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Kaushambi News: सीएचसी करारी में डॉक्टरों की कमी से मरीज परेशान
Mon, 10 Nov 2025 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 10 Nov 2025 01:26 AM IST
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करारी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इन दिनों डॉक्टरों और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। इससे इलाज कराने आने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टर के तीन और अन्य स्टाफ के पांच पद खाली हैं।
करारी सीएचसी में कुल सात डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में तीन फिजिशियन और एक दंत रोग विशेषज्ञ ही कार्यरत हैं। इसके अलावा सर्जन और स्त्रीरोग विशेषज्ञ के पद भी खाली है। स्टाफ-नर्स के दो पद रिक्त हैं और एक भी एएनएम तैनात नहीं है।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि यहां बीते छह महीनों से कोई सफाई कर्मी नहीं है, जिसके कारण अस्पताल परिसर में स्वच्छता प्रभावित हो रही है। डॉक्टरों और स्टाफ न होने पर मरीजों को आवश्यक इलाज नहीं मिल पा रहा और उन्हें मजबूरी में मेडिकल कॉलेज या निजी केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है।
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नेता नगर की रेखा देवी ने बताया कि स्त्री रोग की समस्या होने पर जब वह सीएचसी पहुंचीं तो कहा गया कि गायनी विशेषज्ञ नहीं है, जिसके कारण उन्हें मेडिकल कॉलेज जाना पड़ा। इसी तरह करारी के पंकज जायसवाल ने बताया कि पत्नी के इलाज के लिए सीएचसी जाना पड़ा, लेकिन विशेषज्ञ न होने से फिर मेडिकल कॉलेज के एमसीएचविंग ले जाना पड़ा।
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्जरी वाले मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता। यहां आने वाले मरीजों को मंझनपुर पीएचसी भेज दिया जाता है। बाकी मरीजों का इलाज किया जाता है। इसके अलावा अन्य कोई समस्या नहीं है।-- डॉ. बीबी अग्रवाल, अधीक्षक
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करारी सीएचसी में कुल सात डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में तीन फिजिशियन और एक दंत रोग विशेषज्ञ ही कार्यरत हैं। इसके अलावा सर्जन और स्त्रीरोग विशेषज्ञ के पद भी खाली है। स्टाफ-नर्स के दो पद रिक्त हैं और एक भी एएनएम तैनात नहीं है।
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सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि यहां बीते छह महीनों से कोई सफाई कर्मी नहीं है, जिसके कारण अस्पताल परिसर में स्वच्छता प्रभावित हो रही है। डॉक्टरों और स्टाफ न होने पर मरीजों को आवश्यक इलाज नहीं मिल पा रहा और उन्हें मजबूरी में मेडिकल कॉलेज या निजी केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है।
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नेता नगर की रेखा देवी ने बताया कि स्त्री रोग की समस्या होने पर जब वह सीएचसी पहुंचीं तो कहा गया कि गायनी विशेषज्ञ नहीं है, जिसके कारण उन्हें मेडिकल कॉलेज जाना पड़ा। इसी तरह करारी के पंकज जायसवाल ने बताया कि पत्नी के इलाज के लिए सीएचसी जाना पड़ा, लेकिन विशेषज्ञ न होने से फिर मेडिकल कॉलेज के एमसीएचविंग ले जाना पड़ा।
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्जरी वाले मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता। यहां आने वाले मरीजों को मंझनपुर पीएचसी भेज दिया जाता है। बाकी मरीजों का इलाज किया जाता है। इसके अलावा अन्य कोई समस्या नहीं है।