{"_id":"688fc0a3f9080225d10c565f","slug":"rain-havoc-three-including-mother-and-daughter-died-and-one-injured-due-to-house-collapse-kaushambi-news-c-261-1-kmb1017-128689-2025-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश का कहर: मकान ढहने से मां-बेटी समेत तीन की मौत, एक जख्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश का कहर: मकान ढहने से मां-बेटी समेत तीन की मौत, एक जख्मी
Mon, 04 Aug 2025 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 04 Aug 2025 01:33 AM IST
विज्ञापन
मंझनपुर व कोखराज क्षेत्र में रविवार भोर से हो रही लगातार बारिश के चलते दो मकान ढह गए। जिसके मलबे में दबकर मां-बेटी सहित तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि एक किशोरी जख्मी हो गई। उसका प्राथमिक उपचार मेडिकल कॉलेज में कराया गया।
मंझनपुर के बहादुरपुर निवासी महराजदीन रैदास मजदूरी करता है। शुक्रवार की भोर से लगातार हो रही बारिश के चलते धान के खेत में पानी अधिक भर गया था। नतीजतन महराजदीन पानी निकालने के लिए खेत की तरफ गया था। उसने बताया कि उसके कच्चे मकान में 55 वर्षीय पत्नी प्रेमा देवी, 19 वर्षीय बेटी साधना व 17 वर्षीय अराधना मौजूद थे।
दोपहर करीब नौ बजे मिट्टी कटने के साथ ही मकान अचानक भरभरा कर ढह गया। मलबे में मां व बेटियां दब गईं। ग्रामीणों ने आनन-फानन मलबे से तीनों को बाहर निकाला। एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन प्रेमा देवी व साधना को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
प्राथमिक उपचार के बाद अराधना की हालत में सुधार है। जानकारी होने पर सीओ मंझनपुर सहित राजस्व कर्मी पहुंच गए। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ के बाद कानूनी औपचारिकता पूरी की।
दूसरी ओर कोखराज के भरवारी कस्बा स्थित वार्ड नंबर 19 धर्मराज नगर (मुजाहिदपुर) स्वर्गीय लक्ष्मण प्रसाद की 80 वर्षीय पत्नी लक्ष्मी देवी शनिवार रात पीछे वाले कमरे में सो गई। जबकि बेटा विजयकरन व अन्य सदस्य आगे वाले कमरे में सो रहे थे। बेटे ने बताया कि रविवार सुबह बारिश के चलते पिछला हिस्सा भरभरा कर ढह गया।
मलबे में दबकर मां लक्ष्मी देवी की मौत हो गई। ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर वृद्धा के शव को बाहर निकाला गया। पुलिस को सूचना दिए बिना परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
-- -- -- -
नगर अध्यक्ष की सूझबूझ से बच गई अराधना की जान
मंझनपुर। क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में प्रेमा देवी व बेटी साधना के साथ कच्चे मकान के ढहे मलबे में अराधना भी दबी हुई थी। ग्रामीण मलबा हटा रहे थे। इस बीच जानकारी होने पर नगर पालिका मंझनपुर अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सरोज गांव पहुंच गए। देखा कि मलबे के काफी बड़े-बड़े टुकड़े को हटाने के लिए लोग फावड़ा व कुदाल की मदद ले रहे हैं। जबकि तीनों तीनों मां व बेटी खून से लथपथ नीचे दबी हुई है। उन्होंने फौरन बुल्डोजर मंगाया और आनन-फानन मलबा को हटवाया। आधे घंटे के भीतर राहत कार्य मिलने की वजह से अराधना की जान बच गई। जबकि प्रेमा देवी व साधना को नहीं बचाया जा सका। करीब एक घंटे बाद राजस्व कर्मी व सीओ, मंझनपुर कोतवाल पहुंच सके।
-- -- --
बेटाें के इंतजार में नहीं हुआ शवों का पोस्टमार्टम
नगर अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सरोज ने बताया कि पीड़ित महाराजदीन रैदास को सरकारी आवास का लाभ मिला है। जिसमें उसके बेटे शोभालाल की पत्नी अपने बच्चों के साथ रहती है। परिवार के अन्य सदस्य पुराने मकान में रहा करते थे। शोभालाल सहित महाराज दीन के अन्य बेटे भगवानदीन व बजरंगी दिल्ली में रहकर प्राइवेट काम करते हैं। मां व बहन के मौत की जानकारी उन्हें दे दी गई है। वह दिल्ली से रवाना हो चुके हैं। इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली से लौट रहे बेटों के इंतजार में पीड़ित परिवार ने फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया है। नतीजतन पंचनामा भर दोनों शवों को मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। उनके आने के बाद शवों का पोस्टमार्टम सोमवार को होगा।
विज्ञापन
मंझनपुर के बहादुरपुर निवासी महराजदीन रैदास मजदूरी करता है। शुक्रवार की भोर से लगातार हो रही बारिश के चलते धान के खेत में पानी अधिक भर गया था। नतीजतन महराजदीन पानी निकालने के लिए खेत की तरफ गया था। उसने बताया कि उसके कच्चे मकान में 55 वर्षीय पत्नी प्रेमा देवी, 19 वर्षीय बेटी साधना व 17 वर्षीय अराधना मौजूद थे।
विज्ञापन
दोपहर करीब नौ बजे मिट्टी कटने के साथ ही मकान अचानक भरभरा कर ढह गया। मलबे में मां व बेटियां दब गईं। ग्रामीणों ने आनन-फानन मलबे से तीनों को बाहर निकाला। एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन प्रेमा देवी व साधना को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
प्राथमिक उपचार के बाद अराधना की हालत में सुधार है। जानकारी होने पर सीओ मंझनपुर सहित राजस्व कर्मी पहुंच गए। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ के बाद कानूनी औपचारिकता पूरी की।
दूसरी ओर कोखराज के भरवारी कस्बा स्थित वार्ड नंबर 19 धर्मराज नगर (मुजाहिदपुर) स्वर्गीय लक्ष्मण प्रसाद की 80 वर्षीय पत्नी लक्ष्मी देवी शनिवार रात पीछे वाले कमरे में सो गई। जबकि बेटा विजयकरन व अन्य सदस्य आगे वाले कमरे में सो रहे थे। बेटे ने बताया कि रविवार सुबह बारिश के चलते पिछला हिस्सा भरभरा कर ढह गया।
मलबे में दबकर मां लक्ष्मी देवी की मौत हो गई। ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर वृद्धा के शव को बाहर निकाला गया। पुलिस को सूचना दिए बिना परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
नगर अध्यक्ष की सूझबूझ से बच गई अराधना की जान
मंझनपुर। क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में प्रेमा देवी व बेटी साधना के साथ कच्चे मकान के ढहे मलबे में अराधना भी दबी हुई थी। ग्रामीण मलबा हटा रहे थे। इस बीच जानकारी होने पर नगर पालिका मंझनपुर अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सरोज गांव पहुंच गए। देखा कि मलबे के काफी बड़े-बड़े टुकड़े को हटाने के लिए लोग फावड़ा व कुदाल की मदद ले रहे हैं। जबकि तीनों तीनों मां व बेटी खून से लथपथ नीचे दबी हुई है। उन्होंने फौरन बुल्डोजर मंगाया और आनन-फानन मलबा को हटवाया। आधे घंटे के भीतर राहत कार्य मिलने की वजह से अराधना की जान बच गई। जबकि प्रेमा देवी व साधना को नहीं बचाया जा सका। करीब एक घंटे बाद राजस्व कर्मी व सीओ, मंझनपुर कोतवाल पहुंच सके।
बेटाें के इंतजार में नहीं हुआ शवों का पोस्टमार्टम
नगर अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सरोज ने बताया कि पीड़ित महाराजदीन रैदास को सरकारी आवास का लाभ मिला है। जिसमें उसके बेटे शोभालाल की पत्नी अपने बच्चों के साथ रहती है। परिवार के अन्य सदस्य पुराने मकान में रहा करते थे। शोभालाल सहित महाराज दीन के अन्य बेटे भगवानदीन व बजरंगी दिल्ली में रहकर प्राइवेट काम करते हैं। मां व बहन के मौत की जानकारी उन्हें दे दी गई है। वह दिल्ली से रवाना हो चुके हैं। इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली से लौट रहे बेटों के इंतजार में पीड़ित परिवार ने फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया है। नतीजतन पंचनामा भर दोनों शवों को मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। उनके आने के बाद शवों का पोस्टमार्टम सोमवार को होगा।