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प्रत्याशियों को अखबार में छपवानी पड़ेगी खुद की क्रिमिनल हिस्ट्री
Sun, 17 Mar 2019 12:30 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Sun, 17 Mar 2019 12:30 AM IST
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मंझनपुर। लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को इस मर्तबा खुद अपना आपराधिक इतिहास मीडिया में गजट (प्रकाशित) कराना पड़ेगा। नामांकन के दौरान दिए जाने वाले शपथ पत्र पर विदेश में मौजूद संपत्ति का ब्योरा भी देना पड़ेगा। निर्वाचन आयोग ने प्र्रारूप 26 में इस बार बड़े बदलाव किए हैं। नामांकन के दौरान उम्मीदवार को पत्नी, बेटे और बेटियों को भी आय का पूरा ब्योरा देना होगा। देश में स्थित बैंक खातों के अलावा अगर विदेश में बैंक खाता है तो इसकी भी जानकारी प्रत्याशी को प्रपत्र में देनी होगी। आय का ब्योरा न देने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं शिकायत की पुष्टि होने पर प्रत्याशी का नामांकन भी रद हो सकता है। इसके लिए संशोधित प्रारूप भेजा गया है। प्रत्याशी शहर में संचालित किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोल सकेंगे। इस खाते के जरिए ही चुनाव के दौरान होने वाले खर्चे की धनराशि निकाल कर व्यय करना होगा।
प्रत्याशी अपने नामांकन के एक दिन पहले तक खाता खोल सकते हैं। प्रत्याशियों को पहले से संचालित हो रहे खातों की पूरी डिटेल आयोग को देनी होगी। हालांकि प्रत्याशी चुनाव के दौरान इस खाते का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। प्रत्याशियों द्वारा पहले से संचालित खातों की निगरानी आयोग बराबर करता रहेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि अभी तक नामांकन के दौरान प्रत्याशी हलफनामे पर अपना आपराधिक रिकार्ड देते थे। इस बार हलफनामे के साथ ही उम्मीदवारों को प्रमुख समाचार पत्रों में भी अपनी क्रिमिनल हिस्ट्री प्रकाशित करानी होगी।
प्रत्याशी को लोकसभा चुनाव में नामांकन के बाद से अपने सोशल मीडिया अकाउंट के बारे में जानकारी देनी होगी। इसमें दिए जाने वाले विज्ञापन का व्यय राजनैतिक दल और प्रत्याशी के खर्चे में शामिल होगा। इतना ही नहीं राजनैतिक दल और प्रत्याशी के चुनावी खर्च में पार्टी और प्रत्याशी के सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने वाली टीम और कर्मचारी का वेतन तथा भत्ता भी शामिल किया जाएगा।
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राजनैतिक दल और लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार को अपने चुनाव के दौरान खर्च होने वाली धनराशि का प्रतिदिन का ब्योरा निर्वाचन कार्यालय को सौंपना होगा। इसका मिलान प्रत्याशी द्वारा खोले गए चुनाव संचालन के खाते से निकाली गई प्रतिदिन की धनराशि से किया जाएगा। मिलान नहीं होने पर सम्बंधित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन में कार्रवाई की जाएगी।
नामांकन के दौरान इस बार प्रत्याशी को अपने पांच साल के आय का भी ब्योरा आयोग को प्रपत्र में देना होगा। अभी तक प्रत्याशियों को सिर्फ एक साल तक की आय का ब्योरा आयोग के प्रपत्र में देना होता था। इसके लिए रिटर्निंग आफीसर और सहायक रिटर्निंग आफीसर को निर्देश जारी किए गए है। कमी पाए जाने पर प्रत्याशी का नामांकन निरस्त किया जा सकता है।
प्रत्याशियों को अपने चुनाव प्रचार के दौरान ट्वीटर फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सअप, विकीपीडिया आदि सोशल मीडिया पर प्रचार सामाग्री पोस्ट करने से पहले आयोग से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए आयोग ने लोकसभा क्षेत्र में लगाए गए सभी रिटर्निंग आफीसर को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
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प्रत्याशी अपने नामांकन के एक दिन पहले तक खाता खोल सकते हैं। प्रत्याशियों को पहले से संचालित हो रहे खातों की पूरी डिटेल आयोग को देनी होगी। हालांकि प्रत्याशी चुनाव के दौरान इस खाते का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। प्रत्याशियों द्वारा पहले से संचालित खातों की निगरानी आयोग बराबर करता रहेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि अभी तक नामांकन के दौरान प्रत्याशी हलफनामे पर अपना आपराधिक रिकार्ड देते थे। इस बार हलफनामे के साथ ही उम्मीदवारों को प्रमुख समाचार पत्रों में भी अपनी क्रिमिनल हिस्ट्री प्रकाशित करानी होगी।
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प्रत्याशी को लोकसभा चुनाव में नामांकन के बाद से अपने सोशल मीडिया अकाउंट के बारे में जानकारी देनी होगी। इसमें दिए जाने वाले विज्ञापन का व्यय राजनैतिक दल और प्रत्याशी के खर्चे में शामिल होगा। इतना ही नहीं राजनैतिक दल और प्रत्याशी के चुनावी खर्च में पार्टी और प्रत्याशी के सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने वाली टीम और कर्मचारी का वेतन तथा भत्ता भी शामिल किया जाएगा।
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राजनैतिक दल और लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार को अपने चुनाव के दौरान खर्च होने वाली धनराशि का प्रतिदिन का ब्योरा निर्वाचन कार्यालय को सौंपना होगा। इसका मिलान प्रत्याशी द्वारा खोले गए चुनाव संचालन के खाते से निकाली गई प्रतिदिन की धनराशि से किया जाएगा। मिलान नहीं होने पर सम्बंधित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन में कार्रवाई की जाएगी।
नामांकन के दौरान इस बार प्रत्याशी को अपने पांच साल के आय का भी ब्योरा आयोग को प्रपत्र में देना होगा। अभी तक प्रत्याशियों को सिर्फ एक साल तक की आय का ब्योरा आयोग के प्रपत्र में देना होता था। इसके लिए रिटर्निंग आफीसर और सहायक रिटर्निंग आफीसर को निर्देश जारी किए गए है। कमी पाए जाने पर प्रत्याशी का नामांकन निरस्त किया जा सकता है।
प्रत्याशियों को अपने चुनाव प्रचार के दौरान ट्वीटर फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सअप, विकीपीडिया आदि सोशल मीडिया पर प्रचार सामाग्री पोस्ट करने से पहले आयोग से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए आयोग ने लोकसभा क्षेत्र में लगाए गए सभी रिटर्निंग आफीसर को कड़े निर्देश जारी किए हैं।