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बाइस हैंडपंपों में से 16 खराब, संकट
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sat, 22 Apr 2017 01:35 AM IST
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विकास खंड कौशाम्बी के उरई के ग्रामीणों को पेयजल मुहैया कराने के लिए लगे 22 हैंडपंपों में 16 खराब हैं। भीषण गर्मी में ग्रामीणों को पेयजल लेने के लिए गांव के बाहर लगे एक सबमर्सिबल पर जाना पड़ता है। हैंडपंपों का रीबोर कराने के लिए ग्रामीणों ने ब्लॉक में कई बार शिकायत किया पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। इसके चलते ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के संकट से गुजरना पड़ रहा है।
उरई गांव के डेढ़ सौ घरों में लगभग 12 सौ की आबादी रह रही है। ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 22 इंडिया मार्का हैंडपंप लगवाए गए हैं। तेजी से घट रहे भू-गर्भ जल स्तर के चलते 16 हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। इन हैंडपंपों के पानी न देने से ग्रामीणों के समक्ष पेयजल की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। गांव के एक मोहल्ले में लगे पांचों हैंडपंप खराब हैं। इस मोहल्ले के लोगों को गांव के बाहर लगे गरीब दास के सबमर्सिबल पर पेयजल के लिए जाना पड़ता है। लगभग आठ सौ मीटर की दूरी से पानी लाने में ग्रामीणों के बदन का पानी सूख जाता है। शिकायत कई बार ग्रामीणों ने बीडीओ से की पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। प्रशासन द्वारा समस्या की अनदेखी किए जाने से ग्रामीणों ने नाराजगी है। वह बूंद-बूंद पानी के संकट से गुजर रहे हैं।
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उरई गांव के डेढ़ सौ घरों में लगभग 12 सौ की आबादी रह रही है। ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 22 इंडिया मार्का हैंडपंप लगवाए गए हैं। तेजी से घट रहे भू-गर्भ जल स्तर के चलते 16 हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। इन हैंडपंपों के पानी न देने से ग्रामीणों के समक्ष पेयजल की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। गांव के एक मोहल्ले में लगे पांचों हैंडपंप खराब हैं। इस मोहल्ले के लोगों को गांव के बाहर लगे गरीब दास के सबमर्सिबल पर पेयजल के लिए जाना पड़ता है। लगभग आठ सौ मीटर की दूरी से पानी लाने में ग्रामीणों के बदन का पानी सूख जाता है। शिकायत कई बार ग्रामीणों ने बीडीओ से की पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। प्रशासन द्वारा समस्या की अनदेखी किए जाने से ग्रामीणों ने नाराजगी है। वह बूंद-बूंद पानी के संकट से गुजर रहे हैं।
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