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डार्क जोन में तेजी से हो रही निजी नलकूपों की बोरिंग

Fri, 27 Dec 2019 12:42 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 27 Dec 2019 12:42 AM IST
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people are making tubwells in dark zone
डार्क जोन में तेजी से हो रही निजी नलकूपों की बोरिंग
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कड़ा व सिराथू ब्लॉक में अंधाधुंध दोहन से बढ़ा पानी का संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। सिराथू क्षेत्र के कड़ा और सिराथू ब्लाक को शासन ने वर्ष 2012 में डार्क जोन घोषित कर दिया। दोनों ब्लाक को डार्क जोंने घोषित करने के साथ ही यहां सरकारी नलकूपों की बोरिंग पर पाबंदी लगा दी गई। जबकि निजी नलकूप की बोरिंग को पाबंदी से अगल रखा गया। यही कारण है कि क्षेत्र के खेतों और घरों में निजी सबमर्सिबल की अधाधुंल बोरिंग हो रही है। किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए रात-दिन धरती के कोख से पानी खींचते चले आ रहे हैं। अपुष्ट आकड़ों के मुताबिक दोनों ब्लॉकों में निजी सबमर्सिबल अथवा नलकूपों की संख्या तकरीबन दो हजार पहुंच गई है। दिनोंदिन इसमें लगातार बढोतरी हो रही है। भूमर्ग विभाग के आकंड़ों पर भरोसा किया जाए तो इलाके का जलस्तर सामान्य से 22 मीटर नीचे खिस गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलदोहन की रफ्तार यहीं रही तो महज एक दशक के भीतर डार्क जोन वाले दोनों ब्लॉक क्षेत्रों में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा होना तय है। भूगर्भ विभाग के डाटा प्रोसेसर रमन सिंह का कहना है कि अगर क्षेत्र में वाटर रिचार्ज के प्रति लोग जागरूक नहीं हुए तो एक-एक बूंद पानी के संकट का सामना करना पड़ेगा। सबसे अधिक शमसाबाद एवं देवखरपुर की हालत खराब है। यहां पानी का जल स्तर जून माह में 32 मीटर सामान्य से नीचे दर्ज किया गया था।
तालाबों में पानी की जगह उड़ रही है धूल
सिराथू। सिराथू तहसील के दोनो ब्लाक कड़ा और सिराथू में तालाबों की संख्या तकरीबन एक हजार है। पर, अधिकांश तालाबों में धूल उड़ती रहती है। वाटर रिचार्ज के लिए सबसे बेहतर माध्यम माने जाने वाले ये तालाब आज अपने आस्तित्व ही खोते दिख रहे हैं।
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राम गंगा नहर से भी हो सकता है जल स्तर में सुधार
सिराथू। क्षेत्र में वाटर रिचार्ज के लिए राम गंगा नगर भी कारगर साबित हो सकती है। पर, तीन दशक से इस नहर में भी धूल उड़ रही है। अब इसमें पानी आने की नई संभावना पैदा हो गई है। इस नहर में नियमित रूप से पानी आ जाए तो भी क्षेत्र के जल स्तर में सुधार हो सकता है।
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नोट हरे पेड़ों के काटने की खबर का जोड़
इनका कहना है
मामला संज्ञान में नहीं है। फिर भी किसी ने यदि वन विभाग की अनुमति के बगैर हरे पेड़ों की कटान किया है तो जांच कर आरोपियों के चिरुद्घ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राकेश तिवारी-इंस्पेक्टर कोखराज
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