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पेंशन पाने के लिए जान जोखिम में डाल रहे रिटायर्ड कर्मचारी
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पेंशन पाने के लिए जान जोखिम में डाल रहे रिटायर्ड कर्मचारी
संगठन ने आयुक्त से की शिकायत, पेंशन दिलाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिला पंचायत(जिपं) के करीब 40 सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशन की खातिर जान जोखिम में डाल रहे हैं। कोरोना संक्रमण की परवाह किए बिना वह घर से बाहर निकलकर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। क्योंकि पेंशन नहीं मिलने के कारण उनके परिवार के सामने दो जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बुधवार को आयुक्त प्रयागराज मंडल से शिकायत की गई है।
स्थानीय निकाय सेवानिवृत्त वेलफेयर सोसाइटी के जिलाध्यक्ष त्रियुगी नारायण मिश्र ने बताया कि कौशाम्बी जिला पंचायत कार्यालय में विभिन्न पदों पर तैनात रहे करीब 40 कर्मचारियों को अप्रैल और मई महीने की पेंशन अभी तक नहीं दी गई है। जिसकी वजह से पेंशनर अपना व अपने परिवार का खर्च नहीं चला पा रहे हैं। उन्हें दूसरों के सामने हाथ फैलाना पड़ रहा है। अब तो दुकानदार उधार देने से भी कतराने लगे हैं। बड़ी बात है कि सरकार ने कोरोना संक्रमण के चलते बुजुर्गों के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा रखी है। शासकीय निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि स्वास्थ्य कारणों से ही बुजुर्ग घर के बाहर निकलेंगे, लेकिन पेंशन के लिए ये बुजुर्ग पेंशनर मजबूरी में घर से बाहर कदम रखकर अधिकारियों का चक्कर काट रहे हैं। पेंशनरों की मानें तो उन्होंने इसकी शिकायत पूर्व में कई बार जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा व जिला पंचायत अध्यक्ष अवधरानी पटेल से की है।
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संगठन ने आयुक्त से की शिकायत, पेंशन दिलाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिला पंचायत(जिपं) के करीब 40 सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशन की खातिर जान जोखिम में डाल रहे हैं। कोरोना संक्रमण की परवाह किए बिना वह घर से बाहर निकलकर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। क्योंकि पेंशन नहीं मिलने के कारण उनके परिवार के सामने दो जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बुधवार को आयुक्त प्रयागराज मंडल से शिकायत की गई है।
स्थानीय निकाय सेवानिवृत्त वेलफेयर सोसाइटी के जिलाध्यक्ष त्रियुगी नारायण मिश्र ने बताया कि कौशाम्बी जिला पंचायत कार्यालय में विभिन्न पदों पर तैनात रहे करीब 40 कर्मचारियों को अप्रैल और मई महीने की पेंशन अभी तक नहीं दी गई है। जिसकी वजह से पेंशनर अपना व अपने परिवार का खर्च नहीं चला पा रहे हैं। उन्हें दूसरों के सामने हाथ फैलाना पड़ रहा है। अब तो दुकानदार उधार देने से भी कतराने लगे हैं। बड़ी बात है कि सरकार ने कोरोना संक्रमण के चलते बुजुर्गों के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा रखी है। शासकीय निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि स्वास्थ्य कारणों से ही बुजुर्ग घर के बाहर निकलेंगे, लेकिन पेंशन के लिए ये बुजुर्ग पेंशनर मजबूरी में घर से बाहर कदम रखकर अधिकारियों का चक्कर काट रहे हैं। पेंशनरों की मानें तो उन्होंने इसकी शिकायत पूर्व में कई बार जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा व जिला पंचायत अध्यक्ष अवधरानी पटेल से की है।
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