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रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा में मुस्तैद रही पुलिस, ज्ञापन देकर लौटे किसान

Fri, 19 Feb 2021 12:42 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 19 Feb 2021 12:42 AM IST
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Police is safe in the security of railway stations, farmers returned by giving memorandum
Police is safe in the security of railway stations, farmers returned by giving memorandum - फोटो : KAUSHAMBI
कृषि कानूनों के विरोध में विभिन्न संगठनों ने बृहस्पतिवार को रेल रोकने का एलान किया था। इसे लेकर जिले की पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर सख्त पहरा लगाया था। रेल रोकने पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों को स्टेशन के पास तक फटकने नहीं दिया गया। किसान संगठन के लोग रेल रोकने के लिए पहुंचे जरूर लेकिन, सिर्फ ज्ञापन देकर वापस लौट आए।
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कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बार्डर पर धरना दे रहे किसानों के समर्थन में जिले के तमाम किसान संगठनों ने भी बृहस्पतिवार को रेल रोकने का आह्वान किया था। इसकी जानकारी होने के बाद जिले की पुलिस मुस्तैद रही। दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर पड़ने वाले सभी रेलवे स्टेशनों की कड़ी सुरक्षा की गई थी।
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इसकी जिम्मेदारी खुद एएसपी समर बहादुर सिंह ने संभाल रखी थी। तमाम किसान संगठन विरोध के लिए पहुंचे, लेकिन ट्रेन रोकने का मंसूबा कामयाब नहीं हुआ। समर्थ किसान पार्टी के लोगों ने सैयद सरावां रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोकने का प्रयास किया। स्टेशन पर मुस्तैद पुलिस के जवानों ने कार्यकर्ताओं को वहां पहुंचने से पहले ही रोक लिया।
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संगठन के लोगों ने नारेबाजी की और कानून वापसी की मांग करते हुए अपना ज्ञापन दिया। इस के अलावा सिराथू में भी संगठन के लोगों ने रेल रोकने का प्रयास किया। पुलिस की मुस्तैदी के कारण संगठन के लोगों का मंसूबा कामयाब नहीं हो सका। इस दौरान पार्टी नेता अजय सोनी ने कहा कि कृषि कानून के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसानों को परेशान किया जा रहा है।
संगठन के लोगों को पुलिस ने सिराथू पुलिस चौकी के पास ही रोक लिया। कानून वापसी को लेकर अजय सोनी ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार राकेश सिंह को सौंपा। इस मौके पर प्रेम चंद्र केसरवानी, राम शंकर यादव, बबलू सोनी, नसीम अहमद, जुम्मन अली, राम आसरे सरोज, दिलीप कुमार सोनकर, राजू लोधी आदि मौजूद रहे।
सीओ को ज्ञापन देकर वापस लौट गए किसान
किसान आंदोलन के समर्थन बृहस्पतिवार को रेल रोकने जा रहे किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के लोगों को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक लिया। किसान सैयद सरावां रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोकने जा रहे थे। किसानों के विरोध की जानकारी पर पहुंचे सीओ चायल श्यामकांत ने ज्ञापन लेकर सभी को वापस भेज दिया। इस मौके पर संगठन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार पांडेय सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

ट्रेन रोकने पहुंचे किसानों को पुलिस ने रोका, ज्ञापन लेकर लौटाया
रेलवे स्टेशन पर बृहस्पतिवार को ट्रेन रोकने जा रहे भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों को पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने बीच रास्ते में ही रोक लिया। मौके पर एसडीएम सिराथू प्रखर उत्तम व सीओ रामवीर सिंह को किसान ज्ञापन देकर वापस लौट गए। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने कहा कि तीनों कानून किसान विरोधी हैं। सरकार को ये कानून वापस लेने चाहिए। इस दौरान किसान नेता चंदू तिवारी, मानसिंह पटेल, विजय सिंह, लवकुश, प्रेम नारायण, मो. शाहिद, मैकू लाल, बच्चा लाल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

Police is safe in the security of railway stations, farmers returned by giving memorandum

Police is safe in the security of railway stations, farmers returned by giving memorandum- फोटो : KAUSHAMBI

Police is safe in the security of railway stations, farmers returned by giving memorandum

Police is safe in the security of railway stations, farmers returned by giving memorandum- फोटो : KAUSHAMBI

Police is safe in the security of railway stations, farmers returned by giving memorandum

Police is safe in the security of railway stations, farmers returned by giving memorandum- फोटो : KAUSHAMBI

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