कौशांबी : ब्रेक फेल होने के बाद स्कूल बस गड्ढे में गई, हादसे में सात मासूम घायल, बस में सवार थे 60 बच्चे
टेढ़ीमोड़ स्थित एचएसए कान्वेंट स्कूल की बस बस संख्या यूपी 73 ए 7092 सोमवार की सुबह बच्चों को लेने निकली थी। अहिरारा निवासी रामलखन बस चला रहा था। हिसामपुर परसखी, टड़हर सुखऊ का पूरा, शहजादपुर समेत अन्य गांवों से बच्चों को लेकर वह तरसौरा पहुंचा। बस पर उस वक्त करीब 60 बच्चे सवार थे। यहां बस को मोड़ने लगा।
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कोखराज कोतवाली क्षेत्र के तरसौरा गांव में स्कूली बच्चों से भरी एक बस ब्रेक फेल होने के कारण अनियंत्रित होकर खड्ड में चली गई। इससे बस पर सवार सात मासूम घायल हो गए। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने चालक की पिटाई कर दी। स्कूल संचालक से भी तीखी झड़प हुई। मौके पर अभिभावक घायल बच्चों को अपने साथ ले गए और उपचार कराया।
टेढ़ीमोड़ स्थित एचएसए कान्वेंट स्कूल की बस बस संख्या यूपी 73 ए 7092 सोमवार की सुबह बच्चों को लेने निकली थी। अहिरारा निवासी रामलखन बस चला रहा था। हिसामपुर परसखी, टड़हर सुखऊ का पूरा, शहजादपुर समेत अन्य गांवों से बच्चों को लेकर वह तरसौरा पहुंचा। बस पर उस वक्त करीब 60 बच्चे सवार थे। यहां बस को मोड़ने लगा।
इसी दौरान बस अनियंत्रित होकर खड्ड में चली गई। हालांकि, चालक ने ब्रेक लगाई, लेकिन वह काम नहीं की। तेज झटका लगने के कारण बस पर सवार बच्चे तरसौरा की जान्हवी (6), कल्पना (9), साक्षी (12), टड़हर के राकेश (7), रिया (8), शिखा (8), अहिरारा की शिवानी (13) घायल हो गईं। चीखपुकार सुनकर आए ग्रामीण पहुंचे बच्चों को बाहर निकाला।
32 सीट की बस पर बैठा रखे थे 60 बच्चे
घटनास्थल पर मौजूद रहे ग्रामीण राम सिंह, ज्ञान सिंह, देवेंद्र प्रसाद और रमेश सिंह ने बताया कि 32 सीट की बस में 60 बच्चे सवार थे। जबकि, नियमों के अनुरूप बच्चे बहुत छोटे हैं तो क्षमता डेढ़ गुना अन्यथा बड़े होने पर सीट के अनुरूप ही बैठाने चाहिए। वहीं चालक का कहना है कि एक महीने पहले ही उसने बस चलाना शुरू किया था। बस की ब्रेक पहले से ही कमजोर थी। कई बार स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन बस दुरुस्त नहीं हुई।
बस पर सीमित बच्चे ही बैठे थे। ब्रेक कमजोर होने की बात पूरी तरह से गलत है। बस में कोई खामी नहीं थी। चालक अपनी कमी को छिपाने के लिए ऐसा कह रहा है। - इलियास, स्कूल संचालक
स्कूल बस के अनियंत्रित होकर खड्ड में जाने से बच्चे घायल हुए हैं। चालक से मारपीट की बात सामने नहीं आई है। बच्चों के अभिभावकों ने भी कोई तहरीर नहीं दी है। - विनोद कुमार, एसओ, कोखराज