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जिले में आंधी-पानी का कहर

Wed, 11 May 2016 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Wed, 11 May 2016 12:40 AM IST
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problem due to weather
मौसम
दोआबा में सोमवार रात बूंदाबंादी के साथ आए आंधी ने जमकर कहर बरपाया। हवा के झोंकों से बिजली के खंभे टूट गए। आंधी से कई गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। बत्तीगुल होने से पेयजल का भी संकट खड़ा हो गया है। आम, केलों की फसलों को नुकसान पहुंचा।
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दोआबा में सोमवार रात लगभग 12 बजे मौसम ने अचानक करवट ले ली। आसमान में छाए काले बादलों की गड़गड़ाहट के साथ ठंड हवाओं के झोंकों ने पलभर के लिए राहत का एहसास कराया। इसी बीच बूंदाबांदी के साथ आंधी का कहर शुरू हो गया। घरों और दुकानों में लगे टीनशेड हवा के साथ उड़ने लगे। रात लगभत दो बजे तक आंधी ने जिले भर में तबाही मचाही। बड़े-बड़े आम, महुवा के पेड़ पलक झपकते ही गिर गए। पेड़ों के गिरने से जिले भर में विद्युत लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते सैकड़ों गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सुबह लोग खेतों, बागों में नुकसान का दृश्य देखा। सदर ब्लॉक के मगौरा गांव में दर्जनभर किसानों की पचास बीघा केले की फसल को तूफान ने जमींदोज कर दिया। द्वारिका सिंह की करीब पांच बीघा, रानी देवी की तीन बीघा, अर्जुन सिंह की दो बीघा, समर बहादुर सिंह की पांच बीघा, कंधई सिंह की ढाई बीघा फसलें शामिल हैं। मोअज्जमपुर गांव के अंगद सिंह ने 22 बीघा में केला लगा रखा है। इसमें से तीन बीघा फसल तो पूरी तरह से गिर गई। जबकि 19 बीघा फसल में 20 से 25 फीसदी नुकसान हुआ है।
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 सोमवार रात आए आंधी के कहर का सामना करारी के एक गृहस्वामी को भी करना पड़ा। नेतानगर मोहल्ला निवासी बचोली लाल के घर के सामने महुवा का बड़ा पेड़ था। हवाओं से वह बचोली के मकान पर गिरा। इससे मकान जमींदोज हो गया। परिजन तो बाल-बाल बच गए, लेकिन देहरी पर बंधी भैंस घायल हो गई। सोमवार की रात आए आंधी से केले की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। फसल बर्बादी का नजारा देख किसानों के आंसू नहीं थम रहे हैं। तैयापुर के क्षुब्ध हुए किसान मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम से मिलकर बर्बाद हुई केले की फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की। किसानों ने डीएम को बताया कि अभी वह पिछले साल ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल के दर्द से उबर नहीं सकें हैं। ऐसे में यह दूसरी चपत किसानों को भुखमरी की कगार पर खड़ा कर दिया है। डीएम ने जांच कराकर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। मांग करने वालों में तैयबपुर मगौरा गांव के द्वारिका सिंह, दूधनाथ, विजय बहादुर, अर्जुन सिंह समेत दर्जनभर किसान शामिल रहे।
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