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UP : दुष्कर्म की शिकार नाबालिग बेटी के गर्भपात की इजाजत मांगी, चचेरे भाई ने बनाया था हवस का शिकार

Thu, 06 Jul 2023 04:35 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 06 Jul 2023 04:35 PM IST
सार

पीड़ित किशोरी के पिता का कहना है उसकी बेटी मानसिक रूप से ठीक नहीं है। अप्रैल में बेटी को अचानक उल्टियां होने लगीं। चिकित्सक से इलाज कराया तो मालूम चला कि वह गर्भ से है। पूछताछ में उसने अपने चचेरे भाई अनिल पर दुष्कर्म का आरोप लगाया।

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Rape victim sought permission for abortion of minor daughter, cousin had made her a victim of lust
गर्भवती - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कोतवाली इलाके में पांच महीने पहले चचेरे भाई की हवस की शिकार गर्भवती किशोरी के पिता ने कोर्ट से गर्भ गिराने की इजाजत मांगी है। कोर्ट ने सीएमओ को मेडिकल बोर्ड गठित कर गर्भ समापन की बाबत रिपोर्ट देने को कहा है।

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पीड़ित किशोरी के पिता का कहना है उसकी बेटी मानसिक रूप से ठीक नहीं है। अप्रैल में बेटी को अचानक उल्टियां होने लगीं। चिकित्सक से इलाज कराया तो मालूम चला कि वह गर्भ से है। पूछताछ में उसने अपने चचेरे भाई अनिल पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। 23 अप्रैल को पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अनिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। आरोपी अनिल जेल में है। मामला विशेष न्यायाधीश पास्को की अदालत में विचाराधीन है।

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इंस्पेक्टर गणेश प्रसाद सिंह का कहना है मंगलवार को कोर्ट ने इस बाबत उन्हें तलब किया था। उन्होंने बताया कि गर्भ समापन को लेकर वह कुछ नहीं कर सकते। इस पर अदालत ने सीएमओ को मेडिकल बोर्ड गठित कर किशोरी का स्वास्थ्य परीक्षण की रिपोर्ट मांगी है। क्योंकि गर्भ समापन से जच्चा व बच्चा को खतरा हो सकता है।

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चरवा में बिन ब्याही मां बनी थी किशोरी

चरवा कोतवाली इलाके में भी करीब छह महीने पहले एक किशोरी बिन ब्याही मां बनी थी। किशोरी के साथ रिश्ते में चाचा लगने वाले युवक ने दुष्कर्म किया था। उस मामले में भी किशोरी के पिता ने कोर्ट से गर्भपात कराने की अनुमति मांगी।

मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में किशोरी को छह माह की गर्भवती होने की बात कहकर गर्भपात में जच्चा-बच्चा की जान को खतरा बताया था। बाद में कोर्ट के आदेश में किशोरी को जिला अस्पताल में भर्ती कर सुरक्षित प्रसव कराया गया। नवजात को जन्म देने के अगले ही दिन किशोरी अपने घर चली गई। एसएनसीयू में बच्चे को भर्ती करके स्वस्थ किया गया। बाद में उसे चाइल्ड लाइन को सौंपा गया था।

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