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Kaushambi News: राजस्व टीम ने छोड़ा बेसहारा, पेड़ की छांव बनी सहारा
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नेवादा। चायल तहसील के कसेंदा गांव के दो परिवार दहशत में हैं। घर के पास अचानक मिट्टी धंसने से वह परिवार सहित पेड़ की छांव में बैठे हैं। हादसे की जानकारी के बाद भी राजस्व विभाग की तरफ से कोई मदद नहीं दी गई। यह भी कोई देखने नहीं पहुंचा कि मिट्टी किस कारण से धंसी है।
कसेंदा निवासी जियावन ने बताया कि बृहस्पतिवार रात घर के दरवाजे के पास मिट्टी धंस गई है। ऊपर से देखने पर तो वह करीब तीन फिट के क्षेत्रफल में धंसी है, लेकिन समीप जाकर देखने में पता चला कि उसका दायरा करीब 25 फिट तक है।
जियालाल अपनी पत्नी शांति देवी, बेटा राजेश, बहू रेखा देवी, नाती बृजेश, आकाश के साथ अनहोनी की आशंका में गांव के बाहर पेड़ के नीचे बैठे हैं। यहीं हाल उसके पड़ोसी होरी लाल का भी है। सारा दिन वह लोग बाहर रहते हैं व बरसात या फिर रात में सोने के लिए गांव के रमेश के बरामदे की शरण लेते हैं।
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कसेंदा निवासी जियावन ने बताया कि बृहस्पतिवार रात घर के दरवाजे के पास मिट्टी धंस गई है। ऊपर से देखने पर तो वह करीब तीन फिट के क्षेत्रफल में धंसी है, लेकिन समीप जाकर देखने में पता चला कि उसका दायरा करीब 25 फिट तक है।
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जियालाल अपनी पत्नी शांति देवी, बेटा राजेश, बहू रेखा देवी, नाती बृजेश, आकाश के साथ अनहोनी की आशंका में गांव के बाहर पेड़ के नीचे बैठे हैं। यहीं हाल उसके पड़ोसी होरी लाल का भी है। सारा दिन वह लोग बाहर रहते हैं व बरसात या फिर रात में सोने के लिए गांव के रमेश के बरामदे की शरण लेते हैं।
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