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डेढ़ लाख छात्रों को जल्द मिलेंगे जूते-मोजे
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Mon, 11 Sep 2017 01:48 AM IST
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परिषदीय विद्यालयों के छात्रों की ड्रेस का कलर बदलने के साथ ही सरकार ने घोषणा की थी उन्हें जूता-मोजा भी मुफ्त दिया जाएगा। अपने वादे के तहत सरकार ने जूता-मोजा की आपूर्ति के लिए खादिम इंडिया लिमिटेड कंपनी को जिम्मेदारी दी है। जूता-मोजा का साइज तय कर लिया गया है। जिले के डेढ़ लाख छात्रों को जल्द ही जूते-मोजे वितरित किए जाएंगे।
कांवेंट स्कूलों की तरह जल्द ही परिषदीय विद्यालय के छात्र भी ड्रेस के साथ जूते-मोजे में दिखेंगे। परिषदीय विद्यालयों में कुल एक लाख 44 हजार 193 छात्र हैं। इनमें कक्षा एक से लेकर आठ तक 71 हजार 277 छात्र और 72 हजार 916 छात्राएं हैं। सरकार ने घोषणा की थी ड्रेस व बस्ता के साथ ही परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को जूते-मोजे भी मुफ्त में दिए जाएंगे। इसकी पूरी तैयारी हो चुकी है। सरकार ने छात्रों के जूते-मोजे के लिए कोलकाता की खादिम इंडिया लिमिटेड को आपूर्ति की जिम्म्ेदारी सौंपी है। कंपनी ने परिषदीय विद्यालयों के छात्रों के लिए जूते व मोजे का साइज तय कर लिया है। इसकी बाकायदा सूची भी जनपदवार भेजी गई है। साइज के हिसाब से जनपदवार डिमांड मांगी गई है। शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह का पत्र आते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने छात्र संख्या के हिसाब से जूते-मोजे के लिए मांग पत्र तैयार करना शुरू कर दिया है। जल्द ही इसे शासन को भेज दिया जाएगा।
नंगे पैर स्कूल आते हैं छात्र
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब तबके के बच्चे नंगे पैर स्कूल आते हैं। ठंडी व गर्मी के मौसम में बच्चों को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। जूता-मोजा मिलने पर दोनों मौसम में छात्रों को राहत मिलेगी। इसके अलावा ड्रेस में आने पर छात्रों का मनोबल भी ऊंचा होगा। इसी के मद्देनजर शासन ने छात्रों को नि:शुल्क जूता-मोजा देने की योजना तैयार की है।
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कांवेंट स्कूलों की तरह जल्द ही परिषदीय विद्यालय के छात्र भी ड्रेस के साथ जूते-मोजे में दिखेंगे। परिषदीय विद्यालयों में कुल एक लाख 44 हजार 193 छात्र हैं। इनमें कक्षा एक से लेकर आठ तक 71 हजार 277 छात्र और 72 हजार 916 छात्राएं हैं। सरकार ने घोषणा की थी ड्रेस व बस्ता के साथ ही परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को जूते-मोजे भी मुफ्त में दिए जाएंगे। इसकी पूरी तैयारी हो चुकी है। सरकार ने छात्रों के जूते-मोजे के लिए कोलकाता की खादिम इंडिया लिमिटेड को आपूर्ति की जिम्म्ेदारी सौंपी है। कंपनी ने परिषदीय विद्यालयों के छात्रों के लिए जूते व मोजे का साइज तय कर लिया है। इसकी बाकायदा सूची भी जनपदवार भेजी गई है। साइज के हिसाब से जनपदवार डिमांड मांगी गई है। शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह का पत्र आते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने छात्र संख्या के हिसाब से जूते-मोजे के लिए मांग पत्र तैयार करना शुरू कर दिया है। जल्द ही इसे शासन को भेज दिया जाएगा।
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नंगे पैर स्कूल आते हैं छात्र
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब तबके के बच्चे नंगे पैर स्कूल आते हैं। ठंडी व गर्मी के मौसम में बच्चों को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। जूता-मोजा मिलने पर दोनों मौसम में छात्रों को राहत मिलेगी। इसके अलावा ड्रेस में आने पर छात्रों का मनोबल भी ऊंचा होगा। इसी के मद्देनजर शासन ने छात्रों को नि:शुल्क जूता-मोजा देने की योजना तैयार की है।
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