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Kaushambi News: नियमों की अनदेखी पर पांच स्कूलों पर शिकंजा कसने की तैयारी

Fri, 29 Sep 2023 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Fri, 29 Sep 2023 12:40 AM IST
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Preparation to tighten the noose on five schools for ignoring rules
नेवादा। नेवादा ब्लॉक क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे पांच स्कूल चिह्नित किए गए हैं। संचालकों को नोटिस जारी किया गया है, विद्यालय फिर भी बंद नहीं हुए। अब तहसील प्रशासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
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ब्लॉक क्षेत्र में जूनियर और प्राइमरी तक के 94 विद्यालय पंजीकृत हैं। बीएसए के आदेश पर बीईओ ने संकुल शिक्षकों से पड़ताल कराई। इसमें पांच विद्यालय ऐसे मिले, जो नियमों के विपरीत चल रहे हैं। इनमें तिल्हापुर मोड़ स्थित जीपी सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विद्यालय, सिकंदरपुर आइमा स्थित ननकू लाल जायसवाल विद्यालय, बरियावां स्थित एसडीएस कॉन्वेंट स्कूल, अकबराबाद गुहौली स्थित रामसुचित शिक्षण संस्थान, जवई स्थित कुटी शिक्षण संस्थान शामिल हैं।
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बीईओ नीरज कुमार उमराव की ओर से इन्हें नोटिस जारी किया गया था, लेकिन स्कूलों का संचालन बंद नहीं हुआ। जीपी सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विद्यालय और रामसुचित शिक्षण संस्थान के संचालकों ने चार महीने पहले ही स्कूलों को बंद करने का शपथ पत्र दिया था, लेकिन स्कूल फिर भी चल रहे हैं। अब पुलिस की मदद से विद्यालय बंद कराने के लिए एसडीएम चायल को पत्राचार किया गया।
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नौ कमरों के स्कूल में चल रहीं 12 कक्षाएं

जीपी सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विद्यालय में कक्षा छह से आठ तक की मान्यता है। जबकि पढ़ाई कक्षा एक से इंटर तक होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नौ कमरों के इस स्कूल में करीब 250 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। प्रिंसिपल सहित आठ शिक्षक पढ़ाते हैं। ननकू लाल जायसवाल विद्यालय को कक्षा छह से आठ तक की मान्यता है, लेकिन हाईस्कूल तक की कक्षाएं चलती हैं। एसडीएस काॅन्वेंट स्कूल बरियावां, रामसुचित शिक्षण संस्थान व कुटी शिक्षण संस्थान के पास किसी भी कक्षा की मान्यता नहीं, फिर भी एक से पांच तक पढ़ाई हाे रही है।
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प्रतिदिन 10 हजार रुपये जुर्माने का है प्रावधान

बिना मान्यता के विद्यालय संचालित मिलने पर पहले एक लाख रुपये का जुर्माना लगता है। इसके बाद प्रतिदिन 10 हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाया जाता है। यह धनराशि जमा न होने पर भूराजस्व की तरह वसूली कराई जाती है।


बगैर मान्यता के संचालित हो रहे पांच विद्यालयों पर रोक लगाने के लिए एसडीएम समेत क्षेत्र के थानों को पत्र लिखा गया है। जल्द ही इन्हें बंद कराया जाएगा।- नीरज कुमार उमराव,बीईओ नेवादा
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