सिराथू विधानसभा : डिप्टी सीएम केशव ने घर के साथ ही गढ़ भी गंवाया, सपा प्रत्याशी पल्लवी पटेल ने 7,377 मतों से हराया
संघ से भाजपा की राजनीति में कदम रखने वाले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज के शहर पश्चिमी से दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ा। दोनों चुनावों में उनको हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने 2012 में अपने गृह क्षेत्र सिराथू से किस्मत आजमायी। 2012 चुनाव में सपा की आंधी के बावजूद बसपा के अभेद्य दुर्ग में पहली बार चुनाव जीत कर कमल खिलाया।
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विस्तार
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता केशव प्रसाद मौर्य को विधानसभा चुनाव में तगड़ा झटका लगा है। जिले में पार्टी को जिताने का दारोमदार उनके कंधों पर था, लेकिन वह न तो अपना घर बचा सके और ना ही अपना गढ़। सपा-अपना दल (कमेरावादी) की पल्लवी पटेल ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को 7,377 मतों से पराजित कर दिया।
संघ से भाजपा की राजनीति में कदम रखने वाले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज के शहर पश्चिमी से दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ा। दोनों चुनावों में उनको हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने 2012 में अपने गृह क्षेत्र सिराथू से किस्मत आजमायी। 2012 चुनाव में सपा की आंधी के बावजूद बसपा के अभेद्य दुर्ग में पहली बार चुनाव जीत कर कमल खिलाया।
जिले की तीनों सीटें भाजपा के हाथ से फिसली
2017 के विधानसभा चुनाव में हासिल की गई राजनीतिक जमीन को भाजपा सिर्फ पांच साल ही संभाल सकी। इस चुनाव में सपा ने उलटफेर करते हुए तीनों सीटों पर कब्जा जमा लिया। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिले की तीनों सीटों पर कब्जा जमाया था।
मंझनपुर सुरक्षित सीट से भाजपा प्रत्याशी लालबहादुर ने पूर्व कैबिनेट मंत्री इंद्रजीत सरोज, चायल में संजय कुमार गुप्ता ने सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी तलत अजीम को और सिराथू में शीतला प्रसाद पटेल ने सपा के वाचस्पति को हराकर क्लीन स्वीप किया था। लेकिन पांच साल के भीतर ही भाजपा ने अपनी जमीन खो दी।
पांच साल की एंटी इनकंबेंसी ने भाजपा से जीत दूर कर दी। इस बार चायल सीट पर सपा प्रत्याशी पूजा पाल और मंझनपुर सुरक्षित से पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज ने जीत दर्ज की है। सपा प्रत्याशी पल्लवी पटेल ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को कड़े मुकाबले में हरा दिया।
2014 में फूलपुर से लोकसभा चुने गए थे सांसद
2014 के लोकसभा चुनाव में वह फूलपुर से संसद पहुंचे। इसके बाद पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। केशव की अगुवाई में हुए 2017 के चुनाव में सूबे में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी तो प्रदेश नेतृत्व ने उन्हें सांसद पद से इस्तीफा दिलाकर डिप्टी सीएम बना दिया। इसके साथ ही वह एमएलसी बनाए गए।
पार्टी हाईकमान ने 2022 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री समेत सभी बड़े नेताओं को चुनाव लड़ने का निर्देश दिया। इसी के साथ ही केशव मौर्य को उनके गृह नगर सिराथू से प्रत्याशी बनाया गया। उन पर जिले की तीनों विधानसभा के प्रत्याशियों को जिताने की जिम्मेदारी थी।
साथ ही अपनी सीट बचाने का दबाव भी था। लेकिन डिप्टी सीएम को सपा-अद(कमेरावादी) की संयुक्त प्रत्याशी पल्लवी पटेल ने 7,377 मतों से हरा दिया। केशव विधानसभा चुनाव में अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप न तो अपना घर बचा सके और ना ही गढ़।
सिराथू के मतगणना परिणाम में देरी को लकर सड़क पर बवाल, पथराव, फायरिंग
सिराथू विधानसभा सीट की मतगणना को लेकर सड़क से लेकर नवीन मंडी ओसा तक जमकर बवाल हुआ। मतगणना परिणाम देरी को लेकर सपा कार्यकर्ता उग्र हो गए। मंडी गेट पर जमकर पथराव किया गया। पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले दागे, स्थित नियंत्रण में नहीं होने पर हवाई फायरिंग करते हुए जमकर लाठी भांजी। लाठीचार्ज व पथराव की घटना में एक सिपाही सहित सपा
जिलाध्यक्ष को भी चोट आई है। इसके बाद पुलिस ने तीन किलोमीटर दायरे को सील करते हुए सभी दुकानों को बंद करा दिया। मेडिकल स्टोर तक में तालाबंदी करा दी गई। घटना को लेकर ओसा से लेकर मंझनपुर तक के लोग सहमे रहे।
शुरुआती रुझान से ही पीछे हो गए थे केशव
सिराथू विधान सभा से भाजपा ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को प्रत्याशी बनाया। सपा ने यहां से अपना दल संस्थापक डॉक्टर सोनेलाल पटेल की बेटी व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की बड़ी बहन पल्लवी पटेल को चुनाव मैदान में उतारा। इसे लेकर इस सीट पर सपा व भाजपा के लिए जीत हासिल करना करो या मरो की स्थित बना हुआ है
बृहस्पतिवार सुबह मतगणना शुरू होते ही सिराथू से शुरुआती नतीजों में डिप्टी सीएम सपा से पीछे थे। हालांकि अंतर ज्यादा मतों का नहीं था। इस सीट के लिए 31 चक्र में गणना होनी थी। 22 वें चक्र की गणना तक डिप्टी सीएम केशव प्रसाद सपा की पत्लवी पटेल से 2103 मतों से पीछे चल रहे थे। इसके बाद अचानक मतगणना रोक दी गई। इसे लेकर मतगणना पंडाल में ही सपा और भाजपा के एजेंटों के बीच नोकझोंक होने लगी। बाद में पुलिस ने सभी को वहां से खदेड़ दिया। इसके बाद सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर हंगामा करने लगे।
भीड़ ने पुलिस पार्टी पर पथराव किया तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, हवाई फायरिंग कर लाठी भांजी। नवीन मंडी के सामने पुलिस और सपा समर्थकों के बीच जमकर गोरिल्ला युद्ध हुआ। बाद में पुलिस ने मंडी के तीन किलोमीटर दायरे को सुरक्षा घेरे में लेते हुए सीमा सील कर दी। दुकानों को भी बंद करा दिया गया। यहां तक दवा की दुकानों का भी पुलिस ने शटर गिरवा दिया। ओसा मंडी से लेकर मंझनपुर चौराहे तक पुलिस ने लाठी पटकर सपाइयों को खदेड़ा। देर शाम तक बवाल होता रहा।
दोआबा में नहीं चला मोदी का मैजिक
विधानसभा चुनाव में भाजपा भले ही प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाली हो, लेकिन कौशाम्बी जिले में मोदी का मैजिक नहीं चला। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जैसे स्टार प्रचारक भी भाजपा के पक्ष में मतदाताओं का रुख नहीं मोड़ सके। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल भी अपना दल एस के खाते में आई चायल सीट से नागेंद्र पटेल को जीत नहीं दिला सकीं। वहीं सिराथू में डिप्टी सीएम को पल्लवी पटेल से शिकस्त मिली है।
2017 में भाजपा ने जिले की तीनों सीटों पर जीत दर्ज की थी। चायल संजय कुमार गुप्ता, मंझनपुर से लालबहादुर और सिराथू से शीतला प्रसाद पटेल विधायक बने थे। तीनों सीटों पर जीत दर्ज करने वाली भाजपा को 2022 में भी दोबारा बेहतर प्रदर्शन का दबाव था। इस बार भाजपा ने अपने सिटिंग विधायक सिराथू विधायक शीतला प्रसाद पटेल और चायल से संजय कुमार गुप्ता का टिकट काट दिया।
स्टार प्रचारकों की लगी थी झड़ी
सिराथू सीट पर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को पार्टी ने उतारा। जबकि चायल सीट अपना दल एस के खाते में चली गई और यहां से नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल मैदान में थे। अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए भाजपा ने स्टार प्रचारकों की एक के बाद एक जनसभाएं रखीं। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय जैसे स्टार प्रचारकों ने सभाएं कीं।
प्रदेश में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद भी दोआबा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्टार प्रचारकों का मैजिक नहीं चल सका। देर शाम तक जारी परिणाम के अनुसार चायल सीट पर पूजा पाल ने नागेंद्र पाल को हराया। जबकि मंझनपुर सदर सीट से इंद्रजीत सरोज ने सिटिंग विधायक लालबहादुर को पटखनी दी। सिराथू सीट पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को हार का सामना करना पड़ा। चायल सीट पर अनुप्रिया पटेल बिरादरी के वोटरों को अपने पाले में खींचने में कामयाब नहीं हो सकीं।
केंद्रीय मंत्री पर भारी पड़ीं बड़ी बहन पल्लवी
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल एस के खाते में जिले की चायल सीट थी। पटेल बिरादरी के वोटरों की संख्या अधिक होने के कारण भाजपा और अद ने जातीय समीकरण को देखते हुए यहां नागेंद्र प्रताप पटेल को मैदान में उतारा था। जबकि सपा ने अपना दल कमेरावादी के साथ गठबंधन किया था। जातीय समीकरण साधने के लिए पल्लवी खुद ही सिराथू से चुनावी मैदान में आ गईं। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने जिले में जनसभा भी की। लेकिन अपनी बिरादरी के मतों को सहेजने में कामयाब नहीं हुईं। यही कारण है चायल से उनकी पार्टी के प्रत्याशी नागेंद्र प्रताप पटेल पूजा पाल से चुनाव हार गए। वहीं सिराथू सीट पर पल्लवी पटेल ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
सिराथू विधानसभा
पल्लवी पटेल सपा 1,06,278
केशव प्रसाद मौर्य भाजपा 98,941
मुंशब अली उस्मानी बसपा 10,073
सीमा देवी कांग्रेस कांग्रेस 845
धीरज कुमार बमुपा 395
राजेंद्र सोनकर लोकदल 245
राजेश कुमार शिवसेना 317
विजय कुमार सकिपा 693
विष्णु कुमार आप 351
शत्रुजीत पाल रासपा 422
शेर मोहम्मद एआईएआईएम 863
संजीव कुमार पंडा राष्ट्रीय उदय पार्टी 367
ज्ञान सिंह सबका दल यू 885
अरविंद सिंह निर्दलीय 699
छेद्दू निर्दलीय 1,201
जितेंद्र कुमार निर्दलीय 2,686
प्रदीप कुमार निर्दलीय 1,632
वीरेंद्र कुमार निर्दलीय 1,004
नोटा 775
कुल मत 2,27, 532
मंझनपुर विधानसभा
प्रत्याशी पार्टी मिले मत
इंद्रजीत सरोज सपा 1,20,913
लाल बहादुर भाजपा 97,473
डॉ. नीतू कनौजिया बसपा 25,393
अरुण विद्यार्थी कांग्रेस 3,514
लाखन सिंह राजपासी जअप 2,826
राधेश्याम चौधरी निर्दलीय 1,147
हीरालाल निर्दलीय 1,419
बालचंद्र निर्दलीय 1,115
नोटा 2,812
कुल मत 2,56,621
चायल विधानसभा
प्रत्याशी पार्टी मिले मत
पूजा पाल सपा 88,191
नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल भाजपा-अद गठबंधन 75,472
अतुल कुमार द्विवेदी बसपा 31,283
तलत अजीम कांग्रेस 4,040
अनिल कुमार केसरवानी जनसत्ता दल 5,074
दानिश अली बमुमो 2,776
मोहीबुल हक आईएआईएएम 3,201
राजीव कुमार लोजपा 648
राजेंद्र कुमार सिंह पटेज आजाद समाज पार्टी 1,959
शशिभूषण द्विवेदी भारतीय समाज पार्टी 1,161
अर्चना गौतम निर्दलीय 1,239
अमरावती निर्दलीय 2,868
विजय कुमार रामदास निर्दलीय 1,189
संजय सिंह निर्दलीय 1,408
सुनील चौहान निर्दलीय 606
नोटा 1,957
कुल मत 2,23,072