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Kaushambi News: आत्मनिर्भर बनीं रीना देवी, आयुर्वेदिक तेल से रच रहीं सफलता की कहानी
Mon, 26 Jan 2026 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 26 Jan 2026 01:42 AM IST
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पति के साथ मिलकर तेल को पैक करती रीना। संवाद
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में स्वयं सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसकी मिसाल प्रगति महिला स्वयं सहायता समूह की सचिव रीना देवी हैं। इन्होंने समूह से मिले सहयोग से न सिर्फ अपना व्यवसाय शुरू किया, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया है।
चायल तहसील के मोहम्मदपुर निवासी रीना देवी करीब दो साल पहले प्रगति महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बाजार को देखा और अपनी झमता को समझा। रीना बताती हैं कि उनके घर के लोग पूर्व में वैद्य रहे हैं। ऐसे में तेल बनाने का नुस्खा उनको बता है। इसी को रीना ने अपने भविष्य का जरिया बनाया।
रीना ने डेढ़ साल पहले समूह से एक लाख रुपये का ऋण लेकर आयुर्वेदिक तेल निर्माण का कार्य शुरू किया। वह युरूद्रा लाल तेल बनाती हैं। इनका तेल बालों की समस्याओं को दूर करता है। इसके साथ ही युरूद्रा विश्राम ऑयल दर्द नाशक के रूप में उपयोगी है।
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शुरुआत में इन्होंने अपने तेल की बिक्री मेले में स्टाल लगाकर कर किया। इसके परिणाम बेहतर मिले। लोगों ने दोबारा तेल की मांग की। इसके बाद रीना ने मेडिकल स्टोरों पर भी सप्लाई शुरू कर दी। इसमें पति सुमन कुमार का भी वह सहयोग लेती है। इसके लिए कच्चा माल (जड़ी-बूटी) मिर्जापुर, चित्रकूट व सनता सहित अन्य स्थानों से आता है।
परिवार में पति के अलावा तीन बच्चे हैं। बेटी साक्षी बीए-एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं, बेटा युरूद्र प्रताप सिंह इंटरमीडिएट में है, वहीं छोटा बेटा कृष नौवीं कक्षा में पढ़ रहा है।
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चायल तहसील के मोहम्मदपुर निवासी रीना देवी करीब दो साल पहले प्रगति महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बाजार को देखा और अपनी झमता को समझा। रीना बताती हैं कि उनके घर के लोग पूर्व में वैद्य रहे हैं। ऐसे में तेल बनाने का नुस्खा उनको बता है। इसी को रीना ने अपने भविष्य का जरिया बनाया।
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रीना ने डेढ़ साल पहले समूह से एक लाख रुपये का ऋण लेकर आयुर्वेदिक तेल निर्माण का कार्य शुरू किया। वह युरूद्रा लाल तेल बनाती हैं। इनका तेल बालों की समस्याओं को दूर करता है। इसके साथ ही युरूद्रा विश्राम ऑयल दर्द नाशक के रूप में उपयोगी है।
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शुरुआत में इन्होंने अपने तेल की बिक्री मेले में स्टाल लगाकर कर किया। इसके परिणाम बेहतर मिले। लोगों ने दोबारा तेल की मांग की। इसके बाद रीना ने मेडिकल स्टोरों पर भी सप्लाई शुरू कर दी। इसमें पति सुमन कुमार का भी वह सहयोग लेती है। इसके लिए कच्चा माल (जड़ी-बूटी) मिर्जापुर, चित्रकूट व सनता सहित अन्य स्थानों से आता है।
परिवार में पति के अलावा तीन बच्चे हैं। बेटी साक्षी बीए-एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं, बेटा युरूद्र प्रताप सिंह इंटरमीडिएट में है, वहीं छोटा बेटा कृष नौवीं कक्षा में पढ़ रहा है।