फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Ratnavali and Tulsidas are two slabs of scales

रत्नावली और तुलसीदास को तराजू के दो पलड़े

Mon, 08 Apr 2019 01:00 AM IST
shailendra Kumar अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी Published by: shailendra Kumar Updated Mon, 08 Apr 2019 01:00 AM IST
विज्ञापन
Ratnavali and Tulsidas are two slabs of scales
कौशाम्बी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
मंझनपुर। रत्नावली धाम में रामकथा के दूसरे दिन शनिवार को संत मोरारी बापू ने रत्नावली के महात्म का वर्णन किया। रत्नावली और तुलसीदास को तराजू के दो पलड़ों की संज्ञा देते हुए कहा कि रत्नावली का महात्म तुलसी से ज्यादा है।
विज्ञापन


बापू ने कहा कि रत्नावली का रूप, शील, सुमिरन, समर्पण और सेवा पांच प्रमुख तत्व हैं। रूप वरदान होता है। बुरी चीज नहीं होती है। रूप की चर्चा में काम को लाना ही होता है। क्योंकि बिना काम के किसी को प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता है। किसी में रूप होता है, लेकिन शील नहीं होता। रत्नावली में शील का बहुत बल है। रत्नावली में सुमिरन व समर्पण बहुत है। गोस्वामी तुलसीदास घर छोड़कर विरागी बने और रत्नावली घर में रहकर अनुरागी बनीं। रत्नावली का पांचवां तत्व सेवा है जिसने दीनहीन महिलाओं, अनपढ़ एवं उपेक्षित वर्ग के लिए एक समाज सेविका के रूप में कार्य किया। कहा कि मेरे विचार में रत्ना देवी का आध्यात्म देखा जाए और उनकी पूजा की जानी चाहिए। तुलसीदास तथा रत्नावली दोनों को तुलनात्मक रूप से बिठाना हो तो रत्नावली जैसी महान विभुति का पलड़ा भारी है। जिसने तुलसीदास के पलडे़ को ऊंचाइयां दी। इसलिए तुलसी के साथ मां रत्नावली का नाम लेना आवश्यक है, नहीं तो विश्व को ज्ञान प्राप्त कराने वाले तुलसी अधूरे रह जाएंगे। इस दौरान कथा के मुख्य आयोजनकर्ता मदन पालीवाल, ट्रस्टी प्रकाश पुरोहित, रविंद्र जोशी, रूपेश व्यास, विकास पुरोहित, मंत्रराज पालीवाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed