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Kaushambi News: स्कूल परिसर में पटाखा जलाने के दौरान जख्मी छात्र की मौत
Thu, 23 Oct 2025 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 23 Oct 2025 01:04 AM IST
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मृतक छात्र कुलदीप पाल, फाइल फोटो।
पीएमश्री विद्यालय तिल्हापुर में शनिवार दोपहर पटाखा जलाने के दौरान जख्मी कक्षा आठ के छात्र कुलदीप पाल (13) की रविवार को प्रयागराज के स्वरूपरानी अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने शव का बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया। मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने जांच के बाद लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की बात कही है।
तिल्हापुर गांव निवासी दिलीप पाल (32 ) ने बताया कि उसका छोटा भाई कुलदीप पीएमश्री विद्यालय तिल्हापुर में शनिवार को दोपहर साथी छात्रों के साथ स्कूल परिसर में लंच के दौरान पटाखा जला रहा था। उसने पटाखे के ऊपर स्टील का गिलास रख दिया। इस दौरान तेज धमाके के साथ जैसे ही पटाखा फटा, गिलास के टुकड़े उसके पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में घुस गए। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया।
सूचना मिलने पर वह स्कूल पहुंचा और घायल भाई को तिल्हापुरमोड़ के निजी अस्पताल ले गया। हालत गंभीर होने पर डाॅक्टर ने उसे प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया। रविवार देर रात कुलदीप की मौत हो गई।
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घटना पर प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि छुट्टी होने के बाद छात्र ने गेट के बाहर पटाखा जलाया था। फिर भी जैसे ही छात्र के जख्मी होते उन्होंने देखा नजदीकी डाॅक्टर के यहां प्राथमिक उपचार के बाद घरवालों को सूचना दी थी।
यदि स्कूल टाइम में छात्र परिसर में पटाखा जला रहे थे तो यह अध्यापकों की लापरवाही है। मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। जिस भी अध्यापक की लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ सख्त से सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- बृजेश कुमार सिंह, बीईओ नेवादा
अध्यापकों के मना करने के बाद भी छात्र जला रहे थे पटाखा
घटना के चश्मदीद कक्षा पांच के छात्र राज पाल ने बताया कि दोपहर 12 बजे जब बच्चे स्कूल परिसर में पटाखा जला रहे थे तो अध्यापकों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया था लेकिन बच्चे नहीं माने। राज पाल के मुताबिक, एक बच्चा 50 रुपया वाला पटाखा खरीदकर लाया था। बच्चों में आपस में चर्चा हुई कि पटाखा जलाने के बाद उसके ऊपर गिलास कौन रखेगा। इस बात पर अन्य बच्चे डरकर पीछे हट गए लेकिन कुलदीप गिलास रखने को तैयार हो गया और वह हादसे का शिकार हो गया।
आरोप : मेडिकल स्टोर पर गए इलाज कराने
स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और आसपास मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि यदि अध्यापक संजीदा होते तो इतना बड़ा हादसा न होता। घटना होने के बाद जख्मी कुलदीप को स्कूल में मौजूद अध्यापक अच्छे चिकित्सक को दिखाने के बजाय पास ही मौजूद एक मेडिकल स्टोर ले गए। वहां इलाज कराने के बाद समय से पहले ही स्कूल में छुट्टी करके कुलदीप के घरवालों को जानकारी दी।
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तिल्हापुर गांव निवासी दिलीप पाल (32 ) ने बताया कि उसका छोटा भाई कुलदीप पीएमश्री विद्यालय तिल्हापुर में शनिवार को दोपहर साथी छात्रों के साथ स्कूल परिसर में लंच के दौरान पटाखा जला रहा था। उसने पटाखे के ऊपर स्टील का गिलास रख दिया। इस दौरान तेज धमाके के साथ जैसे ही पटाखा फटा, गिलास के टुकड़े उसके पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में घुस गए। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया।
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सूचना मिलने पर वह स्कूल पहुंचा और घायल भाई को तिल्हापुरमोड़ के निजी अस्पताल ले गया। हालत गंभीर होने पर डाॅक्टर ने उसे प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया। रविवार देर रात कुलदीप की मौत हो गई।
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घटना पर प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि छुट्टी होने के बाद छात्र ने गेट के बाहर पटाखा जलाया था। फिर भी जैसे ही छात्र के जख्मी होते उन्होंने देखा नजदीकी डाॅक्टर के यहां प्राथमिक उपचार के बाद घरवालों को सूचना दी थी।
यदि स्कूल टाइम में छात्र परिसर में पटाखा जला रहे थे तो यह अध्यापकों की लापरवाही है। मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। जिस भी अध्यापक की लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ सख्त से सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- बृजेश कुमार सिंह, बीईओ नेवादा
अध्यापकों के मना करने के बाद भी छात्र जला रहे थे पटाखा
घटना के चश्मदीद कक्षा पांच के छात्र राज पाल ने बताया कि दोपहर 12 बजे जब बच्चे स्कूल परिसर में पटाखा जला रहे थे तो अध्यापकों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया था लेकिन बच्चे नहीं माने। राज पाल के मुताबिक, एक बच्चा 50 रुपया वाला पटाखा खरीदकर लाया था। बच्चों में आपस में चर्चा हुई कि पटाखा जलाने के बाद उसके ऊपर गिलास कौन रखेगा। इस बात पर अन्य बच्चे डरकर पीछे हट गए लेकिन कुलदीप गिलास रखने को तैयार हो गया और वह हादसे का शिकार हो गया।
आरोप : मेडिकल स्टोर पर गए इलाज कराने
स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और आसपास मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि यदि अध्यापक संजीदा होते तो इतना बड़ा हादसा न होता। घटना होने के बाद जख्मी कुलदीप को स्कूल में मौजूद अध्यापक अच्छे चिकित्सक को दिखाने के बजाय पास ही मौजूद एक मेडिकल स्टोर ले गए। वहां इलाज कराने के बाद समय से पहले ही स्कूल में छुट्टी करके कुलदीप के घरवालों को जानकारी दी।

मृतक छात्र कुलदीप पाल, फाइल फोटो।