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Kaushambi News: भूत-प्रेत के शक में पड़ोसी महिला से मारपीट, पुलिस ने कराया समझौता
Sun, 05 Oct 2025 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 05 Oct 2025 12:06 AM IST
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मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के टेनशाह आलमाबाद गांव के एक युवक ने भूत-प्रेत के चक्कर में न केवल पड़ोसी महिला से मारपीट की, बल्कि तांत्रिक के बहकावे में आकर एक बीघा खेत भी बेच डाला। मामला महिला थाना पहुंचा, तो पुलिस ने समझाकर युवक का भ्रम दूर कराया।
पीड़िता माया देवी ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसका पड़ोसी फूलचंद्र आए दिन उस पर भूत-प्रेत भेजने का आरोप लगाकर गालीगलौज और मारपीट करता है। पुलिस की पूछताछ में फूलचंद्र ने बताया कि पिछले दो वर्षों से उसके घर का कोई न कोई सदस्य बीमार रहता था।
उसने यह बात एक तांत्रिक को बताई। तांत्रिक ने उसे समझाया कि पड़ोसी महिला माया ने उसके परिवार पर भूत-प्रेत का साया कर दिया है और इससे बचने के लिए झाड़फूंक के लिए खर्च करना पड़ेगा।
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पुलिस के अनुसार, फूलचंद्र ने अंधविश्वास में आकर लाखों रुपये खर्च कर दिए और यहां तक कि अपना एक बीघा खेत बेचकर तांत्रिक को रुपये दे दिए। करीब दो महीने पहले तांत्रिक की मौत हो गई, लेकिन फूलचंद्र का शक कम नहीं हुआ। उसे लगने लगा कि माया फिर से उसके घर पर भूत-प्रेत भेज रही है।
महिला थाना प्रभारी नीलम राघव और सिपाही विद्या यादव ने फूलचंद्र को समझाया कि भूत-प्रेत जैसी कोई चीज नहीं होती, यह सिर्फ अंधविश्वास है। बीमार व्यक्ति को समय से अस्पताल ले जाकर इलाज कराना ही सही उपाय है।
पुलिस की काउंसलिंग के बाद फूलचंद्र को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने भविष्य में कभी अंधविश्वास में न पड़ने और पड़ोसी महिला के साथ मिल-जुलकर रहने का वादा किया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर घर भेज दिया और 15 दिन बाद फीडबैक लेने के लिए फिर से थाने बुलाने का निर्देश दिया।
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पीड़िता माया देवी ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसका पड़ोसी फूलचंद्र आए दिन उस पर भूत-प्रेत भेजने का आरोप लगाकर गालीगलौज और मारपीट करता है। पुलिस की पूछताछ में फूलचंद्र ने बताया कि पिछले दो वर्षों से उसके घर का कोई न कोई सदस्य बीमार रहता था।
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उसने यह बात एक तांत्रिक को बताई। तांत्रिक ने उसे समझाया कि पड़ोसी महिला माया ने उसके परिवार पर भूत-प्रेत का साया कर दिया है और इससे बचने के लिए झाड़फूंक के लिए खर्च करना पड़ेगा।
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पुलिस के अनुसार, फूलचंद्र ने अंधविश्वास में आकर लाखों रुपये खर्च कर दिए और यहां तक कि अपना एक बीघा खेत बेचकर तांत्रिक को रुपये दे दिए। करीब दो महीने पहले तांत्रिक की मौत हो गई, लेकिन फूलचंद्र का शक कम नहीं हुआ। उसे लगने लगा कि माया फिर से उसके घर पर भूत-प्रेत भेज रही है।
महिला थाना प्रभारी नीलम राघव और सिपाही विद्या यादव ने फूलचंद्र को समझाया कि भूत-प्रेत जैसी कोई चीज नहीं होती, यह सिर्फ अंधविश्वास है। बीमार व्यक्ति को समय से अस्पताल ले जाकर इलाज कराना ही सही उपाय है।
पुलिस की काउंसलिंग के बाद फूलचंद्र को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने भविष्य में कभी अंधविश्वास में न पड़ने और पड़ोसी महिला के साथ मिल-जुलकर रहने का वादा किया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर घर भेज दिया और 15 दिन बाद फीडबैक लेने के लिए फिर से थाने बुलाने का निर्देश दिया।