फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Sandhya is becoming self-reliant by producing pickles and cleaning products under the 'Charika' brand.

Kaushambi News: चारिका ब्रांड से अचार और सफाई उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बन रहीं संध्या

Tue, 27 Oct 2026 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Tue, 27 Oct 2026 12:56 AM IST
विज्ञापन
Sandhya is becoming self-reliant by producing pickles and cleaning products under the 'Charika' brand.
स्टॉल पर समूह की ओर से निर्मित सामग्रियों के साथ बैठी संध्या। स्रोत: विभाग
:: महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर रोजगार की राह पकड़ी, हर महीने करीब 3500 रुपये की हो रही आय
विज्ञापन

फोटो-59
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह रोजगार का जरिया बन रहे हैं। मूरतगंज विकासखंड के उजुक मोजू वलियापुर की संध्या सिंह भी समूह से जुड़कर अपनी पहचान बना रही हैं। चारिका महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से वह सफाई के उत्पाद और अचार बनाने के काम से जुड़ी हैं। इस काम से उन्हें हर महीने आमदनी हो रही है और वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

संध्या सिंह ने बताया कि समूह की महिलाएं चारिका ब्रांड के नाम से फिनायल, हार्पिक, फ्लोर क्लीनर और ग्लास क्लीनर तैयार करती हैं। इसके अलावा आम, कटहल, आंवला, मिर्च, मिक्स और नींबू का अचार भी बनाया जाता है। उत्पादों की ब्रांडिंग और पैकेजिंग के लिए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से समय-समय पर प्रशिक्षण दिया गया। इससे महिलाओं को उत्पाद तैयार करने के साथ उनकी पैकेजिंग और बिक्री की जानकारी भी मिली।
विज्ञापन


बिक्री से हो रही बचत

संध्या बताती हैं कि सफाई उत्पाद तैयार करने में प्रति लीटर करीब 30 रुपये की लागत आती है, जबकि बिक्री 60 रुपये प्रति लीटर की दर से होती है। इस तरह प्रति लीटर 30 रुपये की बचत होती है। एक महीने में एक हजार लीटर उत्पादों की बिक्री से समूह को करीब 30 हजार रुपये की बचत होती है। वहीं, अचार से लगभग 20 हजार रुपये मासिक बचत होती है। समूह के हिसाब से प्रति सदस्य की औसत मासिक आय करीब 3500 रुपये है। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाओं को रोजगार मिला है। इससे वे अपनी आमदनी बढ़ाने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी योगदान दे रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed