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बीमारी का बहाना बताकर गायब हुए पेशकार, तहसीलदार ने भी लिया छुट्टी
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स्थानीय तहसील में तहसीलदार के पटल से गायब हुई मुकदमे की पत्रावलियों को लेकर बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। नाराज अधिवक्ताओं ने एसडीएम का घेराव करते हुए गायब पत्रावलियों की खोज कराने के साथ ही मुकदमों के त्वरित निस्तारण की मांग की। एसडीएम ने तहसीलदार पटल पर काम करने वाले पेशकार सहित तहसीलदार को पत्र जारी कर गायब पत्रावलियों को खोजने का आदेश दिया है। एसडीएम का सख्त रुख देख पटल के पेशकार बीमारी का बहाना बताकर गायब हो गए हैं। तहसीलदार ने भी छुट्टी ले ली है।
चायल तहसील में तहसीलदार पटल पर लंबित मुकदमों की सैकड़ों पत्रावलियां गायब हैं। ये वे पत्रावलियां हैं जिनके मुकदमे का निस्तारण अंतिम चरण में है। पत्रावलियों के गायब होने से अधिवक्ताओं और फरियादियों को उनके मुकदमे का आदेश नहीं मिल पा रहा है। इससे अधिवक्ता और वादकारी परेशान हैं। सितंबर माह से गायब चल रही पत्रावलियों को लेकर संबंधित पटल के पेशकार और जिम्मेदार कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। बुधवार के अंक में जब अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो अधिकारी हरकत में आ गए। बुधवार को नाराज अधिवक्ताओं ने एसडीएम का घेराव किया। इस पर एसडीएम ने सम्बंधित पेशकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देकर गायब पत्रावलियों को खोजने का आदेश दिया है।
मामला तूल पकड़ा देख सम्बंधित पेशकार बीमारी का बहाना बताकर गायब हो गए हैं, वहीं तहसीलदार ने भी छुट्टी ले ली है। नायब तहसीलदार पटल पर भी कोई भी जिम्मेदार अधिकारी की तैनाती नहीं है। ऐसे में तहसील में अधिवक्ता और वादकारी परेशान हैं। गायब चल रही पत्रावलियों को लेकर नाराज अधिवक्ताओं ने जब पूर्व मंत्री धर्मराज ओझा की अगुवाई में एसडीएम का घेराव किया तो उन्होंने अधिवक्ताओं से एक सप्ताह का समय मांगा गया। एसडीएम राम दरस राम ने संबंधित पेशकार को चेतावनी पत्र जारी करते हुए एक सप्ताह के अंदर गायब फाइलों को खोजने व नहीं मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
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चायल तहसील में तहसीलदार पटल पर लंबित मुकदमों की सैकड़ों पत्रावलियां गायब हैं। ये वे पत्रावलियां हैं जिनके मुकदमे का निस्तारण अंतिम चरण में है। पत्रावलियों के गायब होने से अधिवक्ताओं और फरियादियों को उनके मुकदमे का आदेश नहीं मिल पा रहा है। इससे अधिवक्ता और वादकारी परेशान हैं। सितंबर माह से गायब चल रही पत्रावलियों को लेकर संबंधित पटल के पेशकार और जिम्मेदार कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। बुधवार के अंक में जब अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो अधिकारी हरकत में आ गए। बुधवार को नाराज अधिवक्ताओं ने एसडीएम का घेराव किया। इस पर एसडीएम ने सम्बंधित पेशकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देकर गायब पत्रावलियों को खोजने का आदेश दिया है।
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मामला तूल पकड़ा देख सम्बंधित पेशकार बीमारी का बहाना बताकर गायब हो गए हैं, वहीं तहसीलदार ने भी छुट्टी ले ली है। नायब तहसीलदार पटल पर भी कोई भी जिम्मेदार अधिकारी की तैनाती नहीं है। ऐसे में तहसील में अधिवक्ता और वादकारी परेशान हैं। गायब चल रही पत्रावलियों को लेकर नाराज अधिवक्ताओं ने जब पूर्व मंत्री धर्मराज ओझा की अगुवाई में एसडीएम का घेराव किया तो उन्होंने अधिवक्ताओं से एक सप्ताह का समय मांगा गया। एसडीएम राम दरस राम ने संबंधित पेशकार को चेतावनी पत्र जारी करते हुए एक सप्ताह के अंदर गायब फाइलों को खोजने व नहीं मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
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