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नौकरी के नाम 24 लाख की ठगी के आरोपी की जमामत नामंजूर
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सेना में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों से 24 लाख की ठगी करने के आरोपी की जमानत अर्जी जिला जज बृजेश कुमार मिश्र ने खारिज कर दी। आरोपी ने गैंग बनाकर बेरोजगारों के साथ ठगी की थी।
अभियोजन के मुताबिक सदर कोतवाली के अंबावा पूरब निवासी राजकिशोर मौर्या ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि देवखरपुर के जसवंत यादव ने उसे सेना में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद जसवंत व उसका भाई अमर सिंह उसे लेकर फतेहपुर जिले के बिंदकी कोतवाली अंतर्गत दुगरई गांव ले गए।
वहां उसकी मुलाकात दीपक यादव से कराई गई। दीपक ने छह लाख रुपये में नौकरी दिलाने का लालच दिया। राजकिशोर ने खुद तो पैसा दिया ही, साथ ही तीन अन्य साथियों का पैसा भी जालसाजों को दिला दिया। इसके बाद उन लोगों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिया गया। फर्जीवाड़े की जानकारी होने के बाद राजकिशोर ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दीपक यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा। मामला जिला जज बृजेश कुमार मिश्रा की अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को दीपक की तरफ से उसके अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र दिया। इसका विरोध शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर तिवारी ने किया। अदालत ने दोनों पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद दीपक की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।
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अभियोजन के मुताबिक सदर कोतवाली के अंबावा पूरब निवासी राजकिशोर मौर्या ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि देवखरपुर के जसवंत यादव ने उसे सेना में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद जसवंत व उसका भाई अमर सिंह उसे लेकर फतेहपुर जिले के बिंदकी कोतवाली अंतर्गत दुगरई गांव ले गए।
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वहां उसकी मुलाकात दीपक यादव से कराई गई। दीपक ने छह लाख रुपये में नौकरी दिलाने का लालच दिया। राजकिशोर ने खुद तो पैसा दिया ही, साथ ही तीन अन्य साथियों का पैसा भी जालसाजों को दिला दिया। इसके बाद उन लोगों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिया गया। फर्जीवाड़े की जानकारी होने के बाद राजकिशोर ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दीपक यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा। मामला जिला जज बृजेश कुमार मिश्रा की अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को दीपक की तरफ से उसके अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र दिया। इसका विरोध शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर तिवारी ने किया। अदालत ने दोनों पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद दीपक की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।
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