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खाद के लिए पइंसा समिति में हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Mon, 12 Jan 2015 12:01 AM IST
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यूरिया खाद के लिए साधन सहकारी समिति पइंसा में भी 4 दिन से किसान हंगामा काट रहे हैं। सुबह से खाद के लिए समिति में डेरा जमाए दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसानों को शाम खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। किसान समिति के कर्मचारियों पर सिर्फ परिचितों को खाद देने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं समिति के सचिव का कहना है कि सिर्फ 200 बोरी खाद उपलब्ध कराई गई है। 500 किसानों के बीच कैसे बांटा जाए। कौशाम्बी में गेंहू की फसल में छिड़काव के लिए यूरिया खाद किसानों को नहीं मिल रही है। इसे लेकर रोजाना जिले की सभी साधन सहकारी समितियों में किसान हंगामा काट रहे हैं। सहकारी समिति पइंसा में भी खाद के लिए 4 दिनों से हंगामा हो रहा है।
बता दें कि इस समिति में खाद के लिए पइंसा, बिगनियापुर, पति का पुरा, मोंगला, बाले का पुरा, पठकन का पुरा, गौसेलमपुर, मैदहाई, मकनपुर, अफजलपुर वारी आदि गांवों के सैकड़ों किसान रोजाना यूरिया खाद के लिए सुबह से डेरा जमा देते हैं। बृहस्पतिवार को खाद के लिए किसानों को बुलाया गया था। पर, 15 किसानों को दो-दो बोरी खाद देने के बाद वितरण बंद कर दिया गया। क्योंकि जिसे भी खाद नहीं मिलेगी, वह आरोप लगाते हुए हंगामा मचाने लगते है। बता दें कि कौशाम्बी में रबी के सीजन में 34 हजार मैट्रिक टन यूरिया की जरूरत है। पर, जिले को अब तक सिर्फ 3 हजार मैट्रिक टन यूरिया मिल सकी है। एआर कोआपरेटिव दयानंद प्रसाद ने यूरिया खाद की कमी सभी जिलों में है। जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को मांगपत्र भेजा गया है।
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बता दें कि इस समिति में खाद के लिए पइंसा, बिगनियापुर, पति का पुरा, मोंगला, बाले का पुरा, पठकन का पुरा, गौसेलमपुर, मैदहाई, मकनपुर, अफजलपुर वारी आदि गांवों के सैकड़ों किसान रोजाना यूरिया खाद के लिए सुबह से डेरा जमा देते हैं। बृहस्पतिवार को खाद के लिए किसानों को बुलाया गया था। पर, 15 किसानों को दो-दो बोरी खाद देने के बाद वितरण बंद कर दिया गया। क्योंकि जिसे भी खाद नहीं मिलेगी, वह आरोप लगाते हुए हंगामा मचाने लगते है। बता दें कि कौशाम्बी में रबी के सीजन में 34 हजार मैट्रिक टन यूरिया की जरूरत है। पर, जिले को अब तक सिर्फ 3 हजार मैट्रिक टन यूरिया मिल सकी है। एआर कोआपरेटिव दयानंद प्रसाद ने यूरिया खाद की कमी सभी जिलों में है। जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को मांगपत्र भेजा गया है।
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