॉक प्रमुख पद के लिए सिर्फ सिराथू से सीतू मौर्या, कड़ा से कौशल्या तिवारी, मूरतगंज से शिवमूरत, मंझनपुर से सरला देवी, कौशाम्बी से मालती देवी को प्रत्याशी घोषित किया था।
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सरसवां, नेवादा व चायल में भाजपा ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा। जिन पांच सीटों पर भाजपा प्रत्याशी लड़े उनमें सिर्फ मंझनपुर से सरला देवी व सिराथू से सीतू मौर्या ही निर्वाचित हुईं। बाकी की तीन सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी हार गए। सरसवां से निर्दल प्रत्याशी अमर सिंह, नेवादा से केलपति, कौशाम्बी से संध्या द्विवेदी निर्वाचित हुईं। चायल विकास खंड से दिलीप प्रजापति भी निर्दल प्रत्याशी के रूप में निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख चुने गए। जबकि सपा को सिर्फ कड़ा और मूरतगंज विकास खंड में सफलता मिली।
ऐसे में महज दो सीट जीतने वाली भाजपा ने जिले की पांच ब्लॉक प्रमुख की सीटों पर काबिज होने का दावा किया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि तीन निर्दल निर्वाचित प्रत्याशी भी भाजपा के हैं। संगठन में किसी तरह का मतभेद व कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष ना हो, इस कारण उन सीटों पर किसी को प्रत्याशी नहीं बनाया गया था। जो, निर्दल के रूप में चुनाव लड़े वह भाजपा के ही कार्यकर्ता हैं। इस कारण भाजपा ने दो नहीं बल्कि पांच सीटों पर जीत हासिल की है। इस दौरान भाजपा के जिला महामंत्री संजय जायसवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता धर्मराज मौर्य, चंद्रदत्त शुक्ल, रमेश पाल आदि लोग मौजूद रहे।
अब भाजपा संगठन डैमेंट कंट्रोल पर देगा ध्यान
मंझनपुर। भाजपा जिलाध्यक्ष अनीता त्रिपाठी ने स्वीकार किया कि चुनाव के पहले पार्टी के कार्यकर्ता ही एक-दूसरे के खिलाफ बगावत करके चुनाव लड़ने जा रहे थे। नेवादा में केलपति और प्रदीप कुमार के मामले में भी ऐसा ही हुआ। दोनों ही प्रत्याशी भाजपा समर्थक हैं। इस वजह से पार्टी ने किसी के नाम पर अधिकृत मुहर नहीं लगाई। मतदान निष्पक्ष तरीके से हुआ और केलपति विजई हुईं। केलपति भी भाजपा की हैं और प्रदीप कुमार भी।
पद से हटाए गए लोगों को मिल सकती है भाजपा में जगह
मंझनपुर। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि चुनाव के पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण कुछ लोगों को पद से हटाया गया था। लेकिन उन्हें सिर्फ पद से हटाया गया था, दल से नहीं। जल्द ही उनकी सम्मानजनक वापसी पर विचार किया जाएगा।
कुछ लोगों को हुआ मलाल, पर सब ठीक हो जाएगा
मंझनपुर। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं की गुटबाजी सामने आई। पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार तो जिस प्रत्याशी का नाम घोषित किया गया उसके विपक्ष में उतरे पार्टी के लोगों के साथ कुछ दिक्कतें आई हैं। उन्हें मनाने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान चर्चा रही कि जिलाध्यक्ष का इशारा भाजपा से बगावत कर अपनी पत्नी सुधा सिंह को चुनाव मैदान में उतारने वाले दिलीप सिंह पटेल की ओर था।