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स्वाइन फ्लू से कौशाम्बी में भी खौफ
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Wed, 18 Feb 2015 11:44 PM IST
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मंझनपुर (ब्यूरो)। देशभर में महामारी बनती जा रही स्वाइन फ्लू की बीमारी के इलाहाबाद में दस्तक देने से कौशाम्बी के लोग भी खौफजदा है। इसकी ही झलक बुधवार को जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में दिखी। जहां और दिनों से इतर सभी चिकित्सक एहतियातन मास्क लगाकर लोगों का इलाज करते दिखे।
बता दें कि देश में इन दिनों खतरनाक स्वाइन फ्लू का कहर टूटा हुआ है। यूपी के भी कई जिलों में इसके मरीज सामने आ रहे हैं। एक दिन पहले ही इलाहाबाद में भी इंजीनियरिंग की एक छात्रा इस बीमारी से ग्रसित मिली। इलाहाबाद में स्वाइन फ्लू की दस्तक की भनक लगते ही कौशाम्बी के भी लोग इससे लेकर खौफजदा हैं। यही कारण रहा कि जिला संयुक्त अस्पताल मंझनपुर के अलावा अन्य सीएचसी और पीएचसी अस्पतालों के डाक्टर और अन्य चिकित्साकर्मी सुरक्षा के मद्देनजर मास्क लगाए दिखे।
हालांकि कौशाम्बी के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि स्वाइन फ्लू की संभावना कौशाम्बी में न के बराबर है। दूसरे राज्यों में नौकरी करने वाला कोई व्यक्ति यदि घर लौटा है और उसकी तबीयत बिगड़ती है, तो उसकी निगरानी की जा रही है। एसीएमओ डा बीएल जायसवाल ने बताया कि जहां तक डाक्टरों के मास्क पहनने का सवाल है, यह आम दिनों में भी जरूरी है। क्योंकि बीमारों के शरीर के बैक्टीरिया से इंफेक्शन से बचाव के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है।
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बता दें कि देश में इन दिनों खतरनाक स्वाइन फ्लू का कहर टूटा हुआ है। यूपी के भी कई जिलों में इसके मरीज सामने आ रहे हैं। एक दिन पहले ही इलाहाबाद में भी इंजीनियरिंग की एक छात्रा इस बीमारी से ग्रसित मिली। इलाहाबाद में स्वाइन फ्लू की दस्तक की भनक लगते ही कौशाम्बी के भी लोग इससे लेकर खौफजदा हैं। यही कारण रहा कि जिला संयुक्त अस्पताल मंझनपुर के अलावा अन्य सीएचसी और पीएचसी अस्पतालों के डाक्टर और अन्य चिकित्साकर्मी सुरक्षा के मद्देनजर मास्क लगाए दिखे।
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हालांकि कौशाम्बी के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि स्वाइन फ्लू की संभावना कौशाम्बी में न के बराबर है। दूसरे राज्यों में नौकरी करने वाला कोई व्यक्ति यदि घर लौटा है और उसकी तबीयत बिगड़ती है, तो उसकी निगरानी की जा रही है। एसीएमओ डा बीएल जायसवाल ने बताया कि जहां तक डाक्टरों के मास्क पहनने का सवाल है, यह आम दिनों में भी जरूरी है। क्योंकि बीमारों के शरीर के बैक्टीरिया से इंफेक्शन से बचाव के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है।
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