{"_id":"5c59dfcabdec223604734e99","slug":"teacher-s-strike-before-the-exam-increased-concern","type":"story","status":"publish","title_hn":"परीक्षा से पहले शिक्षकों की हड़ताल ने बढ़ाई चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परीक्षा से पहले शिक्षकों की हड़ताल ने बढ़ाई चिंता
Wed, 06 Feb 2019 12:41 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Wed, 06 Feb 2019 12:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छह से 12 फरवरी तक महाहड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान कोई भी सरकारी कार्य नहीं करेंगे। कक्ष निरीक्षक के रूप में तैनात शिक्षकों की हड़ताल से नकलविहीन बोर्ड परीक्षा कराने को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। अफसर विकल्प की तलाश में जुट गए हैं।
सात फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सभी 78 केंद्रों पर 2338 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई है। इनमें करीब 468 शिक्षक परिषदीय स्कूलों के हैं। दूसरी तरफ राज्य कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले बेसिक शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर छह फरवरी से महाहड़ताल की घोषणा कर रखी है। महाहड़ताल 12 फरवरी तक रहेगी। परीक्षा प्रारंभ होने से ठीक 24 घंटे पहले शिक्षकों के महाहड़ताल पर जाने से प्रशासन की परेशानी बढ़ गई है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने डीआईओएस को विकल्प तैयार रखने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि शिक्षामित्रों को इस महत्वपूर्ण काम में लगाया जा सकता है। इसे लेकर अफसरों के बीच मंथन चल रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि शिक्षकों की महाहड़ताल 12 फरवरी तक है। इस अवधि तक छोटी-छोटी परीक्षाएं है। इसलिए माध्यमिक शिक्षकों से काम चल जाएगा। हड़ताल लंबी खिंची तब कक्ष निरीक्षकों की आवश्यकता बढ़ेगी। इसके लिए तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
सात फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सभी 78 केंद्रों पर 2338 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई है। इनमें करीब 468 शिक्षक परिषदीय स्कूलों के हैं। दूसरी तरफ राज्य कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले बेसिक शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर छह फरवरी से महाहड़ताल की घोषणा कर रखी है। महाहड़ताल 12 फरवरी तक रहेगी। परीक्षा प्रारंभ होने से ठीक 24 घंटे पहले शिक्षकों के महाहड़ताल पर जाने से प्रशासन की परेशानी बढ़ गई है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने डीआईओएस को विकल्प तैयार रखने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि शिक्षामित्रों को इस महत्वपूर्ण काम में लगाया जा सकता है। इसे लेकर अफसरों के बीच मंथन चल रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि शिक्षकों की महाहड़ताल 12 फरवरी तक है। इस अवधि तक छोटी-छोटी परीक्षाएं है। इसलिए माध्यमिक शिक्षकों से काम चल जाएगा। हड़ताल लंबी खिंची तब कक्ष निरीक्षकों की आवश्यकता बढ़ेगी। इसके लिए तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन