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कथित बाल संत के भूमिगत होने पर हंगामा, भक्तों ने सरायअकिल कोतवाली का किया घेराव
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people agitated for meeting the child saint
- फोटो : KAUSHAMBI
कथित बाल संत के भूमिगत होने पर हंगामा, भक्तों ने घेरी सरायअकिल कोतवाली
परिजनों ने पुलिस पर बच्चे को गायब करने का लगाया आरोप
मंझनपुर। कथित तौर पर चमत्कारी बाल संत मासूम गोलू की हालत बिगड़ गई है। रविवार को तड़के से उमड़े हजारों लोग कथित संत के दर्शन नहीं मिलने से मायूस हो गए। आक्रोशित लोगों ने सुबह सरायअकिल कोतवाली का घेराव कर विरोध जताया। पुलिस ने किसी तरह भक्तों को शांत कराया लेकिन हजारों की संख्या में जमा लोग धूप और बारिश के बीच शाम तक गोलू के आने का इंतजार करते रहे।
सरायअकिल कोतवाली के बेरुई निवासी गोलू (6) पुत्र राजू पासी की ससुराल यमुना पार में है। गोलू के पिता राजू के मुताबिक करीब दस दिन पहले वह यमुनापार स्थित ससुराल जा रहा था। इसी दौरान नाव में अचानक एक मछली कूद कर गोलू के ऊपर आकर गिरी। राजू के मुताबिक इसके बाद से गोलू की दिनचर्या ही बदल गई। उसने जिन लोगों को छुआ उनकी सारी बीमारी दूर हो गई। यह बात पूरे इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई। रोजाना गांव में हजारों की संख्या में लोगों का जमावड़ा लगने लगा। आस्था और अंधविश्वास से जकड़े लोग बेरुई पहुंचने लगे। रविवार को भी हजारों लोगों की भीड़ गांव पहुंची। लेकिन पता चला कि गोलू को पुलिस उठा ले गई है। इसके बाद लोग आक्रोशित हो गए। लोगों ने सरायअकिल कोतवाली में पहुंच कर हंगामा किया। इंस्पेक्टर मनीष पांडेय ने बताया कि यह सिर्फ अंधविश्वास है। किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया।
गोलू की बिगड़ गई हालत
मंझनपुर। पुलिस का दावा है कि पिछले दस दिन से परिवार के लोग गोलू को बाबा होने का दावा कर रातोंदिन लोगों को दर्शन करा रहे हैं। इसकी वजह से मासूम बच्चे की हालत बिगड़ गई है। इंस्पेक्टर मनीष पांडेय का कहना है कि भले ही परिवार के लोग किसी से पैसे नहीं लेने का दावा करें लेकिन लोग काफी चढ़ोतरी चढ़ा रहे हैं। एक आंकलन के मुताबिक परिवार के लोग करीब 10 से 15 लाख रुपया चढ़ोतरी में कमा चुके हैं। मासूम की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। परिवार के लोग उसे कहीं इलाज कराने के लिए ले गए हैं।
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भक्तों की जुबानी, गोलू बाबा की कहानी
मंझनपुर। मेड़रहा गांव के कृपाशंकर की मानें तो 29 अगस्त को वह बाबा गोलू के पास आया था। उसे जोड़ों में दर्द था। कृपाशंकर के मुताबिक अब उसे महज दो बार के दर्शन मात्र से पूरा आराम है। करारी के नोसे भी पेशे से चालक है। उसके पैरों के दर्द में भी आराम मिल चुका है। इस तरह की अफवाहों के बीच बेरूई गांव में चमत्कारी बाल संत गोलू के दर्शन को लेकर भीड़ जुटने लगी।
हालात बेकाबू होते देख खुफिया अलर्ट
मंझनपुर। कथित गोलू बाबा के दर्शन को लेकर लोगों की खासी भीड़ जुटने लगी। हालात यह है कि गांव की किसी भी सड़क से लोगों का पैदल निकलना दुश्वार हो गया है। गलियों में वाहनों के खड़े होने से जाम लगता है। इसे लेकर खुफिया विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दिया है। जिले के दो विधायक भी कथित बाबा का दर्शन कर चुके हैं। इसके कारण लोगों का विश्वास और भी जम गया। नतीजतन खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर कथित बाबा को भूमिगत करना पड़ गया। पुलिस को कहना है कि गोलू को परिवार के लोग कहीं रिश्तेदारी में छोड़ आए हैं वहीं परिवार के लोगों को कहना है कि बच्चे को पुलिस अपने साथ लेकर गई है।
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परिजनों ने पुलिस पर बच्चे को गायब करने का लगाया आरोप
मंझनपुर। कथित तौर पर चमत्कारी बाल संत मासूम गोलू की हालत बिगड़ गई है। रविवार को तड़के से उमड़े हजारों लोग कथित संत के दर्शन नहीं मिलने से मायूस हो गए। आक्रोशित लोगों ने सुबह सरायअकिल कोतवाली का घेराव कर विरोध जताया। पुलिस ने किसी तरह भक्तों को शांत कराया लेकिन हजारों की संख्या में जमा लोग धूप और बारिश के बीच शाम तक गोलू के आने का इंतजार करते रहे।
सरायअकिल कोतवाली के बेरुई निवासी गोलू (6) पुत्र राजू पासी की ससुराल यमुना पार में है। गोलू के पिता राजू के मुताबिक करीब दस दिन पहले वह यमुनापार स्थित ससुराल जा रहा था। इसी दौरान नाव में अचानक एक मछली कूद कर गोलू के ऊपर आकर गिरी। राजू के मुताबिक इसके बाद से गोलू की दिनचर्या ही बदल गई। उसने जिन लोगों को छुआ उनकी सारी बीमारी दूर हो गई। यह बात पूरे इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई। रोजाना गांव में हजारों की संख्या में लोगों का जमावड़ा लगने लगा। आस्था और अंधविश्वास से जकड़े लोग बेरुई पहुंचने लगे। रविवार को भी हजारों लोगों की भीड़ गांव पहुंची। लेकिन पता चला कि गोलू को पुलिस उठा ले गई है। इसके बाद लोग आक्रोशित हो गए। लोगों ने सरायअकिल कोतवाली में पहुंच कर हंगामा किया। इंस्पेक्टर मनीष पांडेय ने बताया कि यह सिर्फ अंधविश्वास है। किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया।
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गोलू की बिगड़ गई हालत
मंझनपुर। पुलिस का दावा है कि पिछले दस दिन से परिवार के लोग गोलू को बाबा होने का दावा कर रातोंदिन लोगों को दर्शन करा रहे हैं। इसकी वजह से मासूम बच्चे की हालत बिगड़ गई है। इंस्पेक्टर मनीष पांडेय का कहना है कि भले ही परिवार के लोग किसी से पैसे नहीं लेने का दावा करें लेकिन लोग काफी चढ़ोतरी चढ़ा रहे हैं। एक आंकलन के मुताबिक परिवार के लोग करीब 10 से 15 लाख रुपया चढ़ोतरी में कमा चुके हैं। मासूम की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। परिवार के लोग उसे कहीं इलाज कराने के लिए ले गए हैं।
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भक्तों की जुबानी, गोलू बाबा की कहानी
मंझनपुर। मेड़रहा गांव के कृपाशंकर की मानें तो 29 अगस्त को वह बाबा गोलू के पास आया था। उसे जोड़ों में दर्द था। कृपाशंकर के मुताबिक अब उसे महज दो बार के दर्शन मात्र से पूरा आराम है। करारी के नोसे भी पेशे से चालक है। उसके पैरों के दर्द में भी आराम मिल चुका है। इस तरह की अफवाहों के बीच बेरूई गांव में चमत्कारी बाल संत गोलू के दर्शन को लेकर भीड़ जुटने लगी।
हालात बेकाबू होते देख खुफिया अलर्ट
मंझनपुर। कथित गोलू बाबा के दर्शन को लेकर लोगों की खासी भीड़ जुटने लगी। हालात यह है कि गांव की किसी भी सड़क से लोगों का पैदल निकलना दुश्वार हो गया है। गलियों में वाहनों के खड़े होने से जाम लगता है। इसे लेकर खुफिया विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दिया है। जिले के दो विधायक भी कथित बाबा का दर्शन कर चुके हैं। इसके कारण लोगों का विश्वास और भी जम गया। नतीजतन खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर कथित बाबा को भूमिगत करना पड़ गया। पुलिस को कहना है कि गोलू को परिवार के लोग कहीं रिश्तेदारी में छोड़ आए हैं वहीं परिवार के लोगों को कहना है कि बच्चे को पुलिस अपने साथ लेकर गई है।