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Kaushambi News: दूध डेयरी से गांव में बनाई अलग पहचान, सविता देवी बनीं महिलाओं की प्रेरणा
Fri, 22 May 2026 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 22 May 2026 12:06 AM IST
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डेरी में मौजूद सविता देवी। स्रोत: स्वयं
अंबावां पूरब गांव की रहने वाली सविता देवी ने मेहनत और लगन के दम पर गांव में अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2021 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने 2022 में एक लाख रुपये का ऋण लेकर दूध डेयरी का कारोबार शुरू किया और आज उनकी डेयरी में प्रतिदिन 180 लीटर दूध आता है।
सविता देवी ने हार न मानते हुए गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क किया और अपने व्यवसाय का प्रचार किया। धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ता गया और आज उनकी डेयरी पर प्रतिदिन करीब 180 लीटर दूध आता है। उन्होंने खुद भी पांच पशु पाल रखे हैं, जिनसे रोज लगभग 20 लीटर दूध प्राप्त होता है।
उन्होंने बताया कि अपने पशुओं से मिलने वाले दूध से ही हर महीने 20 से 25 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है, जबकि डेयरी संचालन से मिलने वाला कमीशन अलग है। सविता देवी का कहना है कि समूह से जुड़ने के बाद उनका सामाजिक दायरा भी बढ़ा है और अब वह गांव की जरूरतमंद महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करती हैं।
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उन्होंने बताया कि उनके पति अमरजीत सिंह भी इस काम में पूरा सहयोग करते हैं, जिसकी बदौलत आज उनका व्यवसाय लगातार आगे बढ़ रहा है।
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सविता देवी ने हार न मानते हुए गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क किया और अपने व्यवसाय का प्रचार किया। धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ता गया और आज उनकी डेयरी पर प्रतिदिन करीब 180 लीटर दूध आता है। उन्होंने खुद भी पांच पशु पाल रखे हैं, जिनसे रोज लगभग 20 लीटर दूध प्राप्त होता है।
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उन्होंने बताया कि अपने पशुओं से मिलने वाले दूध से ही हर महीने 20 से 25 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है, जबकि डेयरी संचालन से मिलने वाला कमीशन अलग है। सविता देवी का कहना है कि समूह से जुड़ने के बाद उनका सामाजिक दायरा भी बढ़ा है और अब वह गांव की जरूरतमंद महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करती हैं।
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उन्होंने बताया कि उनके पति अमरजीत सिंह भी इस काम में पूरा सहयोग करते हैं, जिसकी बदौलत आज उनका व्यवसाय लगातार आगे बढ़ रहा है।