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Kaushambi News: डिप्टी सीएमओ को धमकाने के मामले में एसपी ने कोतवाली पुलिस को दिए जांच के आदेश
Thu, 14 Mar 2024 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 14 Mar 2024 01:23 AM IST
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डिप्टी सीएमओ को धमकाने के मामले में एसपी ने कोतवाली पुलिस को दिए जांच के आदेश
-- -- फालोअप-- --
-- जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम से भिड़ गए थे निजी अस्पताल मालिक के परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। निजी अस्पताल की जांच के दौरान डिप्टी सीएमओ व अन्य कर्मचारियों को धमकाने के मामले की सदर कोतवाल पुलिस पड़ताल करेगी। सीएमओ के पत्र एसपी ने इसका आदेश जारी किया है।
ओसा रोड पर जिला अस्पताल के निकट नगमा बेगम की ओर से सिग्मा स्कैनिंग एंड मैटरनिटी सेंटर के नाम से 30 बेड का निजी अस्पताल खोला जा रहा है। इसके लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया था। मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. केडी सिंह अपने दो अन्य कर्मचारियों महेंद्र द्विवेदी व वैभव सिंह के साथ अस्पताल की जांच करने पहुंचे थे। डिप्टी सीएमओ ने नगमा बेगम के पति इकबाल अहमद व उनके बेटे पर टीम के साथ गालीगलौज करने और धमकाने का आरोप लगाया था। सीएमओ डॉ. सुष्पेंद्र कुमार ने इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई के लिए एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव को पत्र लिखा था। एसपी ने बताया कि सीएमओ का पत्र मिला है। सदर कोतवाली पुलिस को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, सदर कोतवाल संतोष शर्मा ने बताया कि अभी पत्र मुझे मिला नहीं है। मिलते ही जांच की जाएगी।
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एक लाख रुपये नहीं दिए तो निरस्त किया आवेदन
इस मामले में दूसरे पक्ष से निजी अस्पताल की संचालिका नगमा बेगम ने भी डाक के माध्यम से डीएम को पत्र भेजा है। आरोप लगाया है कि पहले भी लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। सीएफओ ऑफिस के एक डिप्टी सीएमओ ने उनके बेटे आतिफ इकबाल से एक लाख रुपये मांगे थे। रुपये न मिलने पर आवेदन निरस्त कर दिया था। इसकी शिकायत तत्कालिक डीएम से हुई थी। फिर दोबारा आवेदन किया था। इस बार सीएमओ ऑफिस में तैनात एक संविदा कर्मी ने बेटे से एक लाख रुपये की मांगे थे। कहा था कि रुपये नहीं मिले तो आवेदन फिर रद हो जाएगा। कई दिन बाद भी आवेदन पर कुछ न होने पर बेटे ने संविदा कर्मी को 20 हजार रुपये दिए थे। फिर भी आवेदन निरस्त कर दिया। टीम के साथ दुर्व्यवहार के फर्जी आरोप लगाए जा रहे हैं। जबकि, उस वक्त उनके पति इकबाल और बेटा शहर में थे ही नहीं।
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निजी अस्पताल संचालिका द्वारा अवैध वसूली के फर्जी आरोप लगाए जा रहे हैं। अगर, उनके पास अवैध वसूली के कोई साक्ष्य हैं तो प्रस्तुत करें। जांच कराकर दोषी अफसर व कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, सीएमओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। निजी अस्पताल की जांच के दौरान डिप्टी सीएमओ व अन्य कर्मचारियों को धमकाने के मामले की सदर कोतवाल पुलिस पड़ताल करेगी। सीएमओ के पत्र एसपी ने इसका आदेश जारी किया है।
ओसा रोड पर जिला अस्पताल के निकट नगमा बेगम की ओर से सिग्मा स्कैनिंग एंड मैटरनिटी सेंटर के नाम से 30 बेड का निजी अस्पताल खोला जा रहा है। इसके लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया था। मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. केडी सिंह अपने दो अन्य कर्मचारियों महेंद्र द्विवेदी व वैभव सिंह के साथ अस्पताल की जांच करने पहुंचे थे। डिप्टी सीएमओ ने नगमा बेगम के पति इकबाल अहमद व उनके बेटे पर टीम के साथ गालीगलौज करने और धमकाने का आरोप लगाया था। सीएमओ डॉ. सुष्पेंद्र कुमार ने इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई के लिए एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव को पत्र लिखा था। एसपी ने बताया कि सीएमओ का पत्र मिला है। सदर कोतवाली पुलिस को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, सदर कोतवाल संतोष शर्मा ने बताया कि अभी पत्र मुझे मिला नहीं है। मिलते ही जांच की जाएगी।
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एक लाख रुपये नहीं दिए तो निरस्त किया आवेदन
इस मामले में दूसरे पक्ष से निजी अस्पताल की संचालिका नगमा बेगम ने भी डाक के माध्यम से डीएम को पत्र भेजा है। आरोप लगाया है कि पहले भी लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। सीएफओ ऑफिस के एक डिप्टी सीएमओ ने उनके बेटे आतिफ इकबाल से एक लाख रुपये मांगे थे। रुपये न मिलने पर आवेदन निरस्त कर दिया था। इसकी शिकायत तत्कालिक डीएम से हुई थी। फिर दोबारा आवेदन किया था। इस बार सीएमओ ऑफिस में तैनात एक संविदा कर्मी ने बेटे से एक लाख रुपये की मांगे थे। कहा था कि रुपये नहीं मिले तो आवेदन फिर रद हो जाएगा। कई दिन बाद भी आवेदन पर कुछ न होने पर बेटे ने संविदा कर्मी को 20 हजार रुपये दिए थे। फिर भी आवेदन निरस्त कर दिया। टीम के साथ दुर्व्यवहार के फर्जी आरोप लगाए जा रहे हैं। जबकि, उस वक्त उनके पति इकबाल और बेटा शहर में थे ही नहीं।
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निजी अस्पताल संचालिका द्वारा अवैध वसूली के फर्जी आरोप लगाए जा रहे हैं। अगर, उनके पास अवैध वसूली के कोई साक्ष्य हैं तो प्रस्तुत करें। जांच कराकर दोषी अफसर व कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, सीएमओ